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Bihar News: तेजस्वी के राघोपुर को बिहार का पहला IT सिटी बनाएंगे नीतीश, हमेशा के लिए बदल जाएगी दियारा की तस्वीर

Bihar News: बिहार के राघोपुर को नीतीश कुमार सिंगापुर मॉडल पर पहला आईटी सिटी बनाएंगे। तेजस्वी यादव के विधानसभा क्षेत्र में लॉजिस्टिक हब, टाउनशिप और रोजगार के ढेरों नए अवसर। हाईलेवल कमेटी ने शुरू किया सर्वे।

Bihar News
प्रतीकात्मक
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Deepak KumarDeepak Kumar|
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Bihar News: बिहार का राघोपुर दियारा क्षेत्र नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव का विधानसभा क्षेत्र है, इसे अब मुख्यमंत्री नीतीश कुमार सिंगापुर मॉडल पर बिहार का पहला आईटी सिटी बनाने की दिशा में तेजी से काम कर रहे हैं। इस महत्वाकांक्षी परियोजना के तहत राघोपुर को एक आधुनिक औद्योगिक क्षेत्र, लॉजिस्टिक हब, आईटी पार्क और टाउनशिप के रूप में विकसित किया जाएगा। यह पहल न केवल दियारा क्षेत्र की आर्थिक, सामाजिक और पर्यटकीय स्थिति को बदलेगी, बल्कि बिहार के शहरी विकास को एक नई पहचान भी देगी।


परियोजना का विवरण

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राघोपुर को बिहार का पहला आईटी सिटी बनाने की घोषणा की है। इस परियोजना में शामिल होंगे:

आईटी पार्क: तकनीकी कंपनियों और स्टार्टअप्स के लिए आधुनिक सुविधाओं वाला केंद्र।

लॉजिस्टिक हब: गंगा नदी की निकटता का लाभ उठाते हुए परिवहन और व्यापार को बढ़ावा।

टाउनशिप: आवास, शिक्षा, स्वास्थ्य और मनोरंजन की एकीकृत सुविधाओं के साथ पर्यावरण-अनुकूल संरचना।

औद्योगिक क्षेत्र: निवेश को आकर्षित करने के लिए औद्योगिक इकाइयां और प्रोसेसिंग जोन।


राघोपुर की भौगोलिक स्थिति पटना के निकट होने और गंगा नदी के किनारे होने के कारण इसे औद्योगिक और तकनीकी विकास के लिए आदर्श माना जा रहा है। बाढ़ से बचाव के लिए क्षेत्र को बांधों से सुरक्षित किया जाएगा, जिससे दीर्घकालिक विकास संभव होगा।


हाईलेवल कमेटी का सर्वे

मुख्यमंत्री के निर्देश पर एक उच्चस्तरीय कमेटी ने राघोपुर और आसपास के क्षेत्रों का भौतिक सर्वेक्षण किया है। कमेटी में पथ निर्माण विभाग के विशेष सचिव शीर्षत कपिल अशोक, जल संसाधन विभाग के यशपाल मीणा, राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के अजीव वत्स राज और नगर विकास एवं आवास विभाग के अपर सचिव राजीव कुमार श्रीवास्तव शामिल थे।


इस कमेटी ने गंगा के उत्तरी तट से चकसिकंदर तक का दौरा कर विकास की संभावनाओं का आकलन किया है। जल्द ही यह कमेटी नगर विकास विभाग को एक विस्तृत कार्य योजना सौंपेगी, जिसके आधार पर राघोपुर को बिहार के सबसे आधुनिक शहरी क्षेत्रों में तब्दील करने की दिशा में काम शुरू किया जाएगा।


इस परियोजना से स्थानीय युवाओं को रोजगार के नए अवसर मिलेंगे। आईटी पार्क और औद्योगिक क्षेत्र में तकनीकी और गैर-तकनीकी नौकरियां सृजित होंगी, जिससे बिहार के युवाओं को अन्य राज्यों में पलायन करने की जरूरत कम होगी। तेजस्वी यादव ने पहले भी बिहार में बेरोजगारी और पलायन को प्रमुख मुद्दा बनाया था और यह परियोजना उनकी मांगों के अनुरूप स्थानीय रोजगार को बढ़ावा देगी। इस टाउनशिप में आवास, स्कूल, अस्पताल और मनोरंजन की सुविधाएं होंगी, जो क्षेत्र को जीवन-यापन के लिए आकर्षक बनाएंगी। निवेश के लिए अनुकूल माहौल तैयार होने से निजी क्षेत्र की कंपनियां भी राघोपुर की ओर आकर्षित होंगी।


राघोपुर तेजस्वी यादव और उनके परिवार का गढ़ रहा है। ऐसे में नीतीश कुमार की यह पहल सियासी हलचल पैदा कर रही है। 23 जून 2025 को नीतीश ने कच्ची दरगाह-बिदुपुर 6-लेन गंगा पुल का उद्घाटन किया था। जिसने राघोपुर को पटना से जोड़कर दूरी को केवल 5 मिनट कर दिया है। इस पुल ने क्षेत्र में आवागमन को सुगम बनाया और अब आईटी सिटी की योजना इसे विकास का नया केंद्र बनाएगी।


हालांकि, तेजस्वी की बहन रोहिणी आचार्य ने दावा किया है कि इस पुल का शिलान्यास उनके भाई के उप-मुख्यमंत्रित्व काल में हुआ था। दूसरी ओर नीतीश की यह घोषणा तेजस्वी के गढ़ में उनकी सियासी पकड़ को चुनौती देने की रणनीति के रूप में भी देखी जा रही है, खासकर 2025 विधानसभा चुनाव से पहले।

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रिपोर्टर / लेखक

Deepak Kumar

FirstBihar न्यूज़ डेस्क

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