PATNA: बिहार विधानसभा चुनाव में मिली हार से सबक लेते हुए राष्ट्रीय जनता दल (RJD) में बड़े संगठनात्मक बदलाव होने जा रहे हैं। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने अपनी पार्टी राजद में ऑपरेशन क्लीन चलाने का फैसला लिया है, जिसके तहत भितरघाती और निष्क्रिय नेताओं पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, प्रदेश से लेकर जिला और प्रखंड स्तर तक की सभी कमेटियां भंग की जाएंगी और नए सिरे से पदाधिकारियों की नियुक्ति होगी। नई कमेटियों में सभी जाति और धर्म के लोगों की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी, ताकि संगठन को अधिक प्रभावी और मजबूत बनाया जा सके।
अब पार्टी दफ्तर में नियमित बैठेंगे तेजस्वी यादव
अब तक आम लोगों की पहुंच से दूर रहने के आरोप झेल रहे तेजस्वी यादव ने फैसला लिया है कि वो पटना स्थित RJD प्रदेश कार्यालय में नियमित रूप से बैठेंगे और पार्टी की गतिविधियों पर सीधे नजर रखेंगे। पार्टी में अनुशासन को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी।
बिहार RJD अध्यक्ष बदलने की भी चर्चा
पार्टी सूत्रों का कहना है कि प्रदेश अध्यक्ष मंगनीलाल मंडल के स्वास्थ्य को देखते हुए बिहार RJD की कमान किसी युवा और ऊर्जावान नेता को सौंपी जा सकती है। इस पर 25 जनवरी को होने वाली राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में औपचारिक निर्णय लिया जा सकता है।
300 भितरघातियों पर होगी कार्रवाई
चुनाव से पहले पार्टी से बगावत करने वाले करीब 300 नेताओं की सूची प्रदेश अध्यक्ष द्वारा तेजस्वी यादव को सौंपी जा चुकी है। इन सभी पर सख्त कार्रवाई करते हुए पार्टी से बाहर का रास्ता दिखाया जाएगा। इसके अलावा प्रदेश कार्यालय में अनुशासन तोड़ने वाले आधा दर्जन से अधिक लोगों को भी चिह्नित किया गया है। सोशल मीडिया पर पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल लगभग तीन दर्जन नेताओं पर भी कार्रवाई तय मानी जा रही है। साथ ही, चुनाव के दौरान निष्क्रिय रहे पदाधिकारियों को संगठन से बाहर किया जाएगा।
सड़क से सदन तक आक्रामक होगी RJD
पार्टी का मानना है कि तेजस्वी यादव के नेतृत्व में करीब 1 करोड़ 90 लाख मतदाताओं ने RJD और महागठबंधन पर भरोसा जताया है। जनता की उम्मीदों पर खरा उतरने के लिए पार्टी अब सड़क से लेकर सदन तक जनहित के मुद्दों पर अधिक आक्रामक रुख अपनाएगी। अब देखने वाली बात होगी कि तेजस्वी यादव ऑपरेशन क्लीन कब चलाएंगे और कब से पार्टी दफ्तर में बैठेंगे।





