PATNA: पिछले एक हफ्ते से ज्यादा समय से राजधानी पटना के कई इलाके भीषण जल जमाव के संकट से जूझ रहे हैं. हालात यह है कि अभी भी शहर के कई हिस्सों में घुटने से ज्यादा पानी जमा हुआ है. सरकार बाहर से हाई कैपिसीटी पंपों को पटना मंगवाकर पानी निकालने की व्यवस्था कर रही है लेकिन अभी भी शहर को पूरी तरह जल जमाव से मुक्त नहीं किया जा सका है. राजधानी की बिगड़ी सूरत पर सत्ताधारी दल के दोनों दल बीजेपी और जेडीयू के नेता एक दूसरे पर लापरवाही का आरोप लगा रहे हैं. लेकिन जल जमाव और तमाम तकलीफों से जनता को निजात दिलाने में इन नेताओं की गंभीर दिलचस्पी नहीं दिखती है. अब पाटलिपुत्र से बीजीपी सांसद ने भी पटना और इसके आसपास के इलाकों में भीषण जल जमाव को लेकर सरकार पर लापरवाही का आरोप लगाया है.
सरकारी लापरवाही का आरोप
रामकृपाल यादव ने आरोप लगाते हुए कहा कि सरकारी स्तर पर ऐसी आपदा से निबटने के लिए गंभीर कोशिश नहीं की गई. उन्होंने कहा कि सरकारी स्तर पर प्लानिंग का साफ अभाव दिखा है और इस बात की जांच की जानी चाहिए. उन्होंने कहा कि सरकार के लापरवाह अधिकारी किसी की बात नहीं सुनते और वो मनमर्जी करते हैं. बीजेपी सांसद ने कहा कि ऐसे अधिकारियों के खिलाफ जांच कराकर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए.
मकानों ने बढ़ायी मुसीबत
बीजेपी सांसद ने राजधानी में जल जमाव के लिए शहर में बन रहे मकानों को भी जिम्मेदार बताया और कहा कि पहले नक्शा बनाया जाता था और उसके बाद मकानों का निर्माण कराया जाता था लेकिन अब न तो नक्शा बनता है, न नालों का निर्माण होता है लेकिन इससे पहले ही मकानों का निर्माण हो जाता है. रामकृपाल यादव ने कहा कि ऐसे बिना नक्शे के मकानों के निर्माण से ही पटना में इस तरह की समस्या आयी है.




