PATNA: पटना नगर निगम के मेयर पुत्र के आतंक का अब अंत होते दिख रहा है. मेयर पुत्र बम-बंदूक और बाउंसर के सहारे गुंडागर्दी करना चाहते थे लेकिन निगम प्रशासन ने उनकी हेकड़ी निकाल दी है. निगम आयुक्त ने साफ कहा है कि हथियार से विचारों को दबाया नहीं जा सकता. दरअसल, शुक्रवार को पटना नगर निगम की बैठक में मेयर पुत्र हथियार और बाउंसर्स के साथ मीटिंग में आकर पार्षदों से गाली-गलौज औऱ मारपीट की थी. विवाद बढ़ने के बाद मेयर पुत्र शिशिर के पटना नगर निगम कार्यालय एवं बैठक में आने पर रोक लगा दी गयी है. इधर, निगम कमिश्नर ने आज प्रेस कांफ्रेंस कर कहा कि निगम में सफाई अभियान जारी रहेगा. बम-बंदूक और बाउंसर से विचार को दबाया नहीं जा सकता.
हम लोग आशा करते हैं कि सन्मति जल्दी आए नहीं तो....।
पटना नगर निगम में विवाद के बाद कमिश्वर आईएएस अधिकारी अनिमेष कुमार पराशर ने कहा है कि निगम में सफाई अभियान में लगातारा जारी है. स्वच्छता अभियान दो तरह का होते हैं. एक तो सफाई अभियान और दूसरा जो गलत चीज है,दोनों का. गलत चीजों का सभ्य समाज में जगह नहीं है. कल नगर निगम की जो मीटिंग थी, जिसमें पटना के बाहर के अपराधी बुलाये गए। आर्म्स के साथ अपराधी बुलाए गए. हम लोग सत्यापन करा रहे हैं. देश गांधी जी का देश है. गांधीजी तो यही बोले थे कि सबको सन्मति दे भगवान. हम लोग आशा करते हैं कि सन्मति जल्दी आए नहीं तो....। यह गांधी जी का देश है. हथियार से विचार की शक्ति को कम नहीं कर सकते, विचार में बहुत ताकत होती है .
नगर निगम की मीटिंग में आये अपराधियों की हो रही पहचान
उन्होंने आगे कहा कि निगम की बैठक में आये अपराधियों को चिन्हित किया जा रहा है. निगम लोकतंत्र का मंदिर है. वैसे जगह में बाउंसर और हथियार के साथ लोग पहुंचे, कौन आदमी थे, कहां से आए थे ,कौन लेकर आए थे? पूरी पड़ताल की जा रही है. निश्चित रूप से नगर निगम में सफाई अभियान जारी रहेगा. हथियार की ताकत पर जो विश्वास करने वाले लोग हैं, उन्हें विचार के आगे झुकना पड़ेगा.
बाउंसर को मैंने तो नहीं बुलाया था. हथियार तो मैं लेकर चलता नहीं हूं- कमिश्नर
विवाद के बाद निगम कमिश्नर ने सीता साहू के बेटे शिशिर का नाम लिए बिना कहा कि बाउंसर को मैंने तो नहीं बुलाया था. हथियार तो मैं लेकर चलता नहीं हूं. यह गांधी जी का देश है. मीटिंग में बाउंसर और हथियार लेकर आना इसकी इजाजत नहीं दी जा सकती. बम- बंदूक- बाउंसर और पिस्तौल की कोई जगह नहीं है. हम लोग पूरी जांच करवा रहे हैं. अगर यह आदमी समझ रहे हैं कि बम बंदूक और बाउंसर से बैठक को प्रभावित कर लेंगे तो वह भूल कर रहे हैं.
नगर निगम के दफ्तर और बैठक में प्रवेश पर रोक
पटना नगर निगम की ओर से शुक्रवार को जारी पत्र में कहा गया है कि ऐसी परिस्थिति में शिशिर कुमार को नगर निगम के कार्यालय और बैठक में घुसने से प्रतिबंधित किया जा रहा है. नगर निगम प्रशासन ने कहा है कि निगम बोर्ड की 9वीं बैठक में शिशिर कुमार द्वारा वार्ड पार्षदों के साथ दुर्यव्यवहार (गाली गलौज एवं हाथापाई) की गई है. गौरतलब है कि शिशिर कुमार पर कई प्रकार के अपराधिक मुकदमे भी चल रहे है. इसलिए पटना नगर निगम की सभी गतिविधियों में इनकी उपस्थिती पर रोक लगाई जाती है.
डीएम को लिखा गया पत्र
पटना नगर निगम के आयुक्त ने शिशिर कुमार पर निषेधाज्ञा के लिए जिलाधिकारी को पत्र लिखा है. जिलाधिकारी को बताया गया है कि पटना नगर निगम की सशक्त स्थाई समिती और बोर्ड की बैठक के साथ ही निगम के कार्यक्रमों और कार्यालय में वे हथियार और दल बल के साथ मौजूद होते है. शिशिर कुमार ने पहले भी नगर निगम के कार्यों में हस्तक्षेप और पदाधिकारियों एवं कर्मचारियों पर अनावश्यक दबाव बनाया है.
