1st Bihar Published by: First Bihar Updated Apr 16, 2026, 12:51:26 PM
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BIHAR NEWS : केंद्रीय जांच एजेंसी Central Bureau of Investigation (CBI) ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए लंबे समय से फरार चल रहे कुख्यात अपराधी भोला सिंह उर्फ गौतम कुमार उर्फ अमित शर्मा को गिरफ्तार कर लिया है। यह गिरफ्तारी 13 अप्रैल 2026 को Surat से की गई, जहां वह फर्जी पहचान के साथ रह रहा था। इस कार्रवाई को एजेंसी की बड़ी सफलता माना जा रहा है।
CBI के मुताबिक, यह मामला वर्ष 2014 में Kolkata के दो निवासियों के अपहरण से जुड़ा है, जो आज तक लापता हैं। 14 जुलाई 2014 को हुए इस सनसनीखेज अपहरण मामले की जांच बाद में हाईकोर्ट के आदेश पर CBI को सौंप दी गई थी। जांच के दौरान भोला सिंह की भूमिका सामने आई थी, जिसके बाद से वह लगातार फरार चल रहा था।
जांच एजेंसी ने बताया कि आरोपी पिछले करीब 11 वर्षों से कानून से बचता फिर रहा था और अपनी पहचान छिपाने के लिए अलग-अलग नामों का इस्तेमाल कर रहा था। सूरत में वह ‘अमित शर्मा’ के नाम से फर्जी दस्तावेजों के जरिए रह रहा था। CBI को गुप्त सूचना मिली, जिसके आधार पर एक सुनियोजित ऑपरेशन चलाया गया और उसे उसके ठिकाने से गिरफ्तार कर लिया गया।
सूत्रों के अनुसार, भोला सिंह बिहार पुलिस के लिए भी एक वांछित अपराधी है। उसके खिलाफ कुल 11 आपराधिक मामले दर्ज हैं, जिनमें अपहरण, हत्या, हत्या का प्रयास, अवैध हथियार रखने और विस्फोटक पदार्थ रखने जैसे गंभीर आरोप शामिल हैं। उसकी गिरफ्तारी से कई राज्यों की पुलिस को राहत मिली है।
CBI अधिकारियों ने बताया कि आरोपी को सूरत की स्थानीय अदालत में पेश किया जाएगा, जहां से उसे ट्रांजिट रिमांड पर कोलकाता ले जाने की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। इसके बाद उसे कोलकाता की सक्षम अदालत में पेश कर पुलिस रिमांड पर लेने की मांग की जाएगी, ताकि उससे गहन पूछताछ की जा सके।
जांच एजेंसी का मानना है कि भोला सिंह से पूछताछ के दौरान इस पुराने अपहरण मामले के कई अहम राज खुल सकते हैं। साथ ही, यह भी उम्मीद जताई जा रही है कि लापता दोनों व्यक्तियों के बारे में कोई महत्वपूर्ण सुराग मिल सकता है। यह केस पिछले कई वर्षों से अनसुलझा था और अब आरोपी की गिरफ्तारी से जांच को नई दिशा मिलने की संभावना है।
CBI की टीम अब इस मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की भी गहराई से जांच करेगी। एजेंसी यह भी पता लगाने की कोशिश करेगी कि आरोपी इतने लंबे समय तक कैसे फरार रहा और किन-किन लोगों ने उसे शरण दी। इसके अलावा फर्जी दस्तावेज बनाने वाले नेटवर्क की भी जांच की जा सकती है।
भोला सिंह मूल रूप से बिहार के पटना जिले के पंडारख का रहने वाला है। उस पर बिहार पुलिस ने पहले से ही इनाम घोषित कर रखा है। इतना ही नहीं पटना के शास्त्रीनगर में एक चर्चित हत्याकांड के मामले में अंतिम बार पटना पुलिस ने उसे वर्ष 2012 में वाराणसी से गिरफ्तार किया था। जेल से छूटने के बाद वह पुलिस के हाथ नहीं आया। वर्ष 2022 में पुलिस ने भोला के पंडाराख स्थित पैतृक आवास पर कुर्की जब्ती की थी। इतना ही भोला सिंह की पुरानी अदावत मोकामा के बाहुबली विधायक अनंत सिंह से ही रही है। हालांकि हाल के समय में दोनों की बीच किसी प्रकार की तकरार नहीं हुई है।