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मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से मिले उपेंद्र कुशवाहा, शाहाबाद में ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप विकसित करने की मांग

11 शहरों में ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप विकसित करने की योजना को मिली मंजूरी के बीच उपेन्द्र कुशवाहा ने शाहाबाद में भी टाउनशिप बनाने की मांग सीएम सम्राट चौधरी से की है। उन्होंने बताया कि उम्मीद है जल्द ही सकारात्मक निर्णय की खबर भी सुनने को मिलेगी।

1st Bihar Published by: First Bihar Updated May 02, 2026, 8:20:32 PM

बिहार न्यूज

बातचीत साकारात्मक रहा: कुशवाहा - फ़ोटो सोशल मीडिया

Bihar satellite township:बिहार सरकार ने राज्य के 11 प्रमुख शहरों में अत्याधुनिक ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप विकसित करने की योजना को कैबिनेट में मंजूरी दी है। पटना (पाटलिपुत्र), सोनपुर (हरिहरनाथपुरम), गया (मगध), दरभंगा(मिथिला), पूर्णिया, सहरसा(कोसी), मुंगेर(अंग), सीतामढ़ी (सीतापुरम), सारण (छपरा), मुजफ्फरपुर (तिरहुत) और भागलपुर को टाउनशिप के लिए चुना गया है। लेकिन अब आरएलएम के राष्ट्रीय अध्यक्ष व राज्यसभा सांसद उपेन्द्र कुशवाहा ने शाहाबाद में भी टाउशिप बनाने की मांग कर दी है। अपनी इस मांग को लेकर आज वो मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से मिलने सीएम हाउस गये हुए थे। 


शाहाबाद में ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप बनाए जाने की मांग को लेकर उपेन्द्र कुशवाहा शनिवार को सीएम हाउस गये थे। जहां उन्होंने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के समक्ष अपनी बातें रखी। सीएम से मुलाकात के बाद जब वो बाहर निकले तब मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने अपनी इस मांग की जानकारी दी। उपेन्द्र कुशवाहा ने मीडिया को बताया कि बिहार में 11 जगहों को विकसित कर टाउनशिप बनाने की घोषणा राज्य सरकार कैबिनेट में कर चुकी है। यह सरकार का बहुत अच्छा निर्णय है, लेकिन शाहाबाद में भी टाउनशिप बनना चाहिए। शाहाबाद में भी टाउनशिप बनाने की मांग हमने मुख्यमंत्री के समक्ष रखी, बातचीत साकारात्मक रहा। 


उपेंद्र कुशवाहा ने आगे कहा कि हम उम्मीद करते हैं कि शाहाबाद भी ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप सिटी बनेगा। उपेन्द्र कुशवाहा ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर भी यह बातें कही। उन्होंने एक्स पर लिखा कि अभी मैंने माननीय मुख्यमंत्री श्री सम्राट चौधरी जी से मिल कर आग्रह किया है कि राज्य में अन्य जगहों की तरह सासाराम और डेहरी के पास भी सेटेलाइट सीटी का निर्माण कराया जाए। बातचीत बहुत सकारात्मक रही। उम्मीद है जल्द ही सकारात्मक निर्णय की खबर भी सुनने को मिलेगी।


बता दें कि यह परियोजना पूरी तरह से लैंड पूलिंग (भूमि-पूलिंग) मॉडल पर आधारित है, जहां विकसित भूमि का 55% हिस्सा किसानों को वापस किया जाएगा, जिससे इन क्षेत्रों में रियल एस्टेट और आर्थिक गतिविधियों में तेजी आएगी। पटना में पाटलिपुत्र टाउनशिप के नाम से अत्याधुनिक 'ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप' विकसित की जाएगी। पुनपुन,फतुहा,संपतचक,फुलवारीशरीफ,नौबतपुर,दनियावां, मसौढी और पटना ग्रामीण में नए शहर बनाएगी जिसमें 275 गांवों को शामिल किया जाएगा, जिसका उद्देश्य राजधानी में भीड़ कम करना और विश्वस्तरीय सुविधाएं प्रदान करना है।


बिहार में 11 सेटेलाइट टाउनशिप बनाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। टाउनशिप के लिए चिह्नित क्षेत्र को नगर विकास विभाग की ओर से तय एजेंसी विकसित करेगी। विकसित टाउनशिप के क्षेत्र का 55 फीसदी भूखंड मालिक को वापस किया जाएगा। फिलहाल राज्य सरकार ने 11 सेटेलाइट टाउनशिप के क्षेत्र में जमीन की खरीद-बिक्री पर रोक लगा दी है। सेटेलाइट टाउनशिप 800 से 1200 एकड़ में प्रस्तावित है। नगर विकास विभाग की ओर से गाइडलाइन तय की गई है। इसके अनुसार क्षेत्र में आवासीय क्षेत्र, वाणिज्यिक क्षेत्र, व्यवसायिक केंद्र, औद्योगिक क्षेत्र, नाले, पार्क, खुला मैदान, सड़क आदि की सुविधाएं विकसित की जाएंगी।



नगर विकास विभाग की ओर से चयन की गई एजेंसी काम को पूरा करेगी। टाउनशिप का 55 फीसदी भूखंड जमीन मालिकों को वापस किया जाएगा। इन्हें इनकी जमीन हिस्सेदारी के हिसाब से आवंटित किया जाएगा। विभाग का कहना है कि हर स्कीम की वित्तीय व्यवहार्यता के आधार पर मूल भूखंड मालिकों को लौटाई जाने वाली भूमि का अलग से निर्धारित किया जाएगा। विभाग का कहना है कि चिन्हित क्षेत्र का विकास निर्माण एजेंसी खुद अपने खर्च पर करेगी। कुल भूमि का अधिकतम 15 फीसद हिस्सा एजेंसी को बिक्री के लिए दिया जाएगा। यह हिस्सा आवासीय, वाणिज्यिक या औद्योगिक प्रकृति के अनुसार तय किया जाएगा।



टाउनशिप के चिन्हित क्षेत्र के प्रारूप का प्रकाशन किया जाएगा। इसके बाद एजेंसी जमीन मालिकों के साथ बैठक करेगी और आपत्ति-सुझाव मांगे जाएंगे। इसके बाद आपत्ति-सुझाव के हिसाब से संशोधित प्रारूप तैयार किया जाएगा। इस प्रारूप को नगर विकास विभाग के पास स्वीकृति के लिए भेजा जाएगा। इन जमीनों की खरीद बिक्री और इस पर भवनों के निर्माण कार्य पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाई गयी है।