Patna News: खबर बिहार की राजधानी पटना से है, जहां सिविल कोर्ट में सोमवार को पुलिस और वकील के बीच तकरार का मामला सामने आया। दरअसल, सीजेएम पटना के कोर्ट में पीरबोहर थाने की पुलिस वकील जयप्रकाश को छेड़खानी के आरोप में गिरफ्तार करके ले आई। इस पर वकील समुदाय ने कड़ी आपत्ति जताई और विरोध प्रदर्शन किया।
वकीलों का कहना था कि बिना अग्रसारण रिपोर्ट (FIR) और कस्टडी वारंट के आरोपित वकील जयप्रकाश को अदालत में पेश करना गलत था। वकील समुदाय ने इसे पुलिस की तानाशाही करार दिया और कहा कि पुलिस ने बिना किसी ठोस आधार के वकील को फंसाया है। वहीं पुलिस के मुताबिक, जयप्रकाश पर चेकपोