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पटना में फिर शुरू होगा बुलडोजर एक्शन, 30 मई तक चलेगा विशेष ड्राइव; 9 टीमों का गठन

Patna News: पटना में 2 मई से अतिक्रमण हटाओ अभियान शुरू होगा जो 30 मई तक चलेगा. नियम तोड़ने वालों पर सख्त कार्रवाई और जुर्माने का प्रावधान किया गया है.

1st Bihar Published by: FIRST BIHAR Updated May 01, 2026, 7:17:53 AM

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प्रतिकात्मक तस्वीर - फ़ोटो Google

Patna News: राजधानी पटना में अतिक्रमण के खिलाफ विशेष अभियान की शुरुआत 2 मई से फिर से की जाएगी। यह मल्टी-एजेंसी अभियान 30 मई तक चलेगा। डीएम डॉ. त्यागराजन एसएम और एसएसपी कार्तिकेय शर्मा के नेतृत्व में नौ टीमों का गठन किया गया है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अभियान का विरोध करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।


पटना नगर निगम के 6 अंचलों के अलावा खगौल, फुलवारी शरीफ और दानापुर नगर परिषद क्षेत्रों में भी अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई होगी। डीएम ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि प्रभावी ढंग से अतिक्रमण हटाया जाए और बाधा डालने वालों पर विधि-सम्मत कार्रवाई की जाए। दोबारा अतिक्रमण करने वालों पर अनिवार्य रूप से प्राथमिकी दर्ज की जाएगी।


डीएम ने बताया कि यातायात बाधा, अतिक्रमण और नियम उल्लंघन के खिलाफ प्रशासन की ‘शून्य सहिष्णुता’ नीति लागू रहेगी। प्रमुख सड़कों को शीर्ष प्राथमिकता में रखा गया है। नेहरू पथ, सगुना मोड़ से दानापुर स्टेशन, बोरिंग रोड, अटल पथ, पटना स्टेशन रोड, कंकड़बाग मेन रोड, गांधी मैदान के आसपास, गांधी मैदान से दीघा और पटना सिटी तक हर कार्य दिवस अभियान चलाया जाएगा।


सभी टी-प्वाइंट, गोलंबर और चौराहों को जीरो टॉलरेंस जोन घोषित कर अतिक्रमण मुक्त रखने का निर्देश दिया गया है। जेपी गंगा पथ, डाकबंगला, पटना जंक्शन, चिरैयाटांड़ पुल, राजापुर पुल, कारगिल चौक से एनआईटी, अनीसाबाद और सगुना मोड़ जैसे क्षेत्रों पर विशेष निगरानी रखी जाएगी। हरमंदिर साहिब, बाललीला गुरुद्वारा, अशोक राजपथ और राजेंद्र नगर टर्मिनल के आसपास भी अतिक्रमण हटाया जाएगा।


अभियान के दौरान ट्रैफिक पुलिस विशेष वाहन जांच अभियान चलाएगी। आदतन अतिक्रमणकारियों को चिह्नित कर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। अस्थायी अतिक्रमण पर 5 हजार रुपये और स्थायी अतिक्रमण पर 20 हजार रुपये तक का जुर्माना लगाया जाएगा। पूरे अभियान की वीडियोग्राफी की जाएगी और दैनिक रिपोर्ट देनी अनिवार्य होगी। निगरानी के लिए पांच सदस्यीय मॉनिटरिंग सेल का गठन भी किया गया है।


प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि आईजीआईएमएस, पीएमसीएच, एनएमसीएच और एम्स जैसे प्रमुख अस्पतालों के आसपास किसी प्रकार का अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मरीजों और एंबुलेंस के आवागमन में बाधा उत्पन्न करने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी।