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BIHAR NEWS : बिहार पंचायत चुनाव में बड़ा बदलाव! अब सरकारी स्कूल में नहीं होगा यह काम; पंचायती राज विभाग ने जारी किया निर्देश

बिहार पंचायत चुनाव 2026 में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। पहली बार मल्टी पोस्ट EVM से एक साथ 6 पदों पर वोटिंग होगी। चुनाव आयोग ने वेयरहाउस और सुरक्षा को लेकर सख्त गाइडलाइन जारी की है।

BIHAR NEWS : बिहार पंचायत चुनाव में बड़ा बदलाव! अब सरकारी स्कूल में नहीं होगा यह काम; पंचायती राज विभाग ने जारी किया निर्देश
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BIHAR NEWS : बिहार में आगामी पंचायत चुनाव को लेकर प्रशासनिक तैयारियां तेज हो गई हैं। इस बार चुनाव प्रक्रिया में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा, क्योंकि पहली बार मल्टी पोस्ट ईवीएम (इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन) का इस्तेमाल किया जाएगा। इसे लेकर राज्य निर्वाचन आयोग और पंचायती राज विभाग ने व्यापक स्तर पर तैयारियां शुरू कर दी हैं, ताकि चुनाव निष्पक्ष, पारदर्शी और सुचारु रूप से संपन्न कराया जा सके।


चुनाव आयोग की ओर से जारी नई गाइडलाइन के अनुसार, ईवीएम मशीनों को सुरक्षित रखने के लिए सभी जिलों में अत्याधुनिक वेयर हाउस बनाए जा रहे हैं। खास बात यह है कि इस बार सरकारी स्कूलों में वेयर हाउस बनाने पर रोक लगा दी गई है। इसका मुख्य उद्देश्य यह है कि पठन-पाठन का कार्य किसी भी स्थिति में बाधित न हो और स्कूलों में शैक्षणिक गतिविधियां सामान्य रूप से जारी रहें। पंचायती राज विभाग के निदेशक ने सभी जिलों को निर्देश दिया है कि वे वैकल्पिक स्थानों पर वेयर हाउस का निर्माण सुनिश्चित करें और इसकी विस्तृत रिपोर्ट मुख्यालय को भेजें।


प्रशासन ने वेयर हाउस के चयन और निर्माण को लेकर कई अहम मानक तय किए हैं। यदि आवश्यकता पड़ी तो निजी भवनों को लीज पर भी लिया जा सकता है, लेकिन यह लीज अवधि 15 वर्षों से कम नहीं होगी। इसके अलावा वेयर हाउस ऐसे स्थानों पर बनाए जाएंगे, जहां तक वाहनों की आवाजाही आसान हो, ताकि ईवीएम के परिवहन में कोई परेशानी न आए। हर जिले में इस पूरी प्रक्रिया की निगरानी के लिए जिला पंचायती राज पदाधिकारी को नोडल अधिकारी बनाया गया है।


सुरक्षा के लिहाज से भी विशेष इंतजाम किए जा रहे हैं। सभी वेयर हाउस में फायर सेफ्टी सिस्टम और सीसीटीवी कैमरे लगाना अनिवार्य किया गया है। जिस कमरे में ईवीएम रखी जाएगी, वहां किसी अन्य सामग्री को रखने की अनुमति नहीं होगी। साथ ही, फर्स्ट लेवल चेकिंग (FLC) के बाद खराब पाई गई ईवीएम को अलग सुरक्षित स्थान पर रखने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि चुनाव के दौरान किसी तरह की तकनीकी समस्या न हो।


जानकारी के मुताबिक, राज्य में पंचायत चुनाव नवंबर-दिसंबर के बीच कराए जाने की संभावना है। इसके लिए राज्य निर्वाचन आयोग ने जिला निर्वाचन पदाधिकारी (DRO) और अपर जिला निर्वाचन पदाधिकारी (ADRO) की नियुक्ति भी कर दी है। प्रशासनिक स्तर पर तैयारियों की समीक्षा लगातार की जा रही है, ताकि समय पर सभी व्यवस्थाएं पूरी हो सकें।


इस बार चुनाव के लिए हैदराबाद स्थित इलेक्ट्रॉनिक्स कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (ECIL) से बड़ी संख्या में ईवीएम मशीनें खरीदी गई हैं। इनमें 32,200 कंट्रोल यूनिट (CU) और 1,93,200 बैलेट यूनिट (BU) शामिल हैं। मल्टी पोस्ट ईवीएम की सबसे बड़ी खासियत यह है कि एक ही सेट में एक कंट्रोल यूनिट के साथ छह बैलेट यूनिट जुड़े होते हैं। इससे मतदाता एक ही समय में ग्राम पंचायत सदस्य, मुखिया, पंच, सरपंच, पंचायत समिति सदस्य और जिला परिषद सदस्य जैसे छह अलग-अलग पदों के लिए वोट डाल सकेंगे।


विशेषज्ञों का मानना है कि मल्टी पोस्ट ईवीएम के इस्तेमाल से मतदान प्रक्रिया पहले की तुलना में कहीं अधिक तेज, पारदर्शी और सुविधाजनक हो जाएगी। इससे मतदान केंद्रों पर भीड़ कम होगी और समय की बचत होगी। कुल मिलाकर, बिहार का यह पंचायत चुनाव तकनीकी रूप से अधिक आधुनिक और सुव्यवस्थित होने जा रहा है, जो राज्य की लोकतांत्रिक प्रक्रिया को और मजबूत करेगा।

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Tejpratap

FirstBihar न्यूज़ डेस्क

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