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Bihar Crime : CM सम्राट चौधरी का एलान, सुल्तानगंज EO हत्याकांड में परिवार को मिलेगी सरकारी नौकरी; “वीर” कहकर दी श्रद्धांजलि

भागलपुर के चर्चित सुल्तानगंज EO कृष्ण भूषण कुमार हत्याकांड के बाद मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पीड़ित परिवार से मुलाकात की। सरकार ने पत्नी को नौकरी, सुरक्षा और हरसंभव सहायता देने का भरोसा दिया।

1st Bihar Published by: First Bihar Updated May 15, 2026, 10:46:02 AM

Bihar Crime : CM सम्राट चौधरी का एलान, सुल्तानगंज EO हत्याकांड में परिवार को मिलेगी सरकारी नौकरी; “वीर” कहकर दी श्रद्धांजलि

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Bihar Crime : भागलपुर के चर्चित सुल्तानगंज नगर परिषद कार्यपालक पदाधिकारी (ईओ) कृष्ण भूषण कुमार हत्याकांड के बाद बिहार की राजनीति और प्रशासनिक हलकों में लगातार हलचल बनी हुई है। इसी कड़ी में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने शुक्रवार को दिवंगत ईओ के परिजनों से मुलाकात कर उन्हें हरसंभव सरकारी सहायता का भरोसा दिलाया। मुख्यमंत्री ने पीड़ित परिवार को सांत्वना देते हुए कहा कि राज्य सरकार इस दुख की घड़ी में पूरी मजबूती के साथ उनके साथ खड़ी है और परिवार को न्याय दिलाने के लिए हर जरूरी कदम उठाए जाएंगे।


मुख्यमंत्री ने दिवंगत अधिकारी की पत्नी शालू कुमारी और अन्य स्वजनों से मुलाकात के दौरान उनकी समस्याओं और चिंताओं को गंभीरता से सुना। उन्होंने आश्वासन दिया कि नियमानुसार शालू कुमारी को सरकारी नौकरी उपलब्ध कराई जाएगी, ताकि परिवार का भविष्य सुरक्षित रह सके। इसके अलावा बच्चों की शिक्षा, परिवार के भरण-पोषण और सुरक्षा को लेकर भी सरकार विशेष ध्यान देगी।


मुख्यमंत्री ने इस मुलाकात की तस्वीर अपने एक्स हैंडल पर साझा करते हुए दिवंगत ईओ कृष्ण भूषण कुमार को ‘वीर अधिकारी’ बताया। उन्होंने लिखा कि अपराधियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी और पीड़ित परिवार को किसी प्रकार की परेशानी नहीं होने दी जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार संवेदनशीलता के साथ परिवार के हर दुख-दर्द में सहभागी बनेगी।


गौरतलब है कि 28 अप्रैल की शाम सुल्तानगंज नगर परिषद कार्यालय में उस समय सनसनी फैल गई थी, जब नकाबपोश अपराधियों ने कार्यालय में घुसकर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी थी। इस हमले में कार्यपालक पदाधिकारी कृष्ण भूषण कुमार की मौके पर ही मौत हो गई थी, जबकि नगर परिषद सभापति राजकुमार उर्फ गुड्डू गंभीर रूप से घायल हो गए थे। उन्हें इलाज के लिए पटना ले जाया गया, जहां 11 दिनों तक जिंदगी और मौत से जूझने के बाद उन्होंने भी दम तोड़ दिया।


इस दोहरे हत्याकांड ने पूरे बिहार में कानून-व्यवस्था को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए थे। घटना के बाद पुलिस और प्रशासन पर अपराधियों की जल्द गिरफ्तारी का भारी दबाव था। जांच के दौरान पुलिस ने मामले के मुख्य आरोपितों में शामिल नगर परिषद उपसभापति के पति रामधनी यादव को मुठभेड़ में मार गिराया। पुलिस का दावा था कि रामधनी यादव गिरफ्तारी से बचने के लिए पुलिस टीम पर हमला कर रहा था, जिसके जवाब में हुई कार्रवाई में वह मारा गया।


रामधनी यादव की मौत के बाद प्रशासन ने उसके घर पर बुलडोजर कार्रवाई भी की थी। इस कार्रवाई को लेकर राजनीतिक गलियारों में काफी चर्चा हुई। विपक्षी दलों ने सरकार पर सवाल उठाए, जबकि प्रशासन ने इसे अपराध के खिलाफ सख्त कार्रवाई बताया।


मुख्यमंत्री से मुलाकात के दौरान पीड़ित परिवार ने अपनी सुरक्षा, बच्चों के भविष्य और आर्थिक स्थिति को लेकर चिंता जाहिर की। मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि सरकार परिवार को हर संभव सहायता देगी और दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि बिहार में अपराध और भ्रष्टाचार के खिलाफ सरकार की कार्रवाई लगातार जारी रहेगी तथा कानून का राज कायम रखने के लिए कठोर कदम उठाए जाएंगे।