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Bihar News : 81% ज्यादा संपत्ति! बिहार के पूर्व BDO पर सरकार का बड़ा एक्शन, EOU जांच के बाद हुए सस्पेंड

बिहार सरकार ने भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए दरभंगा के केवटी प्रखंड के पूर्व BDO चंद्रमोहन पासवान को निलंबित कर दिया है। EOU जांच में उनकी आय से 81.03% अधिक यानी करीब 89.13 लाख रुपये की संपत्ति मिलने का दावा किया गया है।

1st Bihar Published by: First Bihar Updated Jul 08, 2026, 10:51:34 AM

Bihar News : 81% ज्यादा संपत्ति! बिहार के पूर्व BDO पर सरकार का बड़ा एक्शन, EOU जांच के बाद हुए सस्पेंड

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Bihar News : बिहार सरकार ने भ्रष्टाचार के खिलाफ अपनी सख्त नीति को जारी रखते हुए दरभंगा जिले के केवटी प्रखंड के पूर्व प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO) चंद्रमोहन पासवान को निलंबित कर दिया है। ग्रामीण विकास विभाग ने आय से अधिक संपत्ति (Disproportionate Assets) के मामले में यह कार्रवाई की है। विभाग की ओर से जारी आदेश के अनुसार, उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू कर दी गई है और मामले की जांच आगे भी जारी रहेगी।


चंद्रमोहन पासवान पहले दरभंगा के केवटी प्रखंड में बीडीओ के रूप में कार्यरत थे। कुछ समय पहले उनका तबादला कर दिया गया था, लेकिन आर्थिक अपराध इकाई (EOU) की जांच में सामने आए तथ्यों के बाद सरकार ने उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई करते हुए निलंबन का फैसला लिया। इस कार्रवाई को राज्य सरकार की भ्रष्टाचार के विरुद्ध जीरो टॉलरेंस नीति का हिस्सा माना जा रहा है।


ईओयू जांच में सामने आई आय से अधिक संपत्ति

आर्थिक अपराध इकाई की जांच के दौरान यह खुलासा हुआ कि चंद्रमोहन पासवान के पास उनकी ज्ञात आय के मुकाबले करीब 81.03 प्रतिशत अधिक संपत्ति पाई गई। जांच एजेंसी के अनुसार शुरुआती आकलन में लगभग 89.13 लाख रुपये की आय से अधिक संपत्ति के प्रमाण मिले हैं। इन तथ्यों के आधार पर उनके खिलाफ कानूनी और विभागीय प्रक्रिया शुरू की गई। जांच अधिकारियों का कहना है कि संपत्ति से जुड़े दस्तावेजों, बैंक खातों, निवेश और अन्य वित्तीय लेनदेन की गहन जांच की गई, जिसके बाद आय और संपत्ति के बीच बड़ा अंतर सामने आया।


मई में छह ठिकानों पर हुई थी छापेमारी

इस मामले में आर्थिक अपराध इकाई ने 27 मई को बड़ी कार्रवाई करते हुए चंद्रमोहन पासवान से जुड़े छह अलग-अलग ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की थी। यह कार्रवाई कई घंटों तक चली, जिसमें जांच टीम ने बड़ी मात्रा में दस्तावेज, वित्तीय रिकॉर्ड और अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्य जब्त किए। जांच एजेंसी ने इन दस्तावेजों की पड़ताल के बाद संपत्ति और आय के स्रोतों का मिलान किया। इसके बाद तैयार की गई रिपोर्ट ग्रामीण विकास विभाग को भेजी गई, जिसके आधार पर विभाग ने निलंबन का आदेश जारी किया।


विभाग ने शुरू की विभागीय कार्रवाई

ग्रामीण विकास विभाग का कहना है कि निलंबन प्रारंभिक कार्रवाई है और विभागीय जांच अभी जारी रहेगी। यदि जांच के दौरान नए तथ्य सामने आते हैं तो संबंधित नियमों के तहत आगे भी कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों का कहना है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित की जाएगी और दोष सिद्ध होने पर नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।


भ्रष्टाचार के खिलाफ सरकार का सख्त संदेश

बिहार सरकार लगातार भ्रष्टाचार से जुड़े मामलों में कार्रवाई कर रही है। सरकार का स्पष्ट कहना है कि किसी भी सरकारी अधिकारी या कर्मचारी को पद का दुरुपयोग करने या अवैध तरीके से संपत्ति अर्जित करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। आर्थिक अपराध इकाई भी ऐसे मामलों की लगातार निगरानी कर रही है और शिकायत मिलने पर जांच की प्रक्रिया तेज की जा रही है।


पूर्व बीडीओ चंद्रमोहन पासवान के निलंबन को इसी अभियान की एक महत्वपूर्ण कार्रवाई माना जा रहा है। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में जांच पूरी होने के बाद इस मामले में और भी कानूनी कदम उठाए जा सकते हैं। फिलहाल विभागीय जांच और ईओयू की आगे की कार्रवाई पर सभी की नजर बनी हुई है।