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बिहार की ममता कार्यकर्ताओं को बड़ी सौगात, अब हर प्रसव पर मिलेगा इतने रुपये का प्रोत्साहन; 25 हजार कर्मियों को होगा फायदा

Bihar Government Scheme: बिहार सरकार ने ममता कार्यकर्ताओं को बड़ी राहत देते हुए उनकी प्रोत्साहन राशि में बढ़ोतरी कर दी है। अब प्रत्येक संस्थागत प्रसव पर उन्हें पहले से अधिक राशि मिलेगी, जिससे राज्य की हजारों स्वास्थ्य कर्मियों को सीधा लाभ होने...

1st Bihar Published by: First Bihar Updated Jun 14, 2026, 1:36:46 PM

बिहार की ममता कार्यकर्ताओं को बड़ी सौगात, अब हर प्रसव पर मिलेगा इतने रुपये का प्रोत्साहन; 25 हजार कर्मियों को होगा फायदा

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Bihar Government Scheme: बिहार की ममता कार्यकर्ताओं के लिए बड़ी खबर सामने आई है. राज्य सरकार ने उनके प्रोत्साहन बजट में बढ़ोतरी की है. चालू वित्तीय वर्ष में ममता कार्यकर्ताओं को प्रोत्साहन राशि के रूप में करीब 6.60 करोड़ रुपये दिए जाएंगे. अब हर प्रसव पर मिलने वाली प्रोत्साहन राशि को बढ़ाकर 600 रुपये कर दिया गया है.


इस फैसले से राज्य की करीब 25 हजार ममता कार्यकर्ताओं को सीधा लाभ मिलेगा. स्वास्थ्य विभाग का मानना है कि इससे संस्थागत प्रसव को बढ़ावा मिलेगा और ग्रामीण क्षेत्रों में जच्चा-बच्चा स्वास्थ्य सेवाओं को और मजबूती मिलेगी.


ममता कार्यकर्ता राज्य के मेडिकल कॉलेज, सदर अस्पताल, अनुमंडल अस्पताल, रेफरल अस्पताल, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में अपनी सेवाएं दे रही हैं. इनका मुख्य काम गर्भवती महिलाओं को सुरक्षित प्रसव के लिए अस्पताल तक पहुंचाना और प्रसव के दौरान सहयोग करना है.


ममता कार्यकर्ताओं की भूमिका केवल प्रसव तक सीमित नहीं है. वे प्रसव के बाद मां और नवजात की देखभाल, पोषण, साफ-सफाई और स्वास्थ्य संबंधी जानकारी भी देती हैं. इसके अलावा ग्रामीण इलाकों में महिलाओं को सरकारी स्वास्थ्य योजनाओं के प्रति जागरूक करने का काम भी करती हैं.


ममता कार्यकर्ता योजना की शुरुआत वर्ष 2008 में हुई थी. उस समय प्रति प्रसव केवल 100 रुपये प्रोत्साहन राशि दी जाती थी. इसके बाद वर्ष 2016-17 से 2024-25 तक यह राशि बढ़ाकर 300 रुपये कर दी गई थी. अब इसे बढ़ाकर 600 रुपये कर दिया गया है.


स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, ममता कार्यकर्ताओं के सहयोग से बिहार में संस्थागत प्रसव की संख्या में बढ़ोतरी हुई है. ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं को अस्पताल में सुरक्षित प्रसव कराने के लिए प्रेरित करने में इनकी अहम भूमिका रही है.


नई व्यवस्था के तहत जिलों और स्वास्थ्य संस्थानों को अलग-अलग बजट आवंटित किया गया है. इसमें सारण, समस्तीपुर, भागलपुर, पूर्णिया, मुजफ्फरपुर, कटिहार समेत कई जिलों के लिए लाखों रुपये का प्रावधान किया गया है.


सरकार का कहना है कि ममता कार्यकर्ताओं को बेहतर प्रोत्साहन मिलने से स्वास्थ्य सेवाओं में उनकी भागीदारी और मजबूत होगी. इससे ग्रामीण इलाकों में मातृ और शिशु मृत्यु दर कम करने में भी मदद मिलेगी.