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कोरोना का भीषणतम कहर झेल रहे पटना को अपने MP रविशंकर प्रसाद की तलाश, काश! अपने वोटरों को ही राहत दिला देते इतने पावरफुल मंत्री

PATNA : बिहार में कोरोना का सबसे भीषण कहर झेल रहे पटना के लोगों की निगाहें अपने सांसद रविशंकर प्रसाद को तलाश रही है. इतनी भीषण त्रासदी में भी पिछले 22 दिनों से रविशंकर प्रसाद अपने

कोरोना का भीषणतम कहर झेल रहे पटना को अपने MP रविशंकर प्रसाद की तलाश, काश! अपने वोटरों को ही राहत दिला देते इतने पावरफुल मंत्री
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PATNA : बिहार में कोरोना का सबसे भीषण कहर झेल रहे पटना के लोगों की निगाहें अपने सांसद रविशंकर प्रसाद को तलाश रही है. इतनी भीषण त्रासदी में भी पिछले 22 दिनों से रविशंकर प्रसाद अपने संसदीय क्षेत्र में नजर नहीं आये हैं. इस बीच अखबारों में उनके हवाले से कुछ घोषणायें छपी लेकिन वे पूरी नहीं हुई. पटना साहिब क्षेत्र के वोटर पूछ रहे हैं कि केंद्र में इतने पावरफुल मंत्री होने के बावजूद रविशंकर प्रसाद ने अपने क्षेत्र में मर रहे लोगों के लिए क्या किया?


कहां है रविशंकर प्रसाद
पटना के पाटलिपुत्र इलाके में एक ऑक्सीजन गैस एजेंसी के सामने गैस लेने के लिए पिछले कई घंटे से खड़े भरत महतो आज हमारे संवाददाता के सामने फट पड़े. कोरोना के शिकार बने पिता जी की हालत खराब है. सुबह 8 बजे से ऑक्सीजन गैस के लिए इस एजेंसी के सामने खड़ा हूं. फिर भी गैस मिलने की कोई संभावना नहीं दिख रही है. कहां हैं हमारे सांसद रविशंकर प्रसाद जी. उनको इसलिए वोट दिया था कि इलाज के बिना तड़प त़ड़प कर मरना पड़े. भरत महतो के इतना बोलते ही गैस एजेंसी के सामने खड़े कई औऱ लोग फट पड़े. कंकड़बाग से आये राकेश कुमार ने कहा कि लोग इलाज के बिना मर रहे हैं औऱ सांसद दिल्ली में बैठे हैं. कोई हमें मदद करने वाला नहीं है.


पिछले दफे 13 अप्रैल को पटना आये थे रविशंकर प्रसाद
पटना साहिब के सांसद रविशंकर प्रसाद पिछले दफे 13 अप्रैल को पटना आये थे. टीकाकरण उत्सव में शामिल होने. नरेंद्र मोदी ने टीकाकरण उत्सव चलाने का एलान किया था. रविशंकर जी आये, आईजीआईएमएस में टीकाकरण उत्सव का हाल देखा औऱ फिर वापस दिल्ली. उसके बाद से अपने संसदीय क्षेत्र में उनके कदम नहीं पड़े. लोग कह रहे हैं कि रविशंकर प्रसाद पावरफुल मंत्री हैं. अगर वे अपने क्षेत्र में आकर सरकारी अस्पतालों का हाल ही देख लेते तो हालत सुधर जाती. इतने पावरफुल मंत्री क्या ऑक्सीजन औऱ दवा का इंतजाम कराने में सक्षम नहीं होते. हमारी टीम ने तीन दर्जन से ज्यादा लोगों से बात की, सारे बेहद नाराज दिखे.


अखबारों में छपी घोषणा लेकिन हुआ कुछ नहीं
वैसे इस बीच अखबारों में रविशंकर प्रसाद की कई घोषणायें छपी.25 अप्रैल को रविशंकर प्रसाद के हवाले से खबर आय़ी कि  उन्होंने पटना में मौजूद मेदांता अस्पताल को कोविड अस्पताल बनाने के लिए मेदांता ग्रुप के अध्यक्ष डॉ नरेश त्रेहान से व्यक्तिगत रूप से आग्रह किया है. उन्होंने कहा है कि कंकड़बाग में मौजूद इस अस्पताल को तुरंत कोविड के इलाज के लिए डेडिकेटेड अस्पताल के रूप में शुरू किया जाये. रविशंकर प्रसाद ने बताया था कि डॉ नरेश त्रेहान ने आश्वस्त किया है कि बहुत जल्द पटना के मंदाता को कोविड अस्पताल बना दिया जायेगा. उनके बात किये 10 दिन बीत गये, पटना के मेदांता अस्पताल में कुछ नहीं हुआ. आज तक वहां कोविड पेशेंट के लिए एक बेड नहीं लगा. 


25 अप्रैल को ही रविशंकर प्रसाद ने कहा था कि उन्होंने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से आग्रह किया है कि बिहटा स्थित इएसआइसी अस्पताल के लिए सेना के डॉक्टरों की संख्या बढ़ायी जाये. रविशंकर प्रसाद ने बताया था कि इस अस्पताल में छह अतिरिक्त डॉक्टर पहुंच गये हैं. इससे कोविड के इलाज में सुविधा होगी. बिहटा के कोविड अस्पताल की हालत ये है कि आज तक वहां सही से इलाज शुरू नहीं हो पायी है. 500 बेड की क्षमता वाले इस अस्पताल में 150 वेंटीलेटर समेत सारी दूसरी सुविधायें मौजूद है. लेकिन आज तक उसके सिर्फ 100 बेड काम कर रहे हैं. बिहटा के अस्पताल को लेकर हाईकोर्ट लगातार सरकार को फटकार लगा रही है. लेकिन फिर भी अस्पताल की स्थिति नहीं सुधरी है.

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FirstBihar न्यूज़ डेस्क

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