ब्रेकिंग
पटना में इंगेजमेंट से पहले युवती अस्पताल में भर्ती, लड़के के खिलाफ केस दर्ज कराने से किया इनकार, क्या है पूरा मामला जानिये?बिहार में RTE के उल्लंघन पर सख्ती, शिक्षा विभाग ने 43 प्राइवेट स्कूलों से मांगा जवाबअतिक्रमण मुक्त होंगी बेतिया राज की जमीनें, 250 से अधिक मकानों पर जल्द चलेगा बुलडोजरबिहार में विकास कार्यों में सुस्ती पर प्रधान सचिव ने अफसरों को हड़काया, कहा- काम में देरी करने वाले अव्वल दर्जे के चोरमोतिहारी शराब कांड: दो और लोगों की गई जान, मृतकों की संख्या बढ़कर 9 हुई, कई का अब भी इलाज जारीपटना में इंगेजमेंट से पहले युवती अस्पताल में भर्ती, लड़के के खिलाफ केस दर्ज कराने से किया इनकार, क्या है पूरा मामला जानिये?बिहार में RTE के उल्लंघन पर सख्ती, शिक्षा विभाग ने 43 प्राइवेट स्कूलों से मांगा जवाबअतिक्रमण मुक्त होंगी बेतिया राज की जमीनें, 250 से अधिक मकानों पर जल्द चलेगा बुलडोजरबिहार में विकास कार्यों में सुस्ती पर प्रधान सचिव ने अफसरों को हड़काया, कहा- काम में देरी करने वाले अव्वल दर्जे के चोरमोतिहारी शराब कांड: दो और लोगों की गई जान, मृतकों की संख्या बढ़कर 9 हुई, कई का अब भी इलाज जारी

फल्गु नदी में पानी छोड़े जाने के बाद मछली पकड़ने के लिए उमड़ी भीड़, प्रशासन की चेतावनी भी नजरअंदाज

Bihar News: फल्गु नदी में रबर डैम से पानी छोड़े जाने के बाद मछलियों की भरमार हो गई, जिसे पकड़ने के लिए लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी, प्रशासन की चेतावनी के बावजूद लोग नदी में उतर रहे हैं।

Bihar News
© Reporter
Mukesh Srivastava
|
|AMP
विज्ञापन — Rectangle

Bihar News: फल्गु नदी बीते तीन दिनों से अचानक चर्चा का केंद्र बनी हुई है। इसकी वजह रबर डैम से छोड़ा गया पानी है, जिसने नदी का पूरा मंजर बदल दिया। शनिवार सुबह नदी में बहते पानी के साथ बड़ी संख्या में मछलियां आने लगीं, जिसके बाद बच्चों से लेकर बड़े तक मछली पकड़ने के लिए उमड़ पड़े। कोई जाल से तो कोई टोकरी और हाथों से मछलियां पकड़ता नजर आया। पूरे इलाके में मेले जैसा माहौल बन गया और बच्चों की आवाज से नदी किनारा गुलजार हो उठा।


दरअसल, जिला प्रशासन ने रबर डैम की सफाई के लिए 3 अप्रैल की रात पानी को डाउनस्ट्रीम में छोड़ने का फैसला लिया था। शुक्रवार देर रात पानी छोड़े जाने के बाद शनिवार को इसका असर साफ दिखा। पानी के साथ बहकर आई मछलियों की खबर फैलते ही बड़ी संख्या में लोग नदी की ओर दौड़ पड़े।


फल्गु नदी एक बरसाती नदी है, जहां मानसून के दौरान डैम के अपस्ट्रीम में जमा पानी का उपयोग सालभर तर्पण और पिंडदान के लिए किया जाता है। मार्च के बाद जलस्तर धीरे-धीरे घटने लगता है और श्रद्धालुओं द्वारा प्रवाहित पूजा सामग्री के कारण पानी दूषित हो जाता है। 


देवघाट और आसपास के घाटों पर दुर्गंध की समस्या भी बढ़ जाती है, जिससे शहर की छवि प्रभावित होती है। इसी स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने बचा हुआ पानी डाउनस्ट्रीम में छोड़ने का निर्णय लिया, ताकि मानसून 2026 से पहले डैम और घाटों की साफ-सफाई कराई जा सके। इस कार्य को जल संसाधन विभाग और जिला प्रशासन मिलकर पूरा करेंगे।


हालांकि, प्रशासन ने संगत घाट, ब्राह्मणी घाट समेत डाउनस्ट्रीम क्षेत्र में लोगों के नदी में उतरने पर सख्त चेतावनी जारी की है, ताकि किसी भी तरह की दुर्घटना से बचा जा सके। इसके बावजूद बड़ी संख्या में लोग नदी में उतरकर मछली पकड़ रहे हैं, जिससे हादसे की आशंका बनी हुई है।

रिपोर्ट: नितम राज

इस खबर के बारे में

रिपोर्टर / लेखक

Mukesh Srivastava

FirstBihar न्यूज़ डेस्क

विज्ञापन

संबंधित खबरें