ब्रेकिंग
दरभंगा-बेंगलुरु रूट पर अकासा एयर की सीधी उड़ान, जानिए.. फ्लाइट का किराया और टाइमिंगबिहार में जीविका दीदियों को मिला नया टास्क: बिजली कार्यालयों के लिए करना होगा अब यह काम, JEEVIKA और SBPDCL के बीच करारकटिहार उपद्रव मामले में बड़ा एक्शन, 20 नामजद समेत 700 अज्ञात लोगों के खिलाफ केस दर्जNMCH में बढ़ेंगी MBBS और PG की सीटें, NMC को भेजा गया सीटों में बढ़ोतरी का प्रस्ताव; डॉक्टरों की कमी दूर करने की तैयारीबिहार में सनसनीखेज वारदात: अपराधियों ने घर में सो रहे गार्ड को मारी गोली, फंदे से लटका मिला बड़े भाई का शवदरभंगा-बेंगलुरु रूट पर अकासा एयर की सीधी उड़ान, जानिए.. फ्लाइट का किराया और टाइमिंगबिहार में जीविका दीदियों को मिला नया टास्क: बिजली कार्यालयों के लिए करना होगा अब यह काम, JEEVIKA और SBPDCL के बीच करारकटिहार उपद्रव मामले में बड़ा एक्शन, 20 नामजद समेत 700 अज्ञात लोगों के खिलाफ केस दर्जNMCH में बढ़ेंगी MBBS और PG की सीटें, NMC को भेजा गया सीटों में बढ़ोतरी का प्रस्ताव; डॉक्टरों की कमी दूर करने की तैयारीबिहार में सनसनीखेज वारदात: अपराधियों ने घर में सो रहे गार्ड को मारी गोली, फंदे से लटका मिला बड़े भाई का शव

बिहार में बालू की किल्लत खत्म करने के लिए नीतीश सरकार ने उठाया कदम, पर्यावरण मंजूरी के लिए एक्सटेंशन की तैयारी

PATNA : आने वाले वक्त में बिहार को बालू की किल्लत ना हो इसके लिए नीतीश सरकार ने अभी से ही कदम उठाना शुरू कर दिया है। सरकार ने बालू घाटों की नीलामी में पर्यावरण मंजूरी को लेकर

बिहार में बालू की किल्लत खत्म करने के लिए नीतीश सरकार ने उठाया कदम, पर्यावरण मंजूरी के लिए एक्सटेंशन की तैयारी
First Bihar
|
|AMP
विज्ञापन — Rectangle

PATNA : आने वाले वक्त में बिहार को बालू की किल्लत ना हो इसके लिए नीतीश सरकार ने अभी से ही कदम उठाना शुरू कर दिया है। सरकार ने बालू घाटों की नीलामी में पर्यावरण मंजूरी को लेकर जो परेशानी आती है उसके लिए कदम उठाने का फैसला किया है। राज्य सरकार 84 महत्वपूर्ण बालू घाटों की पर्यावरण मंजूरी को अवधि विस्तार देने की तैयारी कर रही है। 


पिछले दिनों हुई स्टेट एनवायरमेंटल एक्सपर्ट अप्रेजल कमेटी ने शर्तों के साथ इसकी अनुशंसा भी कर दी है। आगे पर्यावरण प्रभाव आकलन प्राधिकार इस पर अपनी अंतिम मुहर लगाएगा। मुहर लगने के साथ ही बालू घाटों की नीलामी में कोई तकनीकी परेशानी नहीं बचेगी। बालू घाटों को पर्यावरण मंजूरी मिलने के बाद उनकी नीलामी में कोई परेशानी नहीं आएगी। 


वहीं दूसरी तरफ से नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल या अन्य अदालतों में पर्यावरण कानूनों के उल्लंघन के मामलों का सामना करने की आशंका भी कम हो जाएगी। आपको बता दें कि बिहार में सुप्रीम कोर्ट के आदेश के तहत बालू घाटों की नीलामी हो रही है। अगली नीलामी के पहले सरकार के अधिकारी सारी कानूनी प्रक्रिया को पूरा कर लेना चाहते हैं ताकि कहीं कोई परेशानी ना आए। राज्य के अंदर उन सभी 84 बालू घाटों के लिए यह प्रक्रिया अपनाई जा रही है, जहां से बालू का खनन होता है। 


पटना के रागनियाडीह, बहादुरगंज, जरखा, महाबलीपुर, रामपुर वाइना, महुआर, देवदाहा, मसाढ़ी, पाभेरा, सतपरसा, तिकुल, रूपापुर, आनंदपुर, रानीतालाब, खिरोधारपुर, रानीपुर, चकमिकी, आदमपुर, सिकंदरपुर, समनपुरा। अरवल के छपरा, सोहसा, चपरा, खैरा, मगलापुर, मसदपुर, सोनभद्र। गया के सादीपुर, तिनेरी पोचाकंड, बिहटो शारित, केंदुआ, परेवा, पारुहारा, रामचौरा, खेसारी, लारपुर, मारनपुर। बांका के लखनौरी, रनगांव, दामोहन, खचमचिया, गोविंदपुर, खुदबदी, सबलपुर, पेर, बरोधा. चौड़ा, सहोरा, मझली मथानी, गोधा बहियार, बघौनिया, सारम, गोदिया, पटवे भोरवा, मालदौन, मझायारा, जितवारपुर, बिशनपुर। पश्चिम चंपारण के बैरिया, बैजुआ अल्फा, बेलवा, बिनाकी खैरा, परसौनी, नारायणपुर, धनहा, मछहा चिनवलिया, डुमरी, बलुही खैरा, खैरा। वैशाली के हरौली, चंद्रालय, हटारो। औरंगाबाद के परैया। जहानाबाद के सुलतानपुर। बक्सर के मौजा खोरमपुर और लखीसराय के सूरजगढ़ा बालू घाट शामिल हैं।

टैग्स
इस खबर के बारे में

रिपोर्टर / लेखक

First Bihar

FirstBihar न्यूज़ डेस्क

विज्ञापन

संबंधित खबरें