1st Bihar Published by: First Bihar Updated May 29, 2026, 7:46:18 AM
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Neet exam : 3 मई को आयोजित NEET परीक्षा में पेपर लीक और गड़बड़ियों के आरोपों के बाद केंद्र सरकार अब 21 जून को होने वाली अगली NEET परीक्षा को लेकर पूरी तरह अलर्ट मोड में नजर आ रही है। लाखों छात्रों के भविष्य से जुड़ी इस अहम परीक्षा को निष्पक्ष और सुरक्षित तरीके से कराने के लिए सरकार लगातार तैयारियों की समीक्षा कर रही है। इसी सिलसिले में शुक्रवार को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के आवास पर एक हाईलेवल बैठक आयोजित की गई, जिसमें परीक्षा की सुरक्षा व्यवस्था और लॉजिस्टिक सिस्टम को लेकर कई अहम बिंदुओं पर चर्चा हुई।
सूत्रों के अनुसार बैठक में इस बात पर गंभीरता से विचार किया गया कि NEET परीक्षा के प्रश्नपत्रों की सुरक्षा और ट्रांसपोर्टेशन का जिम्मा भारतीय वायुसेना को सौंपा जाए। हालांकि इस प्रस्ताव पर अभी कोई अंतिम फैसला नहीं लिया गया है, लेकिन सरकार सभी विकल्पों पर विचार कर रही है ताकि दोबारा किसी भी तरह की लापरवाही या पेपर लीक जैसी घटना न हो सके।
बताया जा रहा है कि बैठक में शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान, केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया, NTA के महानिदेशक समेत शिक्षा मंत्रालय और प्रधानमंत्री कार्यालय के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। करीब 40 मिनट तक चली इस बैठक में प्रश्नपत्रों की प्रिंटिंग, पैकेजिंग, ट्रांसपोर्टेशन और परीक्षा केंद्रों तक सुरक्षित पहुंच सुनिश्चित करने को लेकर विस्तार से चर्चा हुई।
बैठक के बाद रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के बीच अलग से लंबी बातचीत भी हुई। माना जा रहा है कि इस चर्चा में परीक्षा से जुड़े संवेदनशील पहलुओं और सुरक्षा रणनीति पर मंथन किया गया। सूत्रों का कहना है कि सरकार अब पोस्टल डिपार्टमेंट की जगह एयर फोर्स जैसी हाई सिक्योरिटी एजेंसी की मदद लेने पर गंभीरता से विचार कर रही है।
अगर ऐसा फैसला लिया जाता है तो यह देश के इतिहास में पहली बार होगा जब किसी राष्ट्रीय स्तर की परीक्षा की लॉजिस्टिक जिम्मेदारी सेना या वायुसेना को सौंपी जाएगी। सरकार का मानना है कि सेना की निगरानी में प्रश्नपत्रों की आवाजाही अधिक सुरक्षित और पारदर्शी हो सकती है।
दरअसल, 3 मई को हुई NEET परीक्षा के बाद कई राज्यों से पेपर लीक और अनियमितताओं की शिकायतें सामने आई थीं। इसके बाद छात्रों और अभिभावकों ने देशभर में विरोध प्रदर्शन किया था। मामला राजनीतिक रूप भी ले चुका था और सरकार को विपक्ष के साथ-साथ आम लोगों की आलोचना का भी सामना करना पड़ा था। इसी वजह से अब सरकार अगली परीक्षा में किसी भी तरह की चूक नहीं चाहती।
सूत्रों के मुताबिक इस बार पूरी परीक्षा प्रक्रिया पर प्रधानमंत्री कार्यालय यानी PMO की भी सीधी नजर बनी हुई है। बताया जा रहा है कि पेपर सेटिंग से लेकर प्रिंटिंग और ट्रांसपोर्टेशन तक हर चरण की मॉनिटरिंग की जा रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी परीक्षा की तैयारियों और सुरक्षा व्यवस्था की लगातार जानकारी दी जा रही है।
सरकार का फोकस इस बार सिर्फ परीक्षा कराने तक सीमित नहीं है, बल्कि छात्रों और अभिभावकों का भरोसा दोबारा जीतना भी बड़ी प्राथमिकता है। इसी कारण परीक्षा केंद्रों पर निगरानी बढ़ाने, तकनीकी सुरक्षा मजबूत करने और संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त सतर्कता बरतने की तैयारी की जा रही है।
21 जून को होने वाली NEET परीक्षा को लेकर सरकार किसी भी तरह का जोखिम नहीं लेना चाहती। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में परीक्षा सुरक्षा को लेकर और भी बड़े फैसले सामने आ सकते हैं। फिलहाल सरकार का पूरा जोर इस बात पर है कि इस बार परीक्षा पूरी तरह पारदर्शी, निष्पक्ष और सुरक्षित माहौल में संपन्न हो।