हथियार का खुला प्रदर्शन
पटना नगर निगम की औऱ से लिखे गये पत्र में कहा गया है कि मेयर सीता साहू के बेटे शिशिर कुमार मौर्यालोक परिसर स्थिति पटना नगर निगम मुख्यालय और निगम के बैठक/कार्यक्रम स्थलों में निजी अंगरक्षकों (बाउंसर) के साथ पहुँचते हैं. उनके बाउंसर्स द्वारा नियमानुसार आर्म्स का ढंक कर नहीं रखा जाता है. हथियार का खुला प्रदर्शन किया जाता है, जिससे कार्यालय कर्मियों में डर का माहौल बना रहता है.
शिशिर के खिलाफ कई अपराधिक मामले दर्ज
बता दें कि मेयरपुत्र शिशिर के उपर पहले से ही कई गंभीर मामले दर्ज हैं. शिशिर के खिलाफ पटना के आलमगंज थाना में काण्ड संख्या-511/24 में हत्या का मुकदमा दर्ज हैं. इससे पहले आलमगंज थाना में काण्ड संख्या-232/23 में नगर निगम के डाटा एंट्री ऑपरेटर रजनीश कुमार के साथ मार-पीट का मुकदमा दर्ज है. उप नगर नगर आयुक्त श्री रामाशीष शरण तिवारी ने शिशिर कुमार के खिलाफ कोतवाली थाना कांड सं0-207/25 में को गाली ग्लौज और मार-पीट करने से संबंधित मुकदमा दर्ज है. शिशिर के खिलाफ महिलाओं से अभद्रता, नौकरी से हटाने की धमकी देने, महिला पार्षद से छेड़खानी करने और भू माफिया होने जैसे कई गंभीर आरोप लग चुके हैं.
एफआईआर दर्ज करने की अनुशंसा
नगर निगम प्रशासन ने जिलाधिकारी से गुहार लगायी है कि शिशिर कुमार के निजी अंगरक्षकों (बाउंसर्स) के नाम, पता, उसके अपराधिक इतिहास और आर्म्स लाइसेंस का सत्यापन जरूरी प्रतीत होता है. इसके साथ हीं भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNS) की सुंसगत धाराओं के तहत् कार्रवाई करने की मांग की गयी है. नगर आय़ुक्त ने कहा है कि निगम कार्यालय और निगम की बैठक स्थलों पर शिशिर कुमार और उनके निजी अंगरक्षकों की उपस्थिति पर प्रतिबंध लगाया जाना भी जरूरी है. जिससे कि भयमुक्त वातावरण में नगर निगम का काम चल सके.
बता दें कि पटना नगर निगम की बैठक में आज जोरदार हंगामा हुआ. पटना की मेयर नियमों को ताक पर रखकर कुछ प्रस्ताव पारित कराना चाह रही थी. इसके खिलाफ निगम पार्षदों ने भारी हंगामा कर दिया. जमकर गाली-गलौज और हाथापाई हुई, कुर्ते फाड़ दिये गये. लेकिन सबसे अहम बात ये थी कि पटना की मेयर का बेटा शिशिर कुमार बिना किसी अधिकार के नगर निगम की बैठक में पहुंचा हुआ था. शिशिर कुमार का वीडियो सामने आया है, जिसमें वह पार्षदों को मां-बहन की गालियां देते हुए औऱ हाथापाई करते हुए दिख रहा है. शिशिर कुमार बीजेपी का नेता भी है. वह बीजेपी की प्रदेश कार्यसमिति का सदस्य है. शिशिर कुमार नगर निगम से किसी तरह से संबद्ध नही है. लेकिन वह शुक्रवार को हुई नगर निगम की बैठक के अंदर नजर आया.
मेयरपुत्र ने पार्षदों को दी भद्दी-भद्दी गालियां
आज पटना के एक होटल में नगर निगम की बैठक बुलाई गयी थी. वहां मेयर ने नियमों को ताक पर रख कर कुछ प्रस्ताव पारित कराने की कोशिश की. इसके बाद बैठक में भारी बवाल हो गया. पार्षदों के एक बड़े समूह ने मेयर के प्रस्ताव का विरोध किया. इसके बाद बैठक में भारी हंगामा मच गया. पार्षदों के बीच हाथापाई, गाली-गलौज हुई. कुछ पार्षदों के कुर्ते फाड़ डाले गये.
इन वाकयों के दौरान मेयरपुत्र शिशिर कुमार भी मौजूद था. फर्स्ट बिहार के पास वीडियो है, जिसमें साफ दिख रहा है कि शिशिर कुमार वार्ड पार्षदों को मां-बहन की भद्दी गालियां दे रहा है. वह हाथापाई करता हुआ भी नजर आ रहा है. उसके साथ कई बाहरी लोग भी दिख रहे हैं, जो निगम पार्षद नहीं हैं.
पटना नगर निगम द्वारा इसके लिये निषेधाग्या हेतु जिलाधिकारी को पत्र लिखा गया है। इसके साथ ही माननीया महापौर पुत्र श्री शिशिर कुमार एवं उनके निजी अंगरक्षकों (बाउंसरों) का अपराधिक इतिहास का सत्यापन के साथ-साथ भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (ठछैै) के सुंसगत धाराओं के तहत् कार्रवाई करने तथा निगम कार्यालय एवं निगम के बैठक/कार्यक्रम स्थलों पर प्रतिबंध लगाने का आग्रह किया गया।



