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पटना इंस्टीट्यूट ऑफ नर्सिंग एंड पैरामेडिकल साइंस में फिजियोथेरेपी पर कार्यशाला का आयोजन, विशेषज्ञों ने साझा किए अनुभव

Patna News: पटना इंस्टीट्यूट ऑफ नर्सिंग एंड पैरामेडिकल साइंस (PINPMS) में "Physiotherapy & Its Revolutionary Role in Critical Care Unit" विषय पर एक विशेष कार्यशाला का आयोजन किया गया।

1st Bihar Published by: FIRST BIHAR Updated Jun 12, 2026, 8:10:48 PM

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Patna News: पटना इंस्टीट्यूट ऑफ नर्सिंग एंड पैरामेडिकल साइंस (PINPMS), न्यू जगनपुरा, पटना के फिजियोथेरेपी विभाग द्वारा आज "Physiotherapy & Its Revolutionary Role in Critical Care Unit" विषय पर एक दिवसीय विशेष कार्यशाला का सफल आयोजन किया गया। इस कार्यशाला का उद्देश्य विद्यार्थियों एवं स्वास्थ्यकर्मियों को क्रिटिकल केयर यूनिट (ICU) में फिजियोथेरेपी की महत्वपूर्ण भूमिका, आधुनिक तकनीकों तथा नवीनतम उपचार पद्धतियों की जानकारी प्रदान करना था।कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन के साथ किया गया। 


इस अवसर पर मुख्य वक्ता डॉ. विलियम, संस्थान के प्राचार्य डॉ. ए. के सोनी, श्रीमती लक्ष्मी, डॉ. विवेक पांडेय, डॉ. उमाशंकर, डॉ. मुग्धा एवं संस्थान के सभी विभागों के सम्मानित फैकल्टी सदस्यों ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर कार्यशाला का विधिवत उद्धाटन किया। दीप प्रज्वलन के पश्चात अतिथियों का स्वागत पुष्पगुच्छ एवं स्मृति-चिह्न प्रदान कर किया गया। इस अवसर पर उपस्थित सभी शिक्षकों एवं विद्यार्थियों ने कार्यशाला की सफलता हेतु अपनी शुभकामनाएँ व्यक्त कीं। यह गरिमामय उद्धाटन समारोह ज्ञान, सेवा एवं स्वास्थ्य शिक्षा के प्रति संस्थान की प्रतिबद्धता का प्रतीक रहा तथा पूरे कार्यक्रम को एक प्रेरणादायक शुरुआत प्रदान की।


कार्यक्रम के मुख्य वक्ता एवं विशेषज्ञ डॉ. विलियम ,BPT, MPT (Neuro) थे, जिन्होंने अपने व्यापक अनुभव एवं ज्ञान के आधार पर प्रतिभागियों को क्रिटिकल केयर फिजियोथेरेपी के विभिन्न पहलुओं से अवगत कराया। उन्होंने बताया कि ICU में भर्ती गंभीर रोगियों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ, श्वसन क्रियाओं में सुधार, मांसपेशियों की शक्ति बनाए रखने तथा रोगियों की कार्यात्मक क्षमता को पुनर्स्थापित करने में फिजियोथेरेपी की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।


कार्यशाला के दौरान डॉ. विलियम ने आधुनिक फिजियोथेरेपी तकनीकों, रोगी प्रबंधन, मोबिलाइजेशन तकनीक, श्वसन व्यायाम तथा न्यूरो-रिहैबिलिटेशन से संबंधित महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत चर्चा की। साथ ही विद्यार्थियों के प्रश्नों का उत्तर देकर उनके व्यावहारिक एवं तकनीकी ज्ञान को भी समृद्ध किया।


संस्थान के प्राचार्य डॉ. ए. के. सोनी ने अपने संबोधन में कहा कि वर्तमान स्वास्थ्य व्यवस्था में फिजियोथेरेपी का महत्व निरंतर बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की कार्यशालाएँ विद्यार्थियों को अकादमिक ज्ञान के साथ-साथ व्यावहारिक अनुभव भी प्रदान करती हैं, जिससे वे भविष्य में बेहतर स्वास्थ्य सेवाएँ देने के लिए सक्षम बनते हैं।


कार्यक्रम में संस्थान के सभी विभागों के शिक्षकगण, फिजियोथेरेपी विभाग के छात्र-छात्राएँ एवं अन्य स्वास्थ्य शिक्षा से जुड़े प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यशाला के अंत में प्रतिभागियों ने इसे अत्यंत ज्ञानवर्धक एवं प्रेरणादायक बताते हुए आयोजकों के प्रति आभार व्यक्त किया। यह कार्यशाला संस्थान की गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, व्यावहारिक प्रशिक्षण एवं स्वास्थ्य क्षेत्र में उत्कृष्टता के प्रति प्रतिबद्धता का एक महत्वपूर्ण उदाहरण रही।