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बिहार की इस नई रेललाइन परियोजना पर संकट, 15% काम के बाद निर्माण एजेंसी ने मांगा क्लोजर

Bihar Rail Project: मुजफ्फरपुर-छपरा नई रेललाइन परियोजना पर संकट गहरा गया है। केवल 15 फीसदी निर्माण कार्य पूरा होने के बाद निर्माण एजेंसी ने डीपीआर नहीं मिलने का हवाला देते हुए क्लोजर की मांग की है।

1st Bihar Published by: FIRST BIHAR Updated Jul 12, 2026, 12:29:09 PM

Bihar Rail Project

प्रतिकात्मक तस्वीर - फ़ोटो Google

Bihar Rail Project: बिहार की बहुप्रतीक्षित मुजफ्फरपुर-छपरा नई रेललाइन परियोजना पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं। निर्माण एजेंसी ने केवल 15 प्रतिशत कार्य पूरा करने के बाद परियोजना को बंद (क्लोजर) करने की मांग कर दी है। इसके पीछे पूर्व मध्य रेलवे की ओर से पिछले नौ वर्षों में विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) उपलब्ध नहीं कराए जाने को मुख्य वजह बताया जा रहा है।



इस परियोजना के तहत गंडक नदी पर रेवा पुल से लेकर मुजफ्फरपुर तक माइनर ब्रिज, रोड अंडरब्रिज और एप्रोच रोड का निर्माण किया जाना था। निर्माण एजेंसी को वर्ष 2017 में कार्य आवंटित किया गया था, जबकि निर्माण कार्य 2018 में शुरू हुआ। अनुबंध के अनुसार परियोजना को वर्ष 2020 तक पूरा किया जाना था, लेकिन निर्धारित समय सीमा बीतने के बाद भी काम अधूरा रह गया।



पूर्व मध्य रेलवे के इंजीनियरिंग विभाग के सीएवी के सचिव मिंटू कुमार की रिपोर्ट के अनुसार, रेलवे नौ वर्षों में भी निर्माण एजेंसी को नई रेललाइन की डीपीआर उपलब्ध नहीं करा सका। डीपीआर के अभाव में आगे का निर्माण कार्य संभव नहीं हो पाया। इससे नाराज निर्माण एजेंसी ने अब परियोजना से हटने और क्लोजर की मांग कर दी है।



रेलवे ने इस मामले में निर्माण एजेंसी को मेमोरेंडम जारी किया है। साथ ही अब तक किए गए कार्यों की बिलिंग प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। वर्ष 2020 से 2024 के बीच निर्माण एजेंसी को कई बार समय सीमा बढ़ाकर दी गई, लेकिन आठ वर्षों में परियोजना का केवल 15 प्रतिशत कार्य ही पूरा हो सका। 



ऐसे में इस महत्वपूर्ण रेल परियोजना का भविष्य अधर में लटकता नजर आ रहा है। यह रेललाइन बनने से मुजफ्फरपुर और छपरा के बीच की दूरी कम होती और यात्रियों को बेहतर रेल संपर्क मिलता। फिलहाल परियोजना पर अनिश्चितता के कारण लोगों में निराशा है।