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Delhi Gangrape Case : “निर्भया कांड Part-2?” दिल्ली गैंगरेप में बिहार-हरियाणा कनेक्शन से सनसनी, गोपालगंज में रजिस्टर्ड निकली बस; आखिर कौन है मालिक?

दिल्ली में हुए निर्भया जैसे गैंगरेप कांड में बड़ा खुलासा हुआ है। जिस बस में महिला के साथ दरिंदगी हुई, उसका रजिस्ट्रेशन बिहार के गोपालगंज जिले में कराया गया था। अब परिवहन विभाग दस्तावेजों की जांच में जुट गया है।

1st Bihar Published by: First Bihar Updated May 15, 2026, 8:37:15 AM

Delhi Gangrape Case : “निर्भया कांड Part-2?” दिल्ली गैंगरेप में बिहार-हरियाणा कनेक्शन से सनसनी, गोपालगंज में रजिस्टर्ड निकली बस; आखिर कौन है मालिक?

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Delhi Gangrape Case : दिल्ली में हुए निर्भया कांड जैसी दरिंदगी ने एक बार फिर पूरे देश को झकझोर दिया है। इस सनसनीखेज गैंगरेप मामले में जिस बस का इस्तेमाल किया गया, उसका कनेक्शन बिहार के गोपालगंज जिले से जुड़ा हुआ है। जांच में सामने आया है कि बस का रजिस्ट्रेशन गोपालगंज जिले के सिधवलिया थाना क्षेत्र के सदौवा रामपुर गांव के पते पर कराया गया था। इस खुलासे के बाद परिवहन विभाग और स्थानीय प्रशासन भी हरकत में आ गया है।


जानकारी के अनुसार, बस का मालिक हरियाणा के फरीदाबाद स्थित सैनिक कॉलोनी, अरावली विहार अपार्टमेंट निवासी साहिल मल्होत्रा है। उसने गोपालगंज के सदौवा रामपुर गांव निवासी अनुज पांडेय के मकान को किराये पर लेकर वहां कार्यालय दिखाकर बस का रजिस्ट्रेशन कराया था। बताया जा रहा है कि इसके लिए हर महीने सात हजार रुपये किराया दिया जाता था। हालांकि वर्तमान में वहां किसी प्रकार का कार्यालय संचालित नहीं हो रहा है।


बस “साईं दृष्टि प्राइवेट लिमिटेड” के नाम से रजिस्टर्ड है और उसका रजिस्ट्रेशन नंबर BR-28P-3941 है। परिवहन विभाग के रिकॉर्ड के मुताबिक बस पर पहले से ही कई तरह के नियमों के उल्लंघन को लेकर कार्रवाई हो चुकी है। परमिट, ओवरलोडिंग, इंश्योरेंस समेत अन्य मामलों में बस पर एक लाख 37 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया था। बस का संचालन “रॉयल ट्रैवल्स एंड कार्गो” नामक कंपनी द्वारा किया जा रहा था।


जानकारों का कहना है कि दूसरे राज्यों के कई बस मालिक बिहार में रजिस्ट्रेशन कराना ज्यादा फायदेमंद मानते हैं। इसकी बड़ी वजह बसों की बॉडी और सीटिंग क्षमता से जुड़े नियम हैं। बताया जाता है कि बिहार में बसों में ज्यादा बॉक्स और चौड़ी बॉडी की अनुमति मिलने के कारण अधिक यात्रियों को बैठाया जा सकता है। इससे बस संचालकों को अतिरिक्त मुनाफा होता है। इसी लालच में कई लोग नियमों की अनदेखी कर बसों को ओवरलोड चलाते हैं।


नियमों के मुताबिक ड्राइवर केबिन में यात्रियों को बैठाना पूरी तरह प्रतिबंधित है, लेकिन बिहार से लेकर दिल्ली तक यह नियम खुलेआम टूटता दिखाई देता है। बसों में सीट क्षमता से अधिक यात्रियों को बैठाया जाता है। इतना ही नहीं, कई बार बिना अनुमति भारी सामान की ढुलाई भी की जाती है, जिससे यात्रियों की सुरक्षा खतरे में पड़ जाती है। गोपालगंज के जिला परिवहन पदाधिकारी शशि शेखर ने बताया कि संबंधित बस के रजिस्ट्रेशन दस्तावेजों की गहन जांच की जा रही है। यदि जांच में किसी तरह की अनियमितता सामने आती है तो नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।


दरअसल, दिल्ली में सोमवार रात महिला अपने काम से घर लौट रही थी। सरस्वती विहार बस स्टॉप के पास एक स्लीपर बस रुकी। महिला ने बस के गेट पर खड़े व्यक्ति से समय पूछा, तभी उसे जबरन बस के अंदर खींच लिया गया। इसके बाद आरोपियों ने चलती बस में महिला के साथ गैंगरेप किया और देर रात उसे सड़क किनारे फेंककर फरार हो गए।


दिल्ली पुलिस ने कार्रवाई करते हुए बस के ड्राइवर और कंडक्टर को गिरफ्तार कर लिया है। पीड़िता बेहद गरीब परिवार से संबंध रखती है और अपने बीमार पति तथा तीन बच्चों का पालन-पोषण करने के लिए मजदूरी करती है। इस घटना ने देश को एक बार फिर 2012 के निर्भया कांड की भयावह याद दिला दी है, जिसने पूरे देश को झकझोर दिया था।