1st Bihar Published by: First Bihar Updated Apr 18, 2026, 11:11:25 AM
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Bihar Politics : राजधानी पटना के राजनीतिक गलियारों में शनिवार को हलचल तेज रही, जब सूबे के पूर्व मुख्यमंत्री और वर्तमान में राज्यसभा सांसद सह जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार एक बार फिर पूरी तरह सक्रिय नजर आए। लंबे समय बाद उनकी इस तरह की सक्रियता ने बिहार की राजनीति में नई चर्चाओं को जन्म दे दिया है।
जानकारी के अनुसार, नीतीश कुमार ने अपने दिन की शुरुआत जदयू कोटे से बनाए गए दोनों उपमुख्यमंत्रियों से मुलाकात के साथ की। वे पहले उनके आवास पहुंचे, जहां उन्होंने औपचारिक बातचीत की। इस दौरान राज्य की राजनीतिक स्थिति, संगठनात्मक मजबूती और सरकार के कामकाज को लेकर चर्चा होने की बात सामने आ रही है। हालांकि इस बैठक को लेकर आधिकारिक तौर पर कोई विस्तृत बयान नहीं आया है, लेकिन राजनीतिक हलकों में इसे महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
उपमुख्यमंत्रियों से मुलाकात के बाद नीतीश कुमार सीधे बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के आवास पहुंचे। यहां दोनों नेताओं के बीच करीब 10 से 15 मिनट तक बातचीत हुई। यह मुलाकात औपचारिक बताई जा रही है, लेकिन इसके कई राजनीतिक मायने निकाले जा रहे हैं। सूत्रों की मानें तो इस दौरान राज्य के मौजूदा राजनीतिक हालात, सरकार की प्राथमिकताएं और आने वाले समय की रणनीति पर चर्चा हुई।
मुलाकात के बाद नीतीश कुमार बिना मीडिया से बातचीत किए वहां से निकल गए, जिससे सियासी अटकलों का बाजार और गर्म हो गया है। वहीं मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी अपनी दिनचर्या के अनुसार जनता दरबार में शामिल हुए, जहां उन्होंने आम लोगों की समस्याएं सुनीं। इसके साथ ही उन्होंने बिहार के विभिन्न जिलों से आए कार्यकर्ताओं से भी मुलाकात की और उनकी बातों को ध्यान से सुना।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि नीतीश कुमार की यह सक्रियता आने वाले समय में किसी बड़े राजनीतिक संकेत की ओर इशारा कर सकती है। खासकर जिस तरह से उन्होंने एक ही दिन में उपमुख्यमंत्रियों और मुख्यमंत्री से मुलाकात की, उसे साधारण शिष्टाचार मुलाकात से ज्यादा अहम माना जा रहा है।
बिहार की राजनीति में नीतीश कुमार का अनुभव और प्रभाव किसी से छिपा नहीं है। ऐसे में उनकी हर गतिविधि पर राजनीतिक दलों और जनता की नजर बनी रहती है। वर्तमान परिदृश्य में जब राज्य की राजनीति कई मोड़ों से गुजर रही है, तब नीतीश कुमार की यह सक्रियता आने वाले दिनों में नई दिशा तय कर सकती है।
फिलहाल, इन मुलाकातों को लेकर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है, लेकिन इतना तय है कि पटना की राजनीति में आज का दिन काफी अहम रहा। अब सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि आने वाले दिनों में इन बैठकों का क्या असर देखने को मिलता है और क्या बिहार की राजनीति में कोई नया समीकरण बनता है।