Bihar News: बिहार की राजधानी में स्थित नालंदा मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (NMCH) प्रशासन ने राज्य में डॉक्टरों की कमी को दूर करने के लिए बड़ा कदम उठाने का निर्णय लिया है। अस्पताल प्रशासन ने नेशनल मेडिकल कमीशन (NMC) को स्नातक (MBBS) में 150 सीटों और स्नातकोत्तर (PG) में 20 सीटों की बढ़ोतरी के लिए प्रस्ताव भेजने की तैयारी शुरू कर दी है। यदि यह प्रस्ताव मंजूर हो जाता है, तो बिहार के सैकड़ों मेधावी छात्रों को अपने ही राज्य में चिकित्सा शिक्षा के अधिक अवसर मिल सकेंगे।
NMCH मैनेजमेंट का उद्देश्य कॉलेज में उपलब्ध संसाधनों का विस्तार करना है ताकि अधिक छात्रों को प्रवेश दिया जा सके। वर्तमान में एमबीबीएस की सीटें सीमित हैं, जिनमें लंबे समय से बढ़ोतरी की मांग की जा रही है। साथ ही, विभिन्न विशिष्ट विषयों में पीजी सीटों में भी वृद्धि पर जोर दिया जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि सीटों में बढ़ोतरी से छात्रों को फायदा होगा और जूनियर डॉक्टरों की संख्या बढ़ने से मरीजों को मिलने वाली स्वास्थ्य सेवाओं में भी सुधार होगा।
हालांकि, सीटों में वृद्धि केवल कागज पर आसान दिखती है, लेकिन उसे लागू करना चुनौतीपूर्ण है। NMC के नियमों के अनुसार, सीटों में बढ़ोतरी के लिए कॉलेज को कड़े मानकों को पूरा करना होता है। वर्तमान में NMCH कई बुनियादी समस्याओं से जूझ रहा है। अधिक छात्रों के लिए पर्याप्त हॉस्टल और कमरे, आधुनिक लैब, बड़े लेक्चर हॉल और छात्रों के अनुपात में प्रोफेसर और नर्सिंग स्टाफ की संख्या बढ़ाना आवश्यक है।
NMCH के वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि वे इन कमियों को दूर करने के लिए स्वास्थ्य विभाग के संपर्क में हैं। नए भवनों का निर्माण और पुराने इन्फ्रास्ट्रक्चर के रिनोवेशन की योजना बनाई गई है। यदि सरकार समय पर बजट और संसाधन मुहैया कराती है, तो कॉलेज NMC के निरीक्षण के दौरान अपनी योग्यता साबित कर सकेगा।
बिहार में जनसंख्या के अनुपात में डॉक्टरों की भारी कमी है। NMCH जैसे प्रतिष्ठित संस्थान में सीटों की बढ़ोतरी गरीब और मध्यम वर्ग के छात्रों के लिए वरदान साबित होगी, जो निजी मेडिकल कॉलेजों की ऊंची फीस नहीं भर सकते।


