1st Bihar Published by: FIRST BIHAR Updated Apr 24, 2026, 8:10:26 AM
प्रतिकात्मक तस्वीर - फ़ोटो Google
Bihar Student Credit Card: बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना की स्थिति इस समय ठीक नहीं है। शिक्षा विभाग ने 2025-26 सत्र के लिए 95,220 छात्र-छात्राओं को शिक्षा ऋण देने का लक्ष्य निर्धारित किया था। हालांकि लक्ष्य से अधिक 97,000 आवेदनों को स्वीकृति मिली, लेकिन इनमें से केवल 46,000 छात्रों को ही अब तक ऋण राशि मिल पाई है। वहीं, 51,000 से अधिक छात्र-छात्राएं अभी भी राशि का इंतजार कर रहे हैं। सबसे अधिक लंबित मामले पटना जिले में हैं, जहां 3,536 विद्यार्थियों का शिक्षा ऋण अटका हुआ है।
ऋण में देरी के कारण छात्रों और उनके अभिभावकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कई छात्रों के लिए कॉलेज या संस्थान से नाम कटने का खतरा भी बढ़ गया है। अधिकारियों के अनुसार, राशि आवंटन में कमी और जांच प्रक्रिया में देरी इसकी मुख्य वजह है। कई छात्रों को चार से पांच महीने पहले ही ऋण मिल जाना चाहिए था, लेकिन अब तक भुगतान नहीं हो सका है।
एक अन्य कारण बिहार राज्य शिक्षा वित्त निगम में प्रबंध निदेशक के पद का लंबे समय तक खाली रहना भी बताया जा रहा है, जिससे प्रक्रिया प्रभावित हुई। इसके अलावा डीआरसीसी (जिला पंजीकरण एवं परामर्श केंद्र) स्तर पर दस्तावेजों की जांच और फिर थर्ड पार्टी (टीपी) द्वारा संस्थानों में जाकर ऑनलाइन-ऑफलाइन सत्यापन किया जाता है, जिसमें लगभग 60 दिन का समय लगता है।
बीते विधानसभा चुनाव से पहले सरकार ने इस योजना के तहत दिए जाने वाले शिक्षा ऋण को काफी हद तक सस्ता कर दिया था। पहले छात्रों को 4% ब्याज और छात्राओं, ट्रांसजेंडर तथा दिव्यांग छात्रों को 1% ब्याज पर ऋण मिलता था, जिसे बाद में और सरल बनाया गया। यह पूरी योजना राज्य शिक्षा वित्त निगम के माध्यम से संचालित होती है, जो छात्रों को संस्थानों तक शिक्षा ऋण उपलब्ध कराती है।