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गंगा पर विकास की नई राह: बिहार के 3 जिलों में बनेंगे 6 पीपा पुल, गांव-शहर की दूरी होगी खत्म

Bihar News: गंगा नदी के किनारे बसे लाखों लोगों के लिए एक बड़ी राहत की खबर है। पटना, भोजपुर और वैशाली में बनने वाले नए पीपा पुल न सिर्फ आवागमन को आसान बनाएंगे, बल्कि ग्रामीण इलाकों की जिंदगी भी बदल सकते हैं। आखिर कहां-कहां बनेंगे ये पुल...

1st Bihar Published by: First Bihar Updated May 05, 2026, 10:37:19 AM

गंगा पर विकास की नई राह: बिहार के 3 जिलों में बनेंगे 6 पीपा पुल, गांव-शहर की दूरी होगी खत्म

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Bihar News: बिहार में अब गंगा के दोनों किनारों पर रहने वाले लोगों के लिए आवाजाही और भी आसान होने वाली है। राज्य के बिहार के तीन प्रमुख जिलों—पटना, भोजपुर और वैशाली—में गंगा नदी पर कुल 6 पीपा पुल बनाए जाने की तैयारी तेज हो गई है। जल परिवहन विभाग इस महत्वाकांक्षी योजना को जमीन पर उतारने में जुटा है और कई स्थानों पर टेंडर प्रक्रिया भी शुरू हो चुकी है।


इन पीपा पुलों के निर्माण का मकसद सिर्फ आवागमन को आसान बनाना नहीं, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करना और स्थानीय व्यापार को नई गति देना भी है। खासकर उन इलाकों के लिए यह योजना बेहद अहम मानी जा रही है, जहां लोग आज भी नाव के सहारे गंगा पार करते हैं।


पटना जिले में सबसे अधिक चार पीपा पुल बनाए जाएंगे, जबकि भोजपुर और वैशाली में एक-एक पुल का निर्माण प्रस्तावित है। विभाग द्वारा इन सभी स्थानों को चिन्हित कर लिया गया है और चरणबद्ध तरीके से निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा। भोजपुर के मौजमपुर में बनने वाला पुल सबसे लंबा होगा, जिसकी लंबाई लगभग 1034 मीटर तय की गई है।


वहीं वैशाली के चकौशन में करीब 935 मीटर लंबा पीपा पुल बनेगा। पटना में दानापुर, ग्यासपुर और कच्ची दरगाह जैसे महत्वपूर्ण स्थानों पर भी पुल निर्माण की योजना है। कच्ची दरगाह में बनने वाला पीपा पुल करीब 943 मीटर से अधिक लंबाई का होगा, जिसके लिए टेंडर प्रक्रिया जल्द शुरू होने की बात कही जा रही है।


इन पुलों के बनने से गंगा के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में रहने वाले किसानों को सबसे ज्यादा फायदा मिलेगा। अब उन्हें खेतों तक पहुंचने के लिए नाव का सहारा नहीं लेना पड़ेगा, बल्कि वे आसानी से खाद, बीज और कृषि उपकरण लेकर सीधे अपने खेत तक जा सकेंगे। इससे खेती-किसानी में समय और लागत दोनों की बचत होगी।


इसके अलावा, बड़े पुलों पर अक्सर लगने वाले जाम की समस्या से भी राहत मिलेगी। छोटे वाहन इन पीपा पुलों का उपयोग कर वैकल्पिक रास्ता अपना सकेंगे, जिससे ट्रैफिक का दबाव कम होगा। स्थानीय लोगों के लिए यह पुल शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के अवसरों तक पहुंच को भी आसान बनाएंगे।