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Bihar Police : बिहार की पहली एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स गठित, ड्रग्स तस्करों पर कसेगा शिकंजा; नशे के नेटवर्क पर प्रहार का क्या है प्लान

किशनगंज पुलिस ने बिहार की पहली एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स का गठन किया है। ड्रग्स तस्करों, उनके नेटवर्क और फंडिंग पर कार्रवाई के लिए विशेष टीम बनाई गई है। पुलिस जागरूकता अभियान भी चलाएगी।

1st Bihar Published by: First Bihar Updated May 11, 2026, 10:35:15 AM

Bihar Police : बिहार की पहली एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स गठित, ड्रग्स तस्करों पर कसेगा शिकंजा; नशे के नेटवर्क पर प्रहार का क्या है प्लान

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Bihar Police : बिहार के सीमावर्ती किशनगंज जिले में मादक पदार्थों के बढ़ते अवैध कारोबार पर नकेल कसने के लिए पुलिस प्रशासन ने बड़ा और अहम कदम उठाया है। जिले के पुलिस अधीक्षक संतोष कुमार ने बिहार की पहली एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (एएनटीएफ) के गठन की घोषणा की है। पुलिस का दावा है कि यह विशेष टीम जिले में सूखे नशे के कारोबार को जड़ से खत्म करने के उद्देश्य से रणनीतिक तरीके से काम करेगी।


एसपी संतोष कुमार ने बताया कि बिहार में पहली बार किसी जिले में इस तरह की विशेष एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स बनाई गई है। इस टीम का मुख्य लक्ष्य नशे के कारोबार में शामिल गिरोहों, उनके नेटवर्क, फंडिंग सिस्टम और सरगनाओं तक पहुंच बनाकर पूरे सिंडिकेट को ध्वस्त करना है। उन्होंने कहा कि केवल छोटे तस्करों की गिरफ्तारी से समस्या खत्म नहीं होगी, बल्कि पूरे नेटवर्क को तोड़ना जरूरी है।


इस विशेष टास्क फोर्स की कमान एसडीपीओ मंगलेश कुमार सिंह को सौंपी गई है, जबकि इंस्पेक्टर राजू को टीम का प्रभारी बनाया गया है। टीम में कुल 12 प्रशिक्षित पुलिस अधिकारी और जवान शामिल किए गए हैं, जिन्हें अलग-अलग जिम्मेदारियां दी गई हैं। पुलिस प्रशासन का कहना है कि टीम लगातार खुफिया जानकारी जुटाकर जिले और आसपास के इलाकों में सक्रिय तस्करी गिरोहों पर कार्रवाई करेगी।


पुलिस ने यह भी साफ किया है कि कार्रवाई केवल गिरफ्तारी तक सीमित नहीं रहेगी। एएनटीएफ उन अपराधियों पर भी नजर रखेगी जो पहले जेल जा चुके हैं और अब रिहा हो चुके हैं या भविष्य में जेल से बाहर आएंगे। ऐसे लोगों के खिलाफ प्रिवेंटिव एक्शन लिया जाएगा ताकि वे दोबारा नशे के कारोबार में शामिल न हो सकें। इसके साथ ही पुलिस जल्द ही एक हेल्पलाइन नंबर भी जारी करेगी, जिसके माध्यम से आम लोग गुप्त रूप से नशे की तस्करी और सेवन से जुड़ी जानकारी पुलिस तक पहुंचा सकेंगे।


एसपी संतोष कुमार ने कहा कि नशे के खिलाफ लड़ाई केवल कानूनी कार्रवाई से नहीं जीती जा सकती। इसके लिए समाज की भागीदारी और युवाओं में जागरूकता भी बेहद जरूरी है। इसी उद्देश्य से पुलिस स्कूलों, कॉलेजों और सार्वजनिक स्थलों पर जागरूकता अभियान चलाएगी। युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों के बारे में बताया जाएगा ताकि वे इस जाल में फंसने से बच सकें।


उन्होंने यह भी कहा कि जो लोग नशे की लत के शिकार हो चुके हैं, उन्हें नशा मुक्ति केंद्रों तक पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा। पुलिस प्रशासन का मानना है कि नशे के खिलाफ अभियान सामाजिक सहयोग और जनजागरूकता के बिना सफल नहीं हो सकता।


एएनटीएफ का मुख्य काम जिले में सक्रिय मादक पदार्थ तस्करों की पहचान करना, उनके आपराधिक रिकॉर्ड का अध्ययन करना और उनकी सप्लाई चेन की पूरी जानकारी जुटाना होगा। पुलिस इन अपराधियों का विस्तृत डोजियर तैयार करेगी ताकि संगठित तरीके से इनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा सके। इसके अलावा तस्करी में शामिल लोगों की संपत्ति जब्त करने की कार्रवाई भी की जाएगी। पुलिस का प्रयास रहेगा कि गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ स्पीडी ट्रायल चलाकर उन्हें जल्द से जल्द सजा दिलाई जाए।


पुलिस प्रशासन ने जिलेवासियों से अपील की है कि वे नशे के खिलाफ इस अभियान में सहयोग करें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को दें। एसपी ने कहा कि किशनगंज को नशामुक्त बनाना पुलिस की प्राथमिकता है और इस मिशन को हर हाल में सफल बनाया जाएगा।