बिहार विधानसभा में एक संवेदनशील मुद्दे को लेकर चर्चा हुई, जिसमें एक कब्रिस्तान की सुरक्षा और घेराबंदी की मांग को लेकर विपक्षी विधायक ने सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि इस मामले में विधायक निधि का पैसा नहीं दिया जा रहा है, जबकि यह धार्मिक और सामाजिक दृष्टि से बेहद संवेदनशील मामला है। विधायक ने स्पष्ट किया कि कम से कम उन्हें अनुमति मिलनी चाहिए ताकि कब्रिस्तान की घेराबंदी कराई जा सके।
इस पर सरकार की ओर से स्पष्ट किया गया कि मुख्यमंत्री क्षेत्रीय विकास योजना (CMRD) के तहत यदि विधायक चाहें तो इस तरह के कार्य कर सकते हैं। हालांकि, इस योजना में कब्रिस्तान की घेराबंदी जैसी मांग सीधे तौर पर शामिल नहीं थी। विधायक ने बताया कि जब उन्होंने संबंधित अधिकारियों के पास यह मामला रखा तो उन्हें कहा गया कि यह मामला मुख्यमंत्री क्षेत्रीय विकास सूची में शामिल नहीं है, इसलिए फिलहाल इसे पूरा करना संभव नहीं है।
विधायक ने इस पर जोर देते हुए कहा कि यह मामला धार्मिक और सामाजिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है और इसे अनदेखा नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने सुझाव दिया कि सूची को अपडेट कर इस संवेदनशील मामले को शामिल किया जाए। इसके बाद सरकार ने आदेश जारी कर सूची में बदलाव करने और इस मामले को प्राथमिकता से पूरा कराने का निर्देश दिया।
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया कि मुख्यमंत्री क्षेत्रीय विकास योजना का उद्देश्य क्षेत्रीय विकास और जनता की मूलभूत समस्याओं का समाधान करना है। इस योजना में विधायक की भूमिका महत्वपूर्ण है क्योंकि वे अपने क्षेत्र की आवश्यकताओं और संवेदनशील मामलों को सरकार तक पहुंचा सकते हैं।
इस मामले में विधायक ने कहा कि सूची को अपडेट कराना केवल कागजी कार्रवाई नहीं, बल्कि समाज की भावनाओं और सुरक्षा की दृष्टि से आवश्यक कदम है। इसके बाद सरकार ने शासन जारी कर सभी संबंधित विभागों को निर्देश दिया कि कब्रिस्तान की घेराबंदी कार्य को शीघ्र पूरा कराया जाए।




