1st Bihar Published by: First Bihar Updated May 15, 2026, 7:31:49 AM
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पटना: बिहार की राजधानी पटना में आम जनता को आज महंगाई का एक और झटका लगा है। इंडियन ऑयल द्वारा जारी नए रेट के अनुसार पेट्रोल और डीजल दोनों के दाम में 3-3 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इस बढ़ोतरी के बाद पटना में पेट्रोल की कीमत बढ़कर 109.65 रुपये प्रति लीटर तक पहुंच गई है, जबकि डीजल 91.49 रुपए से बढ़कर 93.49 रुपए प्रति लीटर पहुंच गया है। अचानक हुई इस वृद्धि से दैनिक उपयोग की वस्तुओं से लेकर परिवहन लागत तक पर असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है।
जानकारी के मुताबिक, इससे पहले पटना में पेट्रोल 106.65 रुपये प्रति लीटर और डीजल 91.49 रुपये प्रति लीटर के आसपास बिक रहा था। यानी दोनों ईंधनों की कीमत में सीधा 3 रुपये का इजाफा हुआ है। तेल कंपनियों के इस फैसले के बाद शहर में वाहन चालकों और परिवहन व्यवसाय से जुड़े लोगों में चिंता का माहौल है।
ईंधन की कीमतों में इस बढ़ोतरी का असर केवल निजी वाहनों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसका सीधा प्रभाव ऑटो, बस, टैक्सी और माल ढुलाई पर भी पड़ने वाला है। ट्रांसपोर्ट कारोबारियों का कहना है कि डीजल महंगा होने से माल भाड़ा बढ़ेगा, जिसका असर अंततः सब्जियों, अनाज और रोजमर्रा की वस्तुओं की कीमतों पर भी दिखाई देगा।
गौरतलब है कि पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने हाल ही में बयान दिया था कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल और ऑयल मार्केटिंग कंपनियों की अंडर रिकवरी के कारण भारी आर्थिक दबाव बना हुआ है। उन्होंने बताया था कि तेल कंपनियों को रोजाना लगभग 1,000 करोड़ रुपये का नुकसान हो रहा है। यह अंडर रिकवरी करीब 1.98 लाख करोड़ रुपये तक पहुंचने का अनुमान है, जबकि तिमाही घाटा लगभग 1 लाख करोड़ रुपये के आसपास बताया जा रहा है।
मंत्री के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें पहले 64-65 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर थीं, जो अब बढ़कर लगभग 115 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई हैं। इसी कारण घरेलू बाजार में कीमतों पर दबाव बढ़ा है। हालांकि उन्होंने यह भी दावा किया कि भारत उन चुनिंदा देशों में शामिल है, जहां 2022 के बाद लंबे समय तक ईंधन कीमतों में बड़ा बदलाव नहीं किया गया।
पटना के स्थानीय नागरिकों का कहना है कि लगातार बढ़ती महंगाई के बीच पेट्रोल-डीजल की कीमतों में यह वृद्धि उनके मासिक बजट को बिगाड़ देगी। रोजाना ऑफिस आने-जाने वाले कर्मचारियों, छात्रों और छोटे व्यवसायियों पर इसका सबसे ज्यादा असर पड़ने की संभावना है। कई लोगों ने सरकार से मांग की है कि बढ़ती कीमतों पर नियंत्रण के लिए ठोस कदम उठाए जाएं।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें इसी तरह बनी रहीं तो आने वाले दिनों में और भी उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकते हैं। ऐसे में आम जनता को आने वाले समय में राहत मिलने की संभावना फिलहाल कम नजर आ रही है।फिलहाल पटना में बढ़ी हुई कीमतें लागू हो चुकी हैं और पेट्रोल पंपों पर नई दरों के अनुसार बिक्री शुरू हो गई है। लोगों की नजर अब सरकार और तेल कंपनियों के अगले फैसले पर टिकी हुई है।