Bihar News: बिहार में मोटरवाहन अधिनियम का उल्लंघन एवं यातायात नियमों के उल्लंघन से संबंधित त्रुटिपूर्ण एवं लंबित ई-चालान मामलों के त्वरित निपटारे के लिए महत्वपूर्ण पहल की गई है। इसके तहत 14 मार्च 2026 को राज्य के सभी जिलों में आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत के माध्यम से ऐसे मामलों का निष्पादन किया जाएगा।
इस संबंध में परिवहन विभाग ने सभी जिलों के जिला परिवहन पदाधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे अपने-अपने जिलों में लंबित एवं त्रुटिपूर्ण ई-चालान मामलों की समीक्षा करते हुए उन्हें राष्ट्रीय लोक अदालत में प्रस्तुत करने की आवश्यक तैयारी सुनिश्चित करें, ताकि मामलों का शीघ्र एवं प्रभावी निपटारा किया जा सके।
विभिन्न जिलों में आयोजित होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालतों में ई-चालान मामलों के निपटारे को सफल बनाने के उद्देश्य से राज्य परिवहन आयुक्त श्री आरिफ अहसन ने शुक्रवार को सभी जिलों के जिला परिवहन पदाधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक की।
बैठक में लोक अदालत के दौरान अधिक से अधिक लंबित ई-चालान मामलों के निष्पादन के लिए आवश्यक तैयारियां करने के निर्देश दिए गए। साथ ही संबंधित अभिलेखों को समय पर उपलब्ध कराने तथा ई-चालान मामलों की सुनवाई/निर्णय के लिए वाहनवार विस्तृत सूची तैयार करने को भी कहा गया।
राज्य में यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन स्वामियों एवं चालकों के विरुद्ध ई-चालान जारी करने की व्यवस्था लागू है। परिवहन विभाग के प्रवर्तन तंत्र तथा पुलिस/यातायात पुलिस द्वारा नियमों के उल्लंघन की स्थिति में ई-चालान जारी किए जाते हैं। कई मामलों में चालान विभिन्न कारणों से लंबित रह जाते हैं या उनमें त्रुटियां पाई जाती हैं। ऐसे लंबित एवं त्रुटिपूर्ण चालानों के निष्पादन के लिए राष्ट्रीय लोक अदालत एक प्रभावी एवं त्वरित मंच प्रदान करेगी।
परिवहन विभाग ने वाहन स्वामियों से अपील की है कि जिनके ई-चालान लंबित हैं या त्रुटिपूर्ण है वे 14 मार्च 2026 को आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत में उपस्थित होकर अपने मामलों का निपटारा कराएं। राष्ट्रीय लोक अदालत के माध्यम से ई-चालान से संबंधित लंबित एवं त्रुटिपूर्ण मामलों के निपटारे का यह एक महत्वपूर्ण अवसर है। इससे न केवल वाहन स्वामियों को अपने मामलों का त्वरित समाधान मिलेगा, बल्कि लंबित मामलों में भी उल्लेखनीय कमी आएगी। सभी वाहन स्वामियों से अपील है कि वे इस अवसर का लाभ उठाते हुए अपने लंबित ई-चालान मामलों का निपटारा कराएं और भविष्य में यातायात नियमों का पालन सुनिश्चित करें।




