DESK: मशहूर डांसर सपना चौधरी अपने खिलाफ जारी जमानती वारंट को निरस्त कराने के लिए शनिवार को लखनऊ की एक अदालत में पेश हुईं। प्रभारी एसीजेएम अनुपम दुबे ने सुनवाई के बाद उन पर 1400 रुपये का हर्जाना लगाते हुए जमानती वारंट को निरस्त कर दिया। साथ ही अदालत ने 60,000 रुपये का मुचलका दाखिल करने का आदेश दिया। मामले पर अगली सुनवाई 28 अप्रैल को होगी।
कोर्ट में पेशी के बाद सपना चौधरी ने कहा कि सच और आरोप में फर्क होता है। यदि मैं दोषी होती तो क्या मैं बाहर होती? आरोप लगना एक बात है और दोष साबित होना दूसरी। जब कुछ साबित होगा, तब मैं जरूर जवाब दूंगी। अभी कुछ साबित नहीं हुआ है और कोर्ट में सब ठीक रहा।
बता दें कि यह मामला 13 अक्टूबर 2018 का है, जब आशियाना चौकी के उप निरीक्षक फिरोज खान ने सपना चौधरी और अन्य आरोपियों रत्नाकर उपाध्याय, अमित पांडे, इबाद अली, नवीन शर्मा और जुनैद अहमद के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई थी।
आरोप है कि लखनऊ के स्मृति उपवन में एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया था, जिसके लिए प्रति व्यक्ति 300 रुपये के हिसाब से हजारों टिकट बेचे गए थे। लेकिन रात 10 बजे तक सपना चौधरी के मंच पर न पहुंचने से भीड़ उग्र हो गई और हंगामा और तोड़फोड़ करने लगे।
पुलिस ने जांच के बाद 2019 में सपना चौधरी समेत अन्य आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी। काफी समय तक अदालत में पेश न होने के बाद अब सपना चौधरी ने कोर्ट में उपस्थित होकर कानूनी प्रक्रिया में सहयोग करने का भरोसा दिलाया है।





