Water Metro Patna: बिहार सरकार लगातार पर्यटन और परिवहन सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए ठोस कदम उठा रही है। जहां एक ओर अगस्त में पटना मेट्रो की शुरुआत होने जा रही है, वहीं दूसरी ओर राज्य की राजधानी को जल मार्ग से जोड़ने की भी तैयारी जोरों पर है।
जल्द ही पटना में वाटर मेट्रो सेवा की शुरुआत होने वाली है — जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ड्रीम प्रोजेक्ट्स में से एक है। इस परियोजना का उद्देश्य उत्तर बिहार को पटना मेट्रो के NIT स्टेशन से जोड़ना है, जिससे राजधानी की ट्रैफिक समस्या को काफी हद तक कम किया जा सकेगा। इसके साथ ही, यह प्रोजेक्ट राज्य के पर्यटन को भी नया आयाम देगा।
उल्लेखनीय है कि कोच्चि मेट्रो रेल लिमिटेड की तीन अधिकारियों की टीम हाल ही में पटना पहुंची थी। चार दिनों तक इस प्रोजेक्ट पर काम करते हुए गंगा से जुड़े विभिन्न जल क्षेत्रों — जैसे गंडक, सोनपुर, हाजीपुर, दीघा, गायघाट, पहलेजा घाट आदि — का विस्तृत सर्वे किया गया। यह वाटर मेट्रो आधुनिक सुविधाओं से युक्त होगी। इसका डिज़ाइन पर्यावरण के अनुकूल और टिकाऊ होगा। हर मेट्रो बोट में लगभग 100 लोग सफर कर सकेंगे, जिनमें से 50 यात्रियों के लिए बैठने की व्यवस्था होगी, जबकि बाकी खड़े होकर यात्रा कर सकेंगे।
बता दे कि जहां दिल्ली मेट्रो का अधिकतम किराया 60 रुपये है, वहीं पटना की वाटर मेट्रो में यह सिर्फ 20 से 40 रुपये तक रहने की संभावना है, जिससे यह एक किफायती और सुविधाजनक विकल्प बनकर उभरेगा। सिर्फ बिहार ही नहीं, इस महत्वाकांक्षी योजना के तहत उत्तर प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, पश्चिम बंगाल, महाराष्ट्र, कर्नाटक, गोवा, असम, अंडमान-निकोबार और लक्षद्वीप जैसे राज्यों के प्रमुख शहरों को भी जल मार्ग से जोड़ने की योजना है। प्रयागराज, वाराणसी, अयोध्या, श्रीनगर, गुवाहाटी, मुंबई, वसई और अन्य शहर इस योजना के पहले चरण में शामिल हैं। पटना में वाटर मेट्रो की शुरुआत न केवल लोगों की यात्रा को आसान बनाएगी, बल्कि राज्य को पर्यटन के वैश्विक नक्शे पर भी मजबूती से स्थापित करेगी।






