1st Bihar Published by: First Bihar Updated Apr 17, 2026, 3:52:56 PM
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Purnia Raid: बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई अब और तेज होती नजर आ रही है। ताजा मामला पूर्णिया से सामने आया है, जहां विजिलेंस टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक रेवन्यू अफसर और उसकी महिला सहयोगी को रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। खास बात यह है कि यह कार्रवाई महज 30 घंटे के भीतर दूसरी रेड है, जिससे प्रशासनिक गलियारों में खलबली मच गई है।
जानकारी के मुताबिक, पूर्णिया पूर्व अंचल में तैनात रेवन्यू अफसर लाल बाबू रजक पर आरोप है कि उन्होंने जमीन से जुड़े एक काम के बदले मोटी रकम की मांग की थी। गुलाबबाग वार्ड संख्या 35 निवासी ललिता देवी अपनी साढ़े तीन कट्ठा जमीन की स्टे रिपोर्ट जारी कराने के लिए कई दिनों से दफ्तर के चक्कर लगा रही थीं। आरोप है कि अफसर ने इस काम के बदले 50 हजार रुपये की मांग कर दी।
खुद को बचाने के लिए लाल बाबू रजक ने एक चाल चली। उन्होंने पीड़िता से कहा कि पैसे सीधे उन्हें न देकर उनकी महिला सहयोगी रूबी कुंडी को दे दिए जाएं। उन्हें लगा कि इस तरह वे सीधे रिश्वत लेते हुए पकड़े नहीं जाएंगे, लेकिन उनकी यह चाल ज्यादा देर तक काम नहीं आई।
रिश्वत की मांग से परेशान होकर ललिता देवी ने विजिलेंस ब्यूरो में शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद डीएसपी अमरेंद्र प्रसाद विद्यार्थी के नेतृत्व में टीम गठित की गई और पूरे मामले की जांच की गई। योजना बनाकर टीम ने जाल बिछाया और सही समय का इंतजार किया।
शुक्रवार को जैसे ही ललिता देवी ने 40 हजार रुपये की पहली किस्त रूबी कुंडी को सौंपी, पहले से मौजूद विजिलेंस टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए दोनों को रंगे हाथों पकड़ लिया। मौके से रिश्वत की पूरी रकम बरामद कर ली गई। पूछताछ में यह भी सामने आया कि कुल 50 हजार रुपये की डील हुई थी, जिसमें से 10 हजार रुपये बाद में देने थे।
पूर्णिया में इतने कम समय में दूसरी बड़ी कार्रवाई ने सरकारी दफ्तरों में हड़कंप मचा दिया है। यह साफ संकेत है कि अब भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्ती बढ़ रही है और ऐसे मामलों में लिप्त लोगों पर लगातार नजर रखी जा रही है। अधिकारी चाहे कितनी भी सावधानी बरतें, कानून की पकड़ से बच पाना आसान नहीं रह गया है।
विजिलेंस अधिकारियों के अनुसार, दोनों आरोपियों को हिरासत में लेकर आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी की जा रही है। उन्हें जल्द ही अदालत में पेश किया जाएगा। इस कार्रवाई के बाद उन कर्मचारियों में डर का माहौल है, जो आम लोगों के काम के बदले अवैध वसूली करते थे।
इस पूरे मामले में ललिता देवी की हिम्मत की भी चर्चा हो रही है। उन्होंने रिश्वत देने के बजाय कानून का रास्ता चुना और शिकायत दर्ज कराई। उनकी इस पहल ने यह दिखा दिया कि अगर लोग जागरूक होकर आगे आएं, तो भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई संभव है।