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बिहार सरकार के आदेश पर सियासी बवाल: हर तीन महीने में परिवार संग टूर पर जाएंगे अधिकारी-कर्मचारी, RJD ने उठाए सवाल

Bihar News: बिहार सरकार ने ‘बिहार दर्शन’ योजना के तहत अधिकारियों और कर्मचारियों को हर तीन महीने में परिवार संग दो दिन पर्यटन स्थल पर प्रवास करने का आदेश दिया है। इस फैसले पर राजनीतिक विवाद भी शुरू हो गया है।

1st Bihar Published by: FIRST BIHAR Updated May 26, 2026, 10:37:35 AM

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प्रतिकात्मक तस्वीर - फ़ोटो AI

Bihar News: बिहार सरकार ने राज्य में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए एक नई पहल ‘बिहार दर्शन’ की शुरुआत की है। इसके तहत अब राज्य के सभी अधिकारी और कर्मचारी अपने परिवार के साथ हर तीन महीने में दो दिन किसी पर्यटन स्थल पर प्रवास करेंगे। इस आदेश के बाद राजनीतिक विवाद भी खड़ा हो गया है।


सरकारी निर्देश के अनुसार, अधिकारियों और कर्मचारियों को अपने गृह जिले से बाहर किसी अन्य जिले के पर्यटन स्थल पर शुक्रवार और शनिवार को दो दिन (रात्रि सहित) रुकना होगा। सामान्य प्रशासन विभाग के अपर मुख्य सचिव डॉ. बी. राजेंदर ने प्रमंडलीय आयुक्त, डीएम, एसपी सहित सभी विभागीय प्रमुखों को इस संबंध में दिशा-निर्देश जारी किए हैं।


सरकार का कहना है कि इस पहल का उद्देश्य बिहार के पर्यटन स्थलों को बढ़ावा देना और राज्य की सभ्यता व संस्कृति से लोगों को परिचित कराना है। योजना के तहत अधिकारी और कर्मचारी अपने प्रवास के दौरान आसपास के कम से कम तीन पर्यटन स्थलों का भ्रमण करेंगे और वहां रात्रि विश्राम करेंगे। इस दौरान वे किसी भी प्रकार की सरकारी बैठक या कार्यालय कार्य में शामिल नहीं होंगे।


प्रवास के बाद अधिकारी फोटो, अनुभव, स्थल की जानकारी और सुझाव सहित एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार करेंगे, जिसे जिला अधिकारी, प्रमंडलीय आयुक्त और संबंधित विभाग को सौंपा जाएगा। इस अवधि को आधिकारिक ड्यूटी का हिस्सा माना जाएगा। रिपोर्ट संकलन के लिए नोडल अधिकारी भी नियुक्त किए जाएंगे। इसके साथ ही पर्यटन विभाग, जिला प्रशासन और वन विभाग को होम स्टे जैसी सुविधाएं विकसित करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि पर्यटन स्थलों को और आकर्षक बनाया जा सके।


इस आदेश के बाद राजनीतिक विवाद शुरू हो गया है। राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के प्रवक्ता मृत्युंजय तिवारी ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि यह निर्णय समझ से परे है और सरकार अपनी नाकामी छिपाने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि जब बाहर से पर्यटक बिहार नहीं आ रहे हैं, तो सरकार अपने ही अधिकारियों को पर्यटन स्थलों पर भेज रही है। इससे कामकाज प्रभावित होगा और राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति पर भी सवाल उठते हैं।