Bihar crime news: पटना के दानापुर के खगौल थाना क्षेत्र में बुधवार की शाम एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई। मुस्तफापुर के पास बाइक सवार अपराधियों ने 24 वर्षीय युवक रौशन कुमार की गोली मारकर हत्या कर दी। रौशन, परसा बाजार के पलंगा गांव के निवासी राकेश कुमार सिंह का पुत्र था, जो इन दिनों कोथवां स्थित अपने ननिहाल में रह रहा था।
बुधवार की शाम करीब 6 बजे, एक दोस्त के फोन पर वह घर से निकला था। उसके साथ गांव के ही दोस्त अंशु और रिशू भी थे। तीनों एक ही बाइक पर सवार होकर वाटर पार्क की ओर निकले थे, जहां रौशन पहले काम करता था और बकाया पैसे लेने गया था।
जब वे मुस्तफापुर के पास पहुंचे, तो केटीएम बाइक पर सवार तीन अज्ञात युवक, जो गमछे से चेहरा ढंके हुए थे, पीछे से आए और उनकी बाइक को आगे से घेर लिया। बाइक रुकते ही अपराधियों ने रौशन को खींचा और सीने में गोली मार दी। गोली लगते ही रौशन पास खड़ी एक कार की ओर भागा, जो उसके दोस्त गणेश के रिश्तेदार की थी। दोस्त उसे लेकर सगुना स्थित एक निजी अस्पताल फिर अनुमंडलीय अस्पताल पहुंचे, लेकिन डॉक्टरों ने रौशन को मृत घोषित कर दिया।
घटना की जानकारी मिलते ही एएसपी भानु प्रताप सिंह और थानाध्यक्ष कुमार रौशन मौके पर पहुंचे और जांच शुरू कर दी। पुलिस ने घटनास्थल से हत्या में इस्तेमाल हथियार और रौशन की बाइक बरामद की है। एएसपी ने बताया कि रौशन को पहले भी गोली मारी गई थी और मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है। अपराधियों की पहचान कर उनकी गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी है।
रौशन की मां संगीता देवी ने अस्पताल में रोते हुए बताया कि चार महीने पहले भी लखनीबिगहा में चाय-नाश्ते की एक झोपड़ी पर आपसी विवाद को लेकर बुल्ला नामक युवक ने रौशन को गोली मारकर जख्मी कर दिया था। उन्होंने बताया, "हमर बेटवा के बुला के आखिर जान मार ही देलक… दू दिन से रौशन कह रहले हल – हमरा मार देतउ… और आज ओकर बात सच हो गेल…"
यह हत्या न सिर्फ पटना पुलिस के लिए एक चुनौती बन गई है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि कैसे पिछली घटनाओं की अनदेखी और आपराधिक इतिहास की अनदेखी आने वाले समय में गंभीर अपराधों का कारण बन सकती है।






