NEET student death case : NEET की तैयारी कर रही छात्रा की संदिग्ध मौत के मामले में जांच अब तेज हो गई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए केंद्रीय एजेंसी CBI लगातार जांच को आगे बढ़ा रही है। बीते दिन पटना स्थित छात्रावास की जांच करने के बाद अब जांच टीम छात्रा के पैतृक घर पहुंच गई है। टीम वहां परिजनों से विस्तृत पूछताछ कर रही है और घटना से जुड़ी हर छोटी-बड़ी जानकारी जुटाने में लगी हुई है।
जानकारी के अनुसार, जांच एजेंसी की टीम आज सुबह जहानाबाद पहुंची, जहां छात्रा के परिवार के सदस्यों से बातचीत की जा रही है। टीम यह जानने की कोशिश कर रही है कि छात्रा पर किसी प्रकार का मानसिक दबाव या धमकी तो नहीं था। साथ ही छात्रा की दिनचर्या, पढ़ाई का दबाव, दोस्ती और अन्य सामाजिक पहलुओं को भी जांच के दायरे में शामिल किया गया है।
इससे पहले जांच एजेंसी ने पटना के शंभू गर्ल्स हॉस्टल में लंबी जांच की थी। टीम ने छात्रा के कमरे की बारीकी से तलाशी ली और वहां से कई महत्वपूर्ण दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को जब्त किया है। सूत्रों के अनुसार, मोबाइल फोन, नोटबुक और अन्य सामान को जांच के लिए सुरक्षित रखा गया है ताकि छात्रा की गतिविधियों और संपर्कों के बारे में सटीक जानकारी मिल सके।
जांच टीम हॉस्टल प्रबंधन और वहां रहने वाली अन्य छात्राओं से भी पूछताछ कर चुकी है। अधिकारियों ने यह जानने की कोशिश की कि छात्रा का व्यवहार हाल के दिनों में कैसा था और क्या किसी तरह का विवाद या परेशानी सामने आई थी। हॉस्टल कर्मचारियों से भी सुरक्षा व्यवस्था और छात्राओं की निगरानी को लेकर जानकारी ली गई है।
इधर छात्रा की मौत के बाद परिवार गहरे सदमे में है। परिजनों ने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है। परिवार का कहना है कि उनकी बेटी पढ़ाई को लेकर काफी गंभीर थी और उसका लक्ष्य डॉक्टर बनना था। ऐसे में अचानक हुई इस घटना ने पूरे परिवार को झकझोर कर रख दिया है।
स्थानीय लोगों में भी घटना को लेकर काफी आक्रोश देखा जा रहा है। लोगों का कहना है कि छात्राओं की सुरक्षा को लेकर हॉस्टलों और कोचिंग संस्थानों में ठोस व्यवस्था होनी चाहिए। वहीं प्रशासन का दावा है कि मामले की जांच पूरी पारदर्शिता के साथ की जा रही है और सच्चाई जल्द सामने लाई जाएगी।
फिलहाल जांच एजेंसी अलग-अलग एंगल से मामले की पड़ताल कर रही है। डिजिटल साक्ष्यों, कॉल रिकॉर्ड और छात्रा के सामाजिक संपर्कों की जांच की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही घटना की असली वजह सामने आ सकेगी। वहीं पूरे मामले पर राज्य प्रशासन और आम जनता की नजर बनी हुई है।






