1st Bihar Published by: First Bihar Updated Jul 06, 2026, 6:41:48 AM
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Bihar News : बिहार की स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। राज्य सरकार ने घोषणा की है कि पटना स्थित एम्स (AIIMS) को 24 एकड़ अतिरिक्त भूमि उपलब्ध कराई जाएगी। इस विस्तार के बाद अस्पताल में करीब 200 नए बेड जोड़े जाएंगे, जिससे मरीजों के इलाज की क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।
उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने इस संबंध में जानकारी देते हुए कहा कि राज्य सरकार एम्स के विस्तार के लिए हर संभव सहयोग दे रही है। उन्होंने बताया कि अतिरिक्त भूमि उपलब्ध होने के बाद अस्पताल में नए भवनों और आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं का विकास किया जाएगा। इससे न केवल मरीजों को बेहतर उपचार मिलेगा, बल्कि बढ़ती स्वास्थ्य सेवाओं की मांग को भी पूरा किया जा सकेगा।
मरीजों को मिलेगा बड़ा लाभ
पटना एम्स पूर्वी भारत के प्रमुख सरकारी चिकित्सा संस्थानों में शामिल है। यहां बिहार के अलावा झारखंड, उत्तर प्रदेश और नेपाल के सीमावर्ती क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं। वर्तमान में मरीजों की संख्या लगातार बढ़ने के कारण अस्पताल पर दबाव बना रहता है। 200 नए बेड जुड़ने से भर्ती मरीजों की सुविधा बढ़ेगी और इलाज के लिए लंबा इंतजार भी कम होने की उम्मीद है।
एम्स से नाथूपुर तक बनेगी फोरलेन सड़क
सरकार ने एम्स परिसर की बेहतर कनेक्टिविटी के लिए एम्स से नाथूपुर तक चार लेन सड़क के निर्माण की भी घोषणा की है। इस सड़क के बनने से अस्पताल तक पहुंचना आसान होगा और मरीजों के साथ-साथ एंबुलेंस सेवाओं को भी तेज और सुगम रास्ता मिलेगा। बेहतर सड़क संपर्क से आसपास के क्षेत्रों का विकास भी तेजी से होने की संभावना है।
परिसर में होगा सौंदर्यीकरण
विस्तार योजना के तहत एम्स परिसर के आसपास स्थित तालाब का भी सौंदर्यीकरण किया जाएगा। सरकार का उद्देश्य अस्पताल परिसर को अधिक स्वच्छ, आकर्षक और पर्यावरण के अनुकूल बनाना है। तालाब के विकास से हरियाली बढ़ेगी और मरीजों व उनके परिजनों को बेहतर वातावरण मिल सकेगा।
स्वास्थ्य ढांचे को मिलेगा मजबूती
विशेषज्ञों का मानना है कि अतिरिक्त भूमि मिलने से भविष्य में सुपर स्पेशियलिटी सेवाओं, नए विभागों, अत्याधुनिक चिकित्सा उपकरणों और अनुसंधान गतिविधियों का भी विस्तार संभव होगा। इससे बिहार के मरीजों को कई गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए दूसरे राज्यों का रुख कम करना पड़ेगा।
राज्य सरकार का कहना है कि स्वास्थ्य क्षेत्र में आधारभूत ढांचे को मजबूत करना उसकी प्राथमिकता है। इसी दिशा में एम्स के विस्तार, सड़क निर्माण और अन्य विकास परियोजनाओं पर तेजी से काम किया जाएगा ताकि प्रदेश के लोगों को उच्च गुणवत्ता वाली चिकित्सा सेवाएं अपने राज्य में ही उपलब्ध हो सकें।
एम्स के विस्तार की यह योजना आने वाले वर्षों में बिहार की स्वास्थ्य व्यवस्था को नई मजबूती देने वाली मानी जा रही है। 24 एकड़ अतिरिक्त भूमि, 200 नए बेड, बेहतर सड़क संपर्क और परिसर के सौंदर्यीकरण जैसी परियोजनाएं मरीजों के लिए सुविधाओं में उल्लेखनीय सुधार लाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकती हैं।