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Bihar Weather Alert: बिहार में अगले पांच दिनों तक भीषण गर्मी से मिलेगी राहत, आंधी-बारिश का अलर्ट

Bihar Weather Alert: बिहार में मौसम विभाग ने अगले पांच दिनों तक आंधी-बारिश और वज्रपात का अलर्ट जारी किया है. ऐसे में भीषण गर्मी से लोगों को पांच दिनों तक राहत मिलेगी हालांकि राज्य में आंधी और बारिश से फसलों को भारी नुकसान हुआ है.

1st Bihar Published by: FIRST BIHAR Updated May 01, 2026, 7:01:11 AM

Bihar Weather Alert

प्रतिकात्मक तस्वीर - फ़ोटो Google

Bihar Weather Alert: बिहार के विभिन्न हिस्सों में अगले पांच दिनों तक मेघ गर्जन, वज्रपात और आंधी-बारिश की संभावना जताई गई है। मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, पटना सहित राज्य के अधिकांश इलाकों में तेज हवा के साथ बारिश का पूर्वानुमान है। अगले 24 घंटों में अधिकतम तापमान में करीब तीन डिग्री तक गिरावट आने से मौसम सामान्य रहने की उम्मीद है।


आंधी-बारिश के बाद गुरुवार को पटना सहित राज्य के 20 जिलों में अधिकतम तापमान में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई। पटना में अधिकतम तापमान 29.7 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 19.7 डिग्री सेल्सियस रहा, जबकि 25.1 मिमी वर्षा दर्ज की गई। अन्य जिलों में भी अच्छी बारिश हुई। सुपौल के परपतगंज में 72.6 मिमी, पूर्णिया में 60.2 मिमी, मधुबनी के लखनपुर में 58 मिमी, बक्सर में 54.4 मिमी, पूर्णिया के श्रीनगर में 52.8 मिमी, अररिया के सिकटी में 52.2 मिमी और मधुबनी के झंझारपुर में 50 मिमी वर्षा दर्ज की गई।


इस बीच, कृषि विभाग ने आंधी-बारिश से फसल और फल-सब्जियों को हुए नुकसान की जिलावार रिपोर्ट तलब की है। पटना जिले में बुधवार रात आई आंधी और बारिश से आम और सब्जियों की फसलों को नुकसान पहुंचा है। लौकी, तरोई, करेला और परवल जैसी बेल वाली सब्जियों के लत्तर टूट गए हैं। कई जगहों पर सहारा देने वाली रस्सियां और संरचनाएं क्षतिग्रस्त होने से तैयार फसल प्रभावित हुई है।


तेज बारिश के कारण खेतों में जलभराव से भी नुकसान हुआ है। खीरा, ककड़ी, नेनुआ और झिंगुनी जैसी फसलों में पीलापन आने की आशंका है। खीरा और तरबूज की फसल को भी क्षति पहुंची है। वहीं, रबी फसल कटने के बाद खेतों में रखा भूसा तेज आंधी में उड़ गया, जिससे पशुपालकों को भी नुकसान हुआ है।


तेज आंधी और बारिश के कारण आम और लीची के बागानों को भी नुकसान पहुंचा है। आम के पेड़ों की डालियां टूट गईं और अधपके फल गिर गए। लीची के पेड़ भी कई जगह क्षतिग्रस्त हुए हैं। कुछ क्षेत्रों में मकई की फसल भी प्रभावित हुई है, जहां पौधे गिर गए हैं। तेज हवाओं से पशुओं के शेड और छप्पर भी उड़ गए।