Hindi News / bihar / patna-news / भ्रष्टाचार पर ‘नाखून कटवाकर शहीद’ वाली कार्रवाई ? सरकार खुद मान रही- EOU...

भ्रष्टाचार पर ‘नाखून कटवाकर शहीद’ वाली कार्रवाई ? सरकार खुद मान रही- EOU केस में आरोप अति गंभीर...पटना के इस CO को सिर्फ 1 इंक्रीमेंट रोकने की सजा

राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने अवैध बालू खनन और आय से अधिक संपत्ति मामले में संदिग्ध भूमिका वाले पालीगंज के तत्कालीन अंचल अधिकारी राकेश कुमार पर विभागीय कार्रवाई पूरी कर दी है। विभाग ने आरोपों को गंभीर माना, लेकिन सजा के तौर पर.....

1st Bihar Published by: Viveka Nand Updated Jun 17, 2026, 1:33:04 PM

Bihar News, Bihar Corruption News, Revenue and Land Reforms Department, Paliganj CO Rakesh Kumar, Illegal Sand Mining Bihar, Economic Offences Unit Bihar, Bihar CO Action, Bihar Revenue Department, Co

- फ़ोटो Google

Bihar News: बिहार में भ्रष्ट अधिकारियों के खिलाफ सिर्फ दिखावे की कार्रवाई होती है. आर्थिक अपराध इकाई या फिर निगरानी ब्यूरो भ्रष्ट अफसरों के खिलाफ कार्रवाई करती है, पर विभाग के स्तर से मुकम्मल कार्रवाई नहीं हो पाती, लिहाजा करप्शन में लिप्त सरकारी सेवकों का मनोबल गिरने की बजाय और बढ़ जाता है. विभाग एक तरफ मानती है कि करप्शन केस से संबंधित आरोप की प्रकृति काफी गंभीर है. इसके बाद सजा क्या मिलती है..."संचयी प्रभाव के साथ 01 (एक) वेतनवृद्धि पर रोक का दण्ड". इतने गंभीर आरोप में इस तरह की सजा से क्या अपेक्षा की जा सकती है.  

राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग नाखून कटवाकर शहीद बताना चाहता है. विभागीय मंत्री इन दिनों अंचलाधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की बातें कर रहे. बता रहे कि उनके कार्यकाल में लापरवाह और भ्रष्ट सीओ के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो रही. अब किस तरह की सख्त कार्रवाई हो रही...बानगी देखिए.....

पटना जिले के पालीगंज अंचल के तत्कालीन अंचल अधिकारी राकेश कुमार के विरूद्ध बालू का अवैध खनन, भंडारण एवं परिवहन में प्रथम दृष्टया संलिप्तता पाया गया. बालू उत्खनन का कार्य बंद होने के बाद भी कुछ जगहों पर अवैध बालू का उत्खनन एवं गैर कानूनी व्यापार से संबंधित शिकायतें मिली थी. इस आलोक में आर्थिक अपराध इकाई द्वारा जाँच कराई गयी. इसके बाद अवैध उत्खनन में शामिल एवं सहयोग करने वाले पदाधिकारी /कर्मी का सरकारी एवं अन्य मोबाईल नंबरों का पता कर अनुश्रवण / सी०डी०आर० विश्लेषण किया गया. साथ ही स्थानीय एवं स्थलीय जाँच तथा आसूचना एवं सूत्रों से जानकारी प्राप्त की गयी। बालू के अवैध खनन, भंडारण एवं परिवहन में प्रथम दृष्ट्या पालींगज के तत्कालीन अंचल अधिकारी राकेश कुमार की संलिप्तता संदिग्ध पायी गई। इन आरोपों को लेकर अंचल अधिकारी राकेश कुमार को 26 जुलाई 2021 को निलंबित किया गया. इसके बाद विभागीय कार्यवाही शुरू की गई। 

आरोप पत्र में आय से अधिक संपति का उल्लेख नहीं किया गया. यद्यपि साक्ष्य के रूप में आय से अधिक परिसंपत्ति की परिगणना की विवरणी संलग्न किया गया. संचालन पदाधिकारी द्वारा अपने जाँच प्रतिवेदन में अंकित किया गया है कि आरोप का विषय-वस्तु पुलिस अनुसंधान अन्तर्गत एवं आर्थिक अपराध इकाई की प्रक्रिया अन्तर्गत है, जिस कारण आरोप पत्र के संबंध में विभागीय कार्यवाही संचालन के द्वारा आरोप संख्या-02, 03 एवं 04 के प्रमाणित अथवा अप्रमाणित होने के निष्कर्ष पर नहीं पहुँचा जा सकता है। 

आर्थिक अपराध इकाई की जाँच रिपोर्ट में अवैध बालू के उत्खनन / परिवहन के कारोबार में आरोपी पदाधिकारी की भूमिका संदिग्ध प्रतिवेदित की गई. साथ ही आरोपी पदाधिकारी के विरूद्ध आय से अधिक संपति अर्जित करने के संबंध में कांड सं0-25/2021 दिनांक 18.11.2021 दर्ज है. आरोपी पदाधिकारी ने अपने दूसरे शोकॉज के जवाब में कोई ठोस साक्ष्य / तथ्य नहीं दिया. सिर्फ यह अंकित किया गया है कि आय से 62.8 प्रतिशत अधिक की संपति अर्जित किए जाने संबंधी आर्थिक अपराध ईकाई के आरोपों को साक्ष्यविहीन तथा एकपक्षीय है.  

राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने पालीगंज के तत्कालीन अंचल अधिकारी राकेश कुमार के जवाब से संतुष्ट नहीं हुआ। विभाग ने माना कि आरोप की प्रकृति काफी गंभीर श्रेणी की है। इसके बाद अनुशासनिक प्राधिकार ने आरोपी पदाधिकारी के विरुद्ध "संचयी प्रभाव के साथ 01 (एक) वेतनवृद्धि पर रोक का दण्ड" अधिरोपित करने का निर्णय लिया.राकेश कुमार, तत्कालीन अंचल अधिकारी, पालीगंज, सम्प्रति चकबंदी पदाधिकारी, बिहियाँ, भोजपुर के खिलाफ "संचयी प्रभाव के साथ 01 (एक) वेतनवृद्धि पर रोक का दण्ड" अधिरोपित ककरते हुए विभागीय कार्यवाही समाप्त कर दी गई।