1st Bihar Published by: First Bihar Updated Aug 06, 2025, 3:08:52 PM
सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग से मांगा जवाब - फ़ोटो GOOGLE
PATNA: सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग से वोटर लिस्ट से हटाए गये 65 लाख वोटर्स की जानकारी देने को कहा है। बता दें कि एसडीआर ने चुनाव आयोग के 24 जून के आदेश को चुनौती दी है. चुनाव आयोग ने 24 जून को बिहार से शुरू कर देशभर में वोटर लिस्ट का एसआईआर कराने का निर्देश दिया था..अब इस मामले पर सुप्रीम कोर्ट में अगली सुनवाई 9 अगस्त को होनी है।
सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को बिहार में जारी विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया के तहत ड्राफ्ट वोटर लिस्ट से हटाए गए लगभग 65 लाख मतदाताओं का पूरा विवरण चुनाव आयोग (EC) से 9 अगस्त तक प्रस्तुत करने का आदेश दिया है।जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस उज्जल भुइयां और जस्टिस एन. कोटिश्वर सिंह की तीन-न्यायाधीशों की पीठ ने यह निर्देश दिया। कोर्ट ने निर्वाचन आयोग के वकील से कहा है कि वे हटाए गए 65 लाख मतदाताओं का विवरण प्रस्तुत करें और इसकी एक प्रति गैर सरकारी संगठन ‘एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स’ (ADR) को भी दें। जिसने चुनाव आयोग के 24 जून के आदेश को चुनौती दी थी।
ADR की याचिका में मांग की गई है कि आयोग यह स्पष्ट करे कि जिन मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं, वे मृत हैं, स्थायी रूप से पलायन कर गए हैं, या किसी अन्य कारण से हटाए गए हैं। हालांकि, पीठ ने स्पष्ट किया कि यह अभी केवल एक ड्राफ्ट लिस्ट है और नाम हटाने के कारणों को बाद में बताया जाएगा। कोर्ट ने यह भी कहा कि वह प्रभावित प्रत्येक मतदाता से संपर्क कर जरूरी जानकारी प्राप्त करेगा।
चुनाव आयोग ने अपने बयान में बताया कि 24 जून, 2025 को शुरू हुई SIR प्रक्रिया के तहत अब तक 91.69% मतदाताओं ने अपने गणना फॉर्म जमा किए हैं। आयोग के अनुसार, 7.89 करोड़ में से 7.24 करोड़ मतदाताओं ने जानकारी जमा कर दी है, और 1 अगस्त को प्रकाशित ड्राफ्ट सूची में केवल वही नाम शामिल किए गए हैं। इसका मतलब है कि 65 लाख नाम फिलहाल सूची से बाहर हैं। चुनाव आयोग ने SIR प्रक्रिया बिहार से शुरू कर पूरे देश में लागू करने का आदेश 24 जून को दिया था। अब इस मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट में अगली सुनवाई 9 अगस्त को होनी है।