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टाइल्स मिस्त्री के बेटे ने किया कमाल, शुभम ने जमुई का नाम किया रोशन

जमुई के गुगुलडीह के छात्र शुभम कुमार ने मैट्रिक में 483 अंक (96.6%) हासिल कर राज्य में 8वां स्थान प्राप्त किया। साधारण परिवार से आने वाले शुभम की मेहनत और लगन ने पूरी गांव और जिले का नाम रोशन किया।

बिहार न्यूज
घर में खुशी का माहौल
© रिपोर्टर
Jitendra Vidyarthi
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JAMUI: जमुई जिले के बरहट प्रखंड अंतर्गत उत्क्रमित माध्यमिक विद्यालय गुगुलडीह के मेधावी छात्र शुभम कुमार तांती ने बिहार विद्यालय परीक्षा समिति द्वारा घोषित मैट्रिक परीक्षा परिणाम में शानदार सफलता हासिल करते हुए पूरे राज्य में आठवां स्थान प्राप्त किया है। शुभम ने 483 अंक लाकर 96.6 प्रतिशत अंक हासिल किए, जिससे न केवल उनके विद्यालय बल्कि पूरे गांव और जिले में गर्व और खुशी का माहौल है।


परिणाम घोषित होते ही शुभम के घर और विद्यालय में बधाई देने वालों का तांता लग गया। ग्रामीणों ने मिठाइयां बांटकर इस उपलब्धि का जश्न मनाया। साधारण परिवार से आने वाले शुभम की सफलता के पीछे उनकी कड़ी मेहनत और परिवार का संघर्ष साफ झलकता है। उनके पिता एक टाइल्स मिस्त्री हैं, जो परिवार के भरण-पोषण के लिए बाहर रहकर काम करते हैं। उन्होंने बताया कि शुभम बचपन से ही पढ़ाई के प्रति बेहद गंभीर रहा है और देर रात तक पढ़ाई करता था। कई बार उन्हें बेटे को सोने के लिए समझाना पड़ता था।


शुभम की माता भी परिवार की आर्थिक मदद के लिए बीड़ी बनाने का कार्य करती हैं। उन्होंने भावुक होकर कहा कि बेटे की सफलता ने उनकी सारी मेहनत को सार्थक कर दिया। सीमित संसाधनों के बावजूद शुभम ने कभी किसी सुविधा की मांग नहीं की और पूरी लगन के साथ अपनी पढ़ाई जारी रखी।


शुभम ने अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता, शिक्षकों और नियमित स्वाध्याय को दिया है। उन्होंने बताया कि उन्होंने एक निर्धारित दिनचर्या के अनुसार पढ़ाई की और हर विषय पर गहराई से ध्यान दिया। विशेष रूप से गणित और विज्ञान में अधिक अभ्यास कर अपनी पकड़ मजबूत बनाई। उनके बड़े भाई, जो इंटरमीडिएट में विज्ञान संकाय के छात्र हैं, भी उनके प्रेरणास्रोत रहे हैं।


विद्यालय के प्रधानाध्यापक सत्यनारायण प्रसाद कुर्मी और शिक्षक मनीष दुबे ने इसे विद्यालय के लिए गौरवपूर्ण क्षण बताया। उन्होंने कहा कि वर्ष 2016 से उनका सपना था कि विद्यालय का कोई छात्र राज्य के टॉप-10 में स्थान बनाए, जो अब पूरा हो गया है। उन्होंने उम्मीद जताई कि शुभम की सफलता अन्य छात्रों को भी प्रेरित करेगी। शुभम आगे विज्ञान संकाय से पढ़ाई जारी रखते हुए इंजीनियर बनने का लक्ष्य रखते हैं। उनकी यह उपलब्धि ग्रामीण प्रतिभा की एक बड़ी जीत के रूप में देखी जा रही

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Jitendra Vidyarthi

FirstBihar न्यूज़ डेस्क

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