1st Bihar Published by: First Bihar Updated Apr 09, 2026, 9:18:32 AM
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Bihar News : एलपीजी गैस की कमी से जूझ रहे बिहार के लोगों के लिए राहत भरी खबर है। खासकर उन परिवारों के लिए जिनके यहां जल्द ही शादी-ब्याह जैसे बड़े आयोजन होने वाले हैं। राज्य सरकार ने इस समस्या को देखते हुए नई गाइडलाइन जारी की है, जिससे अब शादी समारोह में भोज बनाने के लिए गैस सिलेंडर की उपलब्धता सुनिश्चित की जा सकेगी।
खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग की ओर से सभी जिलों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि जिन घरों में शादी तय है, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर कमर्शियल गैस सिलेंडर उपलब्ध कराया जाए। इस संबंध में विभाग की मंत्री लेशी सिंह और सचिव अभय कुमार सिंह ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यह व्यवस्था जिले में उपलब्ध स्टॉक के अनुसार लागू की जाएगी, ताकि किसी भी प्रकार की अव्यवस्था न हो।
मंत्री लेशी सिंह ने कहा कि सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि शादी जैसे मांगलिक कार्यों में किसी प्रकार की बाधा न आए। उन्होंने यह भी बताया कि घरेलू गैस उपभोक्ताओं को भी राहत देने के प्रयास जारी हैं। वर्तमान में गैस बुकिंग के चार से पांच दिनों के भीतर घरों तक सिलेंडर पहुंचाने का दावा किया गया है, जिससे आम लोगों को लंबा इंतजार न करना पड़े।
दरअसल, पिछले कुछ समय से अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों का असर एलपीजी आपूर्ति पर पड़ा है। मध्य-पूर्व क्षेत्र में तनाव और अमेरिका-ईरान के बीच बढ़ते टकराव के कारण गैस सप्लाई चेन प्रभावित हुई है। इसका असर भारत सहित कई देशों में देखने को मिला, जहां कमर्शियल गैस सिलेंडर की उपलब्धता कम हो गई और कीमतों में भी इजाफा हुआ।
इस स्थिति को नियंत्रित करने के लिए केंद्र सरकार ने भी सख्त कदम उठाए। कमर्शियल गैस सिलेंडर की सप्लाई को नियंत्रित किया गया और घरेलू सिलेंडर के व्यावसायिक इस्तेमाल पर पूरी तरह रोक लगा दी गई। इसके अलावा होटल, रेस्टोरेंट और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के लिए कमर्शियल गैस कनेक्शन का पंजीकरण अनिवार्य कर दिया गया है। बिना रजिस्ट्रेशन अब किसी भी व्यवसाय को गैस सिलेंडर उपलब्ध नहीं कराया जा रहा है।
इन सख्त नियमों और गैस की कमी का सीधा असर कैटरिंग व्यवसाय पर पड़ा है। शादी समारोहों में भोजन तैयार करने वाले कैटरर्स को अब अधिक लागत वहन करनी पड़ रही है। गैस की बढ़ी कीमत और सीमित उपलब्धता के चलते उन्होंने प्रति प्लेट खर्च में 15 से 20 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी कर दी है। इसका बोझ सीधे तौर पर शादी करने वाले परिवारों पर पड़ रहा है।
बढ़ती लागत के कारण कई परिवारों ने अपने विवाह समारोह के मेन्यू में कटौती शुरू कर दी है। पहले जहां कई तरह के व्यंजन और लाइव फूड काउंटर शामिल होते थे, अब उन्हें कम किया जा रहा है ताकि गैस की खपत को नियंत्रित किया जा सके और खर्च को सीमित रखा जा सके।
इस बीच, धार्मिक मान्यताओं के अनुसार चल रहा खरमास 14 अप्रैल को समाप्त हो जाएगा। इसके बाद 20 अप्रैल से विवाह के शुभ मुहूर्त शुरू हो जाएंगे। अप्रैल और मई में बड़ी संख्या में शादियां होने की संभावना है, जिससे बैंड, टेंट और कैटरिंग व्यवसाय से जुड़े लोगों को बेहतर कारोबार की उम्मीद है।सरकार की नई पहल से यह उम्मीद की जा रही है कि गैस संकट के बावजूद शादी-ब्याह के आयोजन सुचारु रूप से संपन्न हो सकेंगे और लोगों को अनावश्यक परेशानियों का सामना नहीं करना पड़ेगा।