1st Bihar Published by: FIRST BIHAR Updated May 24, 2026, 4:02:08 PM
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Bihar News: बिहार में उच्च शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने और विश्वविद्यालयों में प्रभावी प्रशासनिक व्यवस्था स्थापित करने के लिए राज्यपाल एवं कुलाधिपति सैयद अता हसनैन ने कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की हैं। इसके तहत अब विश्वविद्यालयों को डिजिटल सिस्टम और पारदर्शी प्रशासन की ओर तेजी से बढ़ाया जाएगा।
राज्य में सभी विश्वविद्यालयों में “समर्थ पोर्टल” को मिशन मोड में लागू किया जाएगा। इसके प्रभावी क्रियान्वयन और उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विश्वविद्यालयों को एक लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि देने का भी निर्णय लिया गया है। इसके साथ ही प्रत्येक विश्वविद्यालय में समर्थ पोर्टल के संचालन और निगरानी के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त किए जाएंगे। साथ ही, निगरानी व्यवस्था को मजबूत करने के लिए मुख्य सतर्कता अधिकारी भी नामित किए जाएंगे।
राज्यपाल ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि सभी विश्वविद्यालयों में समर्थ पोर्टल के सभी मॉड्यूल्स को अनिवार्य रूप से लागू किया जाए। अब नामांकन, परीक्षा प्रबंधन, परिणाम प्रकाशन, शिक्षक और कर्मचारी प्रबंधन, उपस्थिति, अवकाश व्यवस्था, सेवा संबंधी कार्य और वेतन भुगतान सहित सभी प्रशासनिक और शैक्षणिक कार्य इसी पोर्टल के माध्यम से किए जाएंगे।
इसके अलावा सभी विश्वविद्यालयों को शैक्षणिक कैलेंडर का सख्ती से पालन करने का निर्देश भी दिया गया है। शिक्षण और गैर-शिक्षण कर्मचारियों की कमी को दूर करने के लिए तत्काल कार्रवाई करने और रिक्त पदों की सूची बिहार लोक भवन को भेजने को कहा गया है।
निर्देशों के अनुसार, विश्वविद्यालयों को सरकार से मिलने वाले अनुदान का पूरा हिसाब और उपयोगिता प्रमाण-पत्र नियमित रूप से प्रस्तुत करना होगा। सार्वजनिक धन के उपयोग में विश्वविद्यालयों को पूरी तरह जवाबदेह बनाया जाएगा। गौरतलब है कि बिहार के विश्वविद्यालयों में लगभग चार हजार सहायक प्राध्यापक और सात हजार से अधिक गैर-शिक्षण कर्मचारियों के पद लंबे समय से रिक्त पड़े हैं।