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Bihar News: RCD के गलियारे में 1st Bihar की खबर का फिर बजा डंका, पथ नि. विभाग को जारी करना पड़ा आदेश...Mastic वर्क सर्टिफिकेट के बहाने 'ठेकेदारों-इंजीनियरों' का खेल अब नहीं चलेगा

Bihar News: 1st Bihar/Jharkhand के खुलासे के बाद पथ निर्माण विभाग ने Mastic Asphalt अनुभव प्रमाण पत्र के खेल पर रोक लगाई है। अब मस्टिक वर्क को Bituminous Work में शामिल करते हुए नया आदेश जारी किया गया है।

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Viveka Nand
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Bihar News: सचिवालय के गलियारे में एक बार फिर से 1st Bihar/Jharkhand का डंका बजा है. ठेकेदार और इंजीनियरों की मिलीभगत से सड़क निर्माण में मास्टिक वर्क अनुभव प्रमाण पत्र का बड़ा खेल जारी था. इस बड़े खेल को बेनकाब करने के बाद पथ निर्माण विभाग को नया आदेश जारी करना पड़ा है. यह मामला लंबे समय से फाइलों में दबी थी, दिसंबर 2025 में जब 1st Bihar/Jharkhand ने जब खुलासा किया कि चहेते ठेकेदारों पर मेहरबानी दिखाई जा रही है, इसके बाद विभाग ने मास्टिक वर्क को लेकर नया आदेश जारी किया है. पथ निर्माण विभाग के अभियंता प्रमुख ने 8 जनवरी 2026 को पत्र जारी किया है.

पथ निर्माण विभाग ने अभियंताओं को लिखा पत्र 

पथ निर्माण विभाग के अभियंता प्रमुख  सह अपर आयुक्त ने विभाग के सभी मुख्य अभियंता, बिहार राज्य पुल निर्माण निगम के प्रबंध निदेशक, रोड डेवलपमेंट कॉरपोरेशन के मुख्य महाप्रबंधक, सभी अधीक्षण अभियंता और कार्यपालक अभियंताओं को पत्र लिखा है. जिसमें कहा है कि Mastic Asphalt को बिटुमिनस वर्क के अहर्ता में समाहित करते हुए कार्य अनुभव की मांग करने का निर्णय लिया गया है.

 Mastic Asphalt का  अलग अनुभव का खेल अब नहीं चलेगा  

अभियंता प्रमुख के पत्र में उल्लेख किया गया है कि, वर्तमान समय में Mastic Asphalt के कार्य के लिए कुशल एवं दक्ष कामगार तथा यंत्र सयंत्र उपलब्ध हो जा रही है. जिससे Mastic Asphalt का कार्य कराने में कोई कठिनाई नहीं है. साथ ही इसकी लागत अधिकतर परियोजनाओं में परिमाण विपत्र के कुल लागत का अंश मात्र होती है। विभागीय पत्र 09.07. 2014 के कंडिका 5.8 में भी स्पष्ट रूप सेउल्लेख किया गया है कि अनुभव की शर्त केवल उन कार्यों के लिए ही रखी जाए जो Common एवं Major items of work की श्रेणी में आते हैं, जबकि minor items के अनुभव की अनदेखी की जा सकती है। इस आलोक में Mastic Asphalt को Bituminous Work के अहर्त्ता में समाहित करते हुए कार्य अनुभव की माँग करने का निर्णय लिया गया है। ऐसे में SBD की कंडिका 4.5 (A)(c) के तहत Bituminous Work के कार्य अनुभव की माँग इस प्रकार से की जाए :- Bituminous Work (DBM/BM/SDBC/BC/Mastic)..m3 (as per approved BOQ). 

बता दें, पथ निर्माण विभाग में अब तक मास्टिक वर्क अनुभव प्रमाण पत्र का बड़ा खेल चल रहा था. सड़क निर्माण को लेकर कैबिनेट से चार कैटेगरी तय किए गए हैं. पांचवा मास्टिक वर्क विभाग ने अपने स्तर से तय कर दिया. इसी मास्टिक वर्क को लेकर बड़ा  खेल चल रहा था. ठेकेदार और अभियंताओं की मिलीभगत से फर्जी तरीके से मास्टिक वर्क का प्रमाण पत्र जारी करा कर बड़े ठेका पर कब्जा किया जा रहा था. हाल ही में एक बड़े खेल का खुलासा हुआ था. पथ निर्माण विभाग ने एक ठेकेदार का फर्जी मास्टिक वर्क का प्रमाण पत्र पकड़ा. इस आरोप में सर्टिफिकेट देने वाले कार्यपालक अभियंता के खिलाफ कार्रवाई को लेकर पत्र लिखा गया.

