PM Awas Yojana: प्रधानमंत्री शहरी आवास योजना (PMAY-Urban) के तहत राशि प्राप्त करने के बावजूद मकान नहीं बनाने वाले लाभुकों पर अब नगर निगम सख्ती बरतने जा रहा है। नगर आयुक्त विक्रम विरकर ने निर्माणाधीन मकानों की स्थलीय निरीक्षण के दौरान वस्तुस्थिति का जायज़ा लिया और स्पष्ट निर्देश दिए कि जो लाभुक अब तक निर्माण कार्य शुरू नहीं कर सके हैं या आधे-अधूरे मकान छोड़ चुके हैं, उन्हें एक माह के भीतर निर्माण कार्य पूरा करना होगा।
नगर निगम ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि चेतावनी जारी होने के 15 दिनों के भीतर अगर लाभुक मकान निर्माण का कार्य प्रारंभ नहीं करते हैं, तो उनसे दी गई सरकारी राशि की वसूली की जाएगी। इसके साथ ही ऐसे लाभुकों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने तक की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
नगर आयुक्त ने बताया कि बड़ी संख्या में लाभुकों ने योजना की प्रथम व द्वितीय किस्त (लगभग ₹1.5 लाख) की राशि प्राप्त कर ली है लेकिन उन्होंने मकान निर्माण की प्रक्रिया शुरू नहीं की। नगर निगम द्वारा पहले फेज में कुल 2,451 लाभुकों का चयन किया गया था, जिनमें से लगभग 1,800 लाभुकों ने मकान निर्माण पूरा कर लिया है। हालांकि करीब 650 लाभुक ऐसे हैं जिन्होंने या तो काम शुरू नहीं किया या अधूरा छोड़ दिया है।
नगर निगम ने इन अधूरे निर्माण कार्यों को एक महीने के भीतर पूरा कराने का लक्ष्य निर्धारित किया है। निगम की टीम लगातार स्थलीय निरीक्षण कर रही है और लाभुकों को व्यक्तिगत रूप से चेतावनी दी जा रही है। पहले चरण की सफलता के बाद अब नगर निगम प्रधानमंत्री शहरी आवास योजना 2.0 के दूसरे फेज में भी लाभुकों को सहायता राशि देने की तैयारी कर रहा है। इस चरण में कुल ₹2.5 लाख की सहायता दी जाएगी, जिसमें प्रथम किस्त के रुप में ₹1 लाख दूसरे किस्त मे ₹1 लाख और तृतीय किस्त में ₹50,000 दिया जाएगा। सभी किस्तों का भुगतान निर्माण प्रगति के अनुसार किया जाएगा।
नगर निगम की यह सख्त पहल केंद्र सरकार की मंशा को आगे बढ़ाती है, जो चाहती है कि हर पात्र व्यक्ति को पक्का मकान मिले। वहीं, जिन लोगों ने सरकारी धन का दुरुपयोग किया है, उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई कर जवाबदेही तय की जाएगी।





