Patna News: पटना के लोगों को जाम की समस्या से निजात दिलाने और बेहतर शहरी कनेक्टिविटी उपलब्ध कराने के लिए बिहार सरकार एक साथ कई मेगा प्रोजेक्ट्स पर काम कर रही है। इन योजनाओं में फ्लाईओवर्स, डबल डेकर सड़कों, मेट्रो लाइन और गंगा पर नए पुल के साथ-साथ छह प्रमुख नालों पर फोर लेन सड़कों का निर्माण भी शामिल है। इन नालों में अबतक लोग दुर्गंध और गंदगी के कारण गुजरने से भी कतराते थे, लेकिन अब इन्हीं रास्तों पर चौड़ी और खूबसूरत सड़कें बनेंगी, जिससे शहर की ट्रैफिक व्यवस्था में क्रांतिकारी बदलाव आएगा।
प्रमुख 6 नालों पर हो रहा सड़क निर्माण
पटना के जिन नालों को स्मार्ट सड़कों में बदला जा रहा है, उनमें शामिल हैं। मंदिरी नाला, सैदपुर नाला, बाकरगंज नाला, आनंदपुरी नाला, केसरीनगर नाला और सर्पेनटाइन नाला। इनमें से तीन नालों (मंदिरी, सैदपुर और बाकरगंज) पर तेजी से निर्माण कार्य चल रहा है, जबकि अन्य तीन (आनंदपुरी, केसरीनगर और सर्पेनटाइन) पर कार्य की स्वीकृति मिल चुकी है और जल्द टेंडर प्रक्रिया के बाद निर्माण शुरू होगा।
मंदिरी नाले पर बनेगा फोर लेन रोड, 90% काम पूरा
पटना स्मार्ट सिटी लिमिटेड की निगरानी में मंदिरी नाले पर लगभग 90 प्रतिशत तक ढलाई का काम पूरा कर लिया गया है। यह सड़क नेहरू पथ के तारामंडल से शुरू होकर जेपी गंगा पथ तक जाएगी। 11.5 मीटर चौड़ी इस सड़क के दोनों ओर 3 मीटर की सर्विस रोड, 1.5 मीटर का फुटपाथ, स्ट्रीट स्केपिंग, वेंडिंग ज़ोन, ग्रीन बफर ज़ोन और अंडरग्राउंड बिजली तार के लिए डक्ट बनेंगे। इस परियोजना के पूरा होने से आयकर गोलंबर से जेपी गंगा पथ तक डायरेक्ट कनेक्टिविटी मिलेगी, वार्ड संख्या 21, 24, 25, 26 और 27 के गंदे पानी की निकासी सुचारू होगी और डाकबंगला चौराहे के ट्रैफिक लोड में भी कमी आएगी।
बाकरगंज-अशोक राजपथ के लिए नया विकल्प: सड़कों से नहीं, नाले से जुड़ाव
बाकरगंज नाले को ढंक कर फोर लेन सड़क का निर्माण किया जा रहा है, जो उमा सिनेमा से अंटा घाट तक फैली होगी। लगभग 1.5 किलोमीटर लंबी यह सड़क गांधी मैदान, वीवीआईपी रिहायशी क्षेत्र और प्रमुख बाजार क्षेत्रों से होकर गुजरेगी। अभी तक खुले नाले से आने वाली दुर्गंध, अतिक्रमण और सफाई में कठिनाई इस मार्ग को अनुपयोगी बना देती थी, लेकिन इस पर सड़क निर्माण के बाद एक नया ट्रैफिक कॉरिडोर तैयार होगा। 40% काम पहले ही पूरा हो चुका है और शेष कार्य पेवर ब्लॉक बिछाने के साथ जल्द शुरू होगा।
सैदपुर नाले पर 6 किमी लंबी सड़क: राजेंद्र नगर को मिलेगा नया रास्ता
पटना के सबसे बड़े नालों में से एक सैदपुर नाले को ढंक कर भी स्मार्ट सड़क में बदला जा रहा है। पहले इस नाले की केवल बाउंड्री बननी थी, लेकिन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने इसपर चार लेन सड़क बनाने की घोषणा की है। यह सड़क बाइपास से शुरू होकर अशोक राजपथ होते हुए राजेंद्र नगर गोलंबर तक जाएगी। इससे राजेंद्र नगर, छोटी पहाड़ी सहित करीब 3-4 लाख लोगों को वैकल्पिक मार्ग मिलेगा और जाम से राहत मिलेगी। फिलहाल इसकी बाउंड्री वॉल पर काम चल रहा है और इसे पूरा होने में लगभग 12-18 महीने का समय लगेगा।
जल्द शुरू होगा निर्माण: 3 बड़े नाले जिन पर काम बाकी
1. सर्पेनटाइन नाला: अटल पथ से एयरपोर्ट की कनेक्टिविटी
सर्पेनटाइन नाले को पटेल चौक से विश्वेश्वरैया विकास भवन तक कवर करके सड़क बनाई जाएगी। लगभग 80 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली इस सड़क से एयरपोर्ट से अटल पथ तक डायरेक्ट कनेक्टिविटी मिलेगी। इसका टेंडर जारी हो चुका है और काम अगले 18 महीनों में पूरा होने की उम्मीद है। सचिवालय और वीवीआईपी क्षेत्र में सफर करने वाले यात्रियों को इसका विशेष लाभ मिलेगा।
2. आनंदपुरी नाला: बाचा चौक से राजापुर पुल तक नया रास्ता
आनंदपुरी नाला पर प्रस्तावित सड़क पटेल नगर के बाचा चौक से राजापुर पुल तक जाएगी। इस 100 करोड़ की परियोजना से बाबा चौक, पटेल नगर, एजी कॉलोनी, सीडीए कॉलोनी, शिवपुरी कॉलोनी, कृष्णापुरी, नेहरू नगर और मैनपुरा जैसे क्षेत्रों को वैकल्पिक मार्ग मिलेगा और पटेल चौक से अटल पथ की डायरेक्ट लिंक बनेगी। कार्य जल्द शुरू होने की उम्मीद है।
3. केसरी नगर नाला: राजीव नगर से कुर्जी तक 175 करोड़ की सड़क
केसरी नगर नाले पर नगर विकास विभाग की ओर से 175 करोड़ की लागत से फोर लेन सड़क बनाई जाएगी, जो राजीव नगर से कुर्जी तक जाएगी। इससे न केवल राजीव नगर के लोगों को अटल पथ जाने के लिए बेहतर मार्ग मिलेगा, बल्कि कुर्जी अस्पताल और आसपास के क्षेत्रों की ट्रैफिक लोड में भी कमी आएगी।
नतीजा: 12-15 लाख लोगों को फायदा
पथ निर्माण मंत्री नितिन नवीन ने बताया कि इन 6 नालों पर सड़कों के निर्माण से पटना की लगभग 12 से 15 लाख आबादी को फायदा मिलेगा। उन्हें वैकल्पिक मार्ग मिलेंगे, शहर की यातायात प्रणाली बेहतर होगी और समय की भी बचत होगी। सरकार ने इन परियोजनाओं को स्मार्ट सिटी मिशन और शहरी विकास योजना के तहत पूरा करने का लक्ष्य रखा है।
पटना की सड़कों पर यातायात का बोझ तेजी से बढ़ रहा है, ऐसे में इन 6 प्रमुख नालों को स्मार्ट सड़कों में बदलना न केवल शहरी नियोजन की दिशा में एक बड़ा कदम है, बल्कि यह राजधानी के नागरिकों को राहत देने वाली ऐतिहासिक पहल साबित हो सकती है।





