Patna Metro: बिहार के नगर विकास एवं आवास विभाग के मंत्री जिवेश कुमार ने शनिवार को पटना मेट्रो रेल परियोजना के प्राथमिक कॉरिडोर का निरीक्षण किया। इस दौरान वे मेट्रो डिपो और आईएसबीटी स्टेशन पहुंचे और परियोजना की प्रगति का जायजा लिया। मंत्री ने कहा कि पटना मेट्रो के प्राथमिक कॉरिडोर का कार्य अंतिम चरण में है और इसका उद्घाटन 15 अगस्त, स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर किया जाएगा। यह दिन राजधानी के लिए ऐतिहासिक होगा, जब पटना के लोगों को अत्याधुनिक मेट्रो सेवा प्राप्त होगी।
जिवेश कुमार ने परियोजना की समीक्षा करते हुए कार्य की गति और गुणवत्ता पर संतोष जताया। उन्होंने कहा कि पटना मेट्रो केवल एक निर्माण कार्य नहीं, बल्कि पटना की जनता का सपना है। यह राज्य सरकार की महत्त्वाकांक्षी योजना है जो शहर की यातायात व्यवस्था में क्रांतिकारी बदलाव लाने के उद्देश्य से तेजी से आगे बढ़ रही है। मौके पर पटना मेट्रो की अपर प्रबंध निदेशक वर्षा सिंह समेत पटना और दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे। उन्होंने बताया कि सभी स्टेशनों पर सुरक्षा और तकनीकी उपकरणों की स्थापना की प्रक्रिया अंतिम चरण में है।
पटना मेट्रो के 6.5 किलोमीटर लंबे प्राथमिक कॉरिडोर में कुल पांच एलिवेटेड स्टेशन हैं मलाही पकड़ी, खेमनीचक, भूतनाथ, जीरोमाइल और न्यू आईएसबीटी। उद्घाटन के प्रारंभिक दौर में खेमनीचक स्टेशन को छोड़कर बाकी चार स्टेशनों पर ही मेट्रो रुकने की व्यवस्था की गई है। इन चार स्टेशनों पर स्वचालित किराया संग्रह मशीन, प्लेटफॉर्म स्क्रीन डोर, गेट प्रणाली तथा अन्य आधुनिक सुविधाओं का इंस्टॉलेशन किया जा रहा है। साथ ही, प्री-फैब्रिकेटेड स्टेशन का स्ट्रक्चर भी पूरी तरह से स्थापित कर दिया गया है, जिससे यात्रियों को सुरक्षा और सुविधा दोनों का बेहतर अनुभव मिलेगा।
डिपो में मेट्रो रेक के वॉशिंग और मेंटेनेंस पिट के साथ कंट्रोल रूम, मेट्रो स्टेबलिंग लाइन, विद्युत सब स्टेशन, ऑटो कोच वाश प्लांट, वर्कशॉप शेड, इंस्पेक्शन शेड, इंटरनल क्लीनिंग शेड, रिसीविंग सब स्टेशन, इलेक्ट्रिक एवं ट्रैक यूनिट आदि की व्यवस्था की जा रही है। डिपो का निर्माण जुलाई 2025 तक पूरा होने का अनुमान है।
पटना मेट्रो रेल परियोजना का विस्तार भविष्य में शहर के अन्य हिस्सों तक किया जाएगा, जिससे राजधानी की यातायात समस्या में काफी सुधार आएगा। अधिकारियों का कहना है कि परियोजना पूर्ण होने पर पटना में ट्रैफिक जाम, प्रदूषण और यात्रा समय में भारी कमी आएगी। साथ ही, यह परियोजना शहर के आर्थिक विकास और निवेश को भी बढ़ावा देगी। राज्य सरकार ने इस परियोजना को तेजी से पूरा करने के लिए विशेष कदम उठाए हैं और उम्मीद जताई जा रही है कि 15 अगस्त से पटना के लोग मेट्रो की आधुनिक सेवा का लाभ उठा सकेंगे।