 चार तरह के वर्क कैबिनेट से जबकि मास्टिक वर्क कमेटी से हुआ एप्रुव 

पथ विभाग ने सड़क निर्माण को लेकर चार कैटेगरी तय किए हैं. बजाप्ता बिहार कैबिनेट से इसे तय किया गया है. सड़क निर्माण के लिए कंक्रीट वर्क, अर्थ वर्क, DBM और BC यानि बिटूमिनस कैटेगरी तय है. इन सबके अतिरिक्त अब मास्टिक वर्क का काम भी कराया जाने लगा है. हालांकि इसे बिहार कैबिनेट से मुहर नहीं लगी है. बल्कि पथ निर्माण विभाग की हाईलेवल कमेटी ने एप्रुवल दिया है. फरवरी 2019 में ही पथ निर्माण विभाग के अभियंता प्रमुख की अध्यक्षता में आठ सदस्यीय कमेटी ने मास्टिक वर्क कराने का एप्रुवल दिया था. इस कमेटी ने निर्णय लिया था कि सर्व सम्मति से निर्णय लिया जाता है कि हाल में हुए निविदाओं में मास्टिक के अनुभव को शेष बिटूमिनस कार्य से अलग रखा जाय.  साथ ही भविष्य में होने वाली निविदाओं में भी जिन योजनाओं में मास्टिक ASPHALT की मात्रा बिटूमिनस सर्फेस क्षेत्रफल का 15 फीसदी से अधिक होने की स्थिति में मास्टिक ASPHALT के अनुभव को बिटुमिनस कार्य के अनुभव से अलग रखा जाय. 

यहीं से शुरू हुआ मास्टिक वर्क सर्टिफिकेट देने का खेल 

पथ निर्माण विभाग की कमेटी ने मास्टिक ASPHALT का प्रावधान कर दिया. हालांकि इसपर कैबिनेट से मुहर नहीं लगी .इसके बाद खेल शुरू हो गया .फर्जी तरीके से मास्टिक वर्क का सर्टिफिकेट लेने-देने का धंधा जोरों पर शुरू हुआ. कई ठेकेदारों ने फर्जी तरीके से मास्टिक वर्क का प्रमाण पत्र ले लिया,उस सर्टिफिकेट पर करोड़ों का काम मिल गया था. 


मास्टिक कार्य का अनुभव प्रमाण पत्र देने में बड़ा खेल


ग्रामीण कार्य विभाग लखीसराय के कार्यपालक अभियंता ने ठेकेदार डी.के ब्रदर्स ट्रेड con. को बिना अनुभव के ही मास्टिक वर्क कराने का अनुभव प्रमाण पत्र दे दिया. जांच में पोल खुली तो पथ निर्माण विभाग ने संबंधित कार्यपालक अभियंता पर एक्शन लेने को कहा है. पथ निर्माण विभाग के अभियंता प्रमुख ने 4 दिसंबर 2025 को ग्रामीण कार्य विभाग के अभियंता प्रमुख को पत्र लिखा है. जिसमें लखीसराय ग्रामीण कार्य विभाग के कार्यपालक अभियंता के खिलाफ कार्रवाई करने को कहा है. पथ निर्माण विभाग के अभियंता प्रमुख द्वारा भेजे गए पत्र में कहा गया है कि ग्रामीण कार्य विभाग लखीसराय प्रमंडल के कार्यपालक अभियंता ने एक ठेकेदार डी.के ब्रदर्स ट्रेड con. को 4 अप्रैल 2025, 16 जनवरी 2025 के अलावे 2022 में भी अलग-अलग प्रकार का अनुभव प्रमाण पत्र जारी किया है. 7 जुलाई 2025 को इन पत्रों का सत्यापन किए जाने के बाद जारी किए  गए अनुभव प्रमाण पत्र भिन्न पाया गया है . ऐसे में आरोपी कार्यपालक अभियंता के खिलाफ कार्रवाई कर, हमें जानकारी दें. 


17 नवंबर को अभियंता प्रमुख की अध्यक्षता में हुई थी बैठक


बता दें, पथ निर्माण विभाग के अभियंता प्रमुख की अध्यक्षता में 17 नवंबर को बैठक हुई थी. बैठक में पथ प्रमंडल लखीसराय के अंतर्गत एक सड़क की पुनर्निविदा की तकनीकी बीड़ को लेकर एक परिवाद प्राप्त हुआ था. जिसके बाद यह बैठक की गई . बैठक में एक ठेकेदार डी.के. ब्रदर्स ट्रेड con द्वारा दिए गए अनुभव प्रमाण पत्र की जांच की गई. ग्रामीण कार्य विभाग के कार्यपालक अभियंता (लखीसराय) के द्वारा 7 जुलाई 2025 एवं 28 अगस्त 2025 द्वारा भिन्न-भिन्न अनुभव प्रमाण पत्र निर्गत किए गए हैं. इसके लिए कार्यपालक अभियंता ग्रामीण कार्य विभाग लखीसराय के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए अभियंता प्रमुख ग्रामीण कार्य विभाग को भेजने का प्रस्ताव पारित किया गया था.


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रिपोर्टर / लेखक

Viveka Nand

FirstBihar न्यूज़ डेस्क

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