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Vikramshila Setu : विक्रमशिला सेतु पर बड़ा अपडेट! IIT रूड़की करेगा पुल की जांच, नवंबर तक फिर शुरू हो सकती है पूरी आवाजाही

भागलपुर के विक्रमशिला सेतु की मजबूती की जांच IIT रूड़की करेगा। पुल पुनर्स्थापन की तैयारी तेज, नवंबर 2026 तक काम पूरा करने का लक्ष्य।

1st Bihar Published by: First Bihar Updated Jul 02, 2026, 7:00:20 AM

Vikramshila Setu

Vikramshila Setu - फ़ोटो Ai photo

Vikramshila Setu : बिहार के भागलपुर स्थित महत्वपूर्ण विक्रमशिला सेतु के पुनर्स्थापन को लेकर बड़ी पहल शुरू हो गई है। पुल की मरम्मत और मजबूती का काम शुरू करने से पहले इसकी तकनीकी जांच कराई जाएगी। इसके लिए IIT रूड़की को जिम्मेदारी दी गई है। संस्थान के विशेषज्ञ पुल के हर हिस्से की गहन जांच करेंगे और उनकी रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।


पथ निर्माण विभाग और बिहार राज्य पुल निर्माण निगम ने विक्रमशिला सेतु के पुनर्स्थापन की तैयारी तेज कर दी है। विभाग की ओर से IIT रूड़की से जांच कराने का निर्णय लिया गया है। बताया जा रहा है कि निगम और IIT रूड़की के बीच इस संबंध में सहमति बन चुकी है। जल्द ही विशेषज्ञों की टीम पुल का निरीक्षण शुरू कर सकती है।


गंगा में गिर गया था पुल का एक स्पैन

बता दें कि विक्रमशिला सेतु का एक स्पैन 3 मई 2026 को क्षतिग्रस्त होकर गंगा नदी में गिर गया था। घटना के बाद इस पुल पर वाहनों की आवाजाही प्रभावित हो गई थी। लोगों की परेशानी को देखते हुए अस्थायी व्यवस्था के तौर पर बेली ब्रिज तैयार किया गया, जिसके जरिए छोटे वाहनों का परिचालन 7 जून से शुरू किया गया।


अब पुल को पूरी क्षमता के साथ दोबारा चालू करने के लिए पुनर्स्थापन कार्य की योजना बनाई जा रही है। हालांकि, काम शुरू करने से पहले पुल की वर्तमान स्थिति, संरचना की मजबूती और तकनीकी खामियों का पता लगाना जरूरी है। इसी उद्देश्य से IIT रूड़की की जांच कराई जा रही है


जांच रिपोर्ट के बाद शुरू होगा पुनर्निर्माण कार्य

विभागीय अधिकारियों के अनुसार IIT रूड़की की टीम पुल के अलग-अलग हिस्सों की जांच करेगी। इसमें पुल के ढांचे, स्पैन, पिलर और अन्य तकनीकी पहलुओं का अध्ययन किया जाएगा। जांच पूरी होने के बाद विशेषज्ञों की रिपोर्ट के आधार पर पुनर्स्थापन का डिजाइन और कार्य योजना तैयार होगी।


अधिकारियों का कहना है कि IIT रूड़की करीब तीन से चार सप्ताह में अपनी जांच पूरी कर सकती है। इसके बाद रिपोर्ट के आधार पर पुल की मरम्मत और पुनर्स्थापन का काम आगे बढ़ाया जाएगा।


सावन के बाद शुरू होगा काम

विभाग ने संकेत दिया है कि विक्रमशिला सेतु का पुनर्स्थापन कार्य सावन महीने के बाद शुरू किया जाएगा। योजना के अनुसार नवंबर 2026 तक पुल को फिर से पूरी तरह तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके बाद पहले की तरह सभी प्रकार के वाहनों का आवागमन शुरू होने की उम्मीद है।


उत्तर और दक्षिण बिहार को जोड़ता है विक्रमशिला सेतु

विक्रमशिला सेतु केवल भागलपुर ही नहीं, बल्कि पूरे बिहार के लिए बेहद महत्वपूर्ण पुल है। गंगा नदी पर बना यह पुल उत्तर बिहार और दक्षिण बिहार को सीधे जोड़ता है। इसके अलावा बिहार और झारखंड के बीच आवागमन को भी आसान बनाता है।


पुल के बंद होने या सीमित संचालन का असर हजारों यात्रियों, व्यापारियों और स्थानीय लोगों पर पड़ता है। ऐसे में इसके जल्द और सुरक्षित पुनर्स्थापन को लेकर लोगों की नजरें अब IIT रूड़की की जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं।


सरकार और विभाग की कोशिश है कि तकनीकी जांच के बाद ऐसा समाधान निकाला जाए, जिससे विक्रमशिला सेतु लंबे समय तक सुरक्षित और मजबूत बना रहे।