ब्रेकिंग
Earthquake: दिल्ली-NCR और उत्तर भारत में महसूस हुए भूकंप के तेज झटके, 5.9 थी तीव्रतामोकामा में अनंत सिंह का अंतरराष्ट्रीय महादंगल, देश-विदेश के 101 पहलवानों ने दिखाई ताकत; किसने मारी बाजी?बिहार में मैरिज हॉल पर छापा, 80 युवक-युवतियां आपत्तिजनक हालत में पकड़े गए, होटल सीलदरभंगा में ज्वेलर्स की दुकान से दो करोड़ की लूट, 20 लाख कैश और सोने-चांदी के गहनें ले गए बदमाश; 10 मिनट में दिया वारदात को अंजामबिहार में फर्जी IPS बनकर वसूली करने वाला शातिर गिरफ्तार, NIA-CIA और BJP की जाली ID भी मिलीEarthquake: दिल्ली-NCR और उत्तर भारत में महसूस हुए भूकंप के तेज झटके, 5.9 थी तीव्रतामोकामा में अनंत सिंह का अंतरराष्ट्रीय महादंगल, देश-विदेश के 101 पहलवानों ने दिखाई ताकत; किसने मारी बाजी?बिहार में मैरिज हॉल पर छापा, 80 युवक-युवतियां आपत्तिजनक हालत में पकड़े गए, होटल सीलदरभंगा में ज्वेलर्स की दुकान से दो करोड़ की लूट, 20 लाख कैश और सोने-चांदी के गहनें ले गए बदमाश; 10 मिनट में दिया वारदात को अंजामबिहार में फर्जी IPS बनकर वसूली करने वाला शातिर गिरफ्तार, NIA-CIA और BJP की जाली ID भी मिली

नीतीश के ड्रीम प्रोजेक्ट का नियम बदला, साइकिल और पोशाक के लिए अब अटेंडेंस की शर्त खत्म

PATNA : बिहार में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के ड्रीम प्रोजेक्ट साइकिल और पोशाक योजना का लाभ लेने के लिए 75 फ़ीसदी अटेंडेंस की सर्च को खत्म कर दिया गया है। प्रदेश में पहली से लेक

नीतीश के ड्रीम प्रोजेक्ट का नियम बदला, साइकिल और पोशाक के लिए अब अटेंडेंस की शर्त खत्म
EditorEditor|
|AMP
विज्ञापन — Rectangle

PATNA : बिहार में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के ड्रीम प्रोजेक्ट साइकिल और पोशाक योजना का लाभ लेने के लिए 75 फ़ीसदी अटेंडेंस की सर्च को खत्म कर दिया गया है। प्रदेश में पहली से लेकर 12वीं तक के सभी 2 करोड़ 10 लाख छात्र-छात्राओं को साइकिल और पोशाक के साथ-साथ छात्रवृत्ति योजना के तहत राशि दी जाती है। नीतीश सरकार ने अब इस योजना का लाभ लेने के लिए 75 फ़ीसदी हाजिरी की अनिवार्यता को खत्म कर दिया है। 


बुधवार यानी कल शाम हुई कैबिनेट की बैठक में यह फैसला लिया गया कि साल 2021-22 के लिए 75 फ़ीसदी हाजिरी की अनिवार्यता नहीं रहेगी। 75 फीसदी हाजिरी के बगैर भी छात्र-छात्राओं को साइकिल और पोशाक योजना का लाभ मिल पाएगा। हालांकि यह व्यवस्था केवल एक साल के लिए की गई है। कैबिनेट ने जिन प्रस्ताव को मंजूरी दी जिसमें यह भी शामिल था। दरअसल कोरोना संक्रमण के कारण इस साल स्कूल ज्यादातर दिनों में बंद ही रहे लिहाजा अटेंडेंस की बाध्यता को खत्म करने का फैसला किया गया। 


कैबिनेट की बैठक के बाद कैबिनेट सचिवालय के अपर मुख्य सचिव संजय कुमार ने इसकी जानकारी देते हुए कहा कि जिन बच्चों की स्कूलों में 75 फीसदी हाजिरी होती है। उन्हें इन योजनाओं के तहत से राशि देने का प्रावधान रहा है लेकिन संक्रमण के कारण इस बार स्कूल ही बंद रहे। इसलिए 75 फीसदी अटेंडेंस की अनिवार्यता को इस साल खत्म किया गया है। कैबिनेट की मंजूरी मिलने के बाद अब जल्द ही बच्चों के खाते में राशि भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।

टैग्स
इस खबर के बारे में
Editor

रिपोर्टर / लेखक

Editor

FirstBihar न्यूज़ डेस्क

विज्ञापन

संबंधित खबरें