Bihar News: बिहार की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने और हरित ऊर्जा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से लखीसराय जिले के कजरा प्रखंड में राज्य का सबसे बड़ा सोलर बिजली घर तैयार किया जा रहा है। यह परियोजना तेजी से निर्माणाधीन है और इसे इस वर्ष के अंत यानी दिसंबर 2025 तक चालू करने का लक्ष्य रखा गया है। अधिकारियों के अनुसार, कार्य निर्धारित समय से पहले पूरा करने का प्रयास किया जा रहा है।
यह सौर बिजली घर 185 मेगावाट बिजली उत्पादन की क्षमता से लैस होगा और इसकी सबसे खास बात यह है कि यह बैटरी स्टोरेज सुविधा से युक्त है। इसका मतलब है कि दिन के समय उत्पादित सौर ऊर्जा को बैटरियों में संग्रहित कर पीक आवर यानी शाम 7 बजे से रात 11 बजे तक इस्तेमाल किया जा सकेगा। इससे बिजली वितरण कंपनियों को उस समय बाजार से महंगी दरों पर बिजली खरीदने की जरूरत नहीं पड़ेगी, जिससे आर्थिक बचत के साथ-साथ बिजली आपूर्ति में स्थिरता भी बनी रहेगी।
परियोजना का निर्माण कार्य बिहार नवीकरणीय ऊर्जा विकास एजेंसी (BREDA) की निगरानी में हो रहा है। कंपनी के वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा समय-समय पर परियोजना की प्रगति की समीक्षा की जा रही है और निर्माण एजेंसी को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि इसे गुणवत्ता के साथ समय पर पूरा किया जाए। कंपनी ने इस परियोजना को बिहार की सबसे महत्वाकांक्षी ऊर्जा परियोजनाओं में से एक बताया है, जो राज्य को ऊर्जा आत्मनिर्भरता की ओर ले जाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
परियोजना से स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी उत्पन्न हो रहे हैं, जिससे लखीसराय और आस-पास के क्षेत्रों के युवाओं को तकनीकी प्रशिक्षण और रोज़गार प्राप्त हो रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रकार की हरित ऊर्जा परियोजनाएँ राज्य के पर्यावरण संरक्षण और टिकाऊ विकास में अहम भूमिका निभाएँगी। कजरा सोलर पावर प्रोजेक्ट सिर्फ एक बिजली संयंत्र नहीं, बल्कि बिहार के ऊर्जा भविष्य की एक नई उम्मीद है, जो पर्यावरण के अनुकूल और आर्थिक रूप से लाभकारी समाधान प्रदान करेगा।



