Bihar Teachers News: बिहार के शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव डॉ. एस. सिद्धार्थ ने शनिवार को ‘शिक्षा की बात हर शनिवार’ कार्यक्रम के दौरान राज्य भर के स्थानांतरित शिक्षकों के लिए एक महत्वपूर्ण घोषणा की। उन्होंने बताया कि हाल ही में स्थानांतरित किए गए 1 लाख 30 हजार से अधिक शिक्षकों को 20 जून 2025 तक नए विद्यालयों में पदस्थापित कर दिया जाएगा और उन्हें 30 जून से पहले योगदान करना अनिवार्य होगा।
डॉ. सिद्धार्थ ने यह स्पष्ट किया कि स्थानांतरित शिक्षकों को अब अपने पुराने विद्यालयों से औपचारिक रूप से विरमित (रिलीव) होने की आवश्यकता नहीं है। जैसे ही शिक्षक नए विद्यालय में योगदान देंगे, स्वतः पुराने विद्यालय से विरमित माने जाएंगे। यह निर्णय प्रक्रियात्मक सरलता और समय की बचत को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। शिक्षा विभाग ने शिक्षकों से अपील की है कि वे विद्यालय आवंटन को लेकर बेवजह जिला शिक्षा पदाधिकारी (DEO) कार्यालय का चक्कर न लगाएं। डॉ. सिद्धार्थ ने भरोसा दिलाया कि स्थानांतरण और पदस्थापन की पूरी प्रक्रिया पारदर्शिता के साथ ऑनलाइन सिस्टम के माध्यम से संचालित की जा रही है।
गर्मी की छुट्टियों के बाद जैसे ही स्कूल दोबारा खुलेंगे, विद्यार्थियों को पाठ्यपुस्तकें उपलब्ध करा दी जाएंगी। विभाग ने यह भी स्वीकार किया कि कुछ क्षेत्रों में समय से किताबें नहीं पहुंच पाईं, जिसकी समीक्षा की जाएगी और सुधारात्मक कदम उठाए जाएंगे। अपर मुख्य सचिव ने निर्देश दिया कि प्रत्येक विद्यालय में "स्टूडेंट ऑफ द वीक" के रूप में चुने गए छात्र को उसके अभिभावक की उपस्थिति में पुरस्कृत किया जाए। इसका उद्देश्य बच्चों के आत्मविश्वास और अभिभावकों की भागीदारी को बढ़ावा देना है।
गर्मी की छुट्टी से पहले सभी विद्यार्थियों को होमवर्क उपलब्ध करा दिया गया है, जिसे विभाग की वेबसाइट पर भी प्रकाशित किया गया है। उन्होंने कहा कि जिन बच्चों को छुट्टियों में यात्रा का अवसर नहीं मिल रहा, उनके लिए विद्यालयों में समर कैंप आयोजित किए गए हैं, जिनमें वे खेल, कला, विज्ञान और रचनात्मक गतिविधियों का आनंद ले सकते हैं। शिक्षा विभाग का यह कदम राज्य भर में शिक्षकों की पदस्थापना को सुव्यवस्थित और पारदर्शी बनाने की दिशा में एक बड़ा सुधार है। साथ ही, विद्यार्थियों की पढ़ाई, आत्मविकास और समर एक्टिविटीज़ पर भी विभाग विशेष ध्यान दे रहा है।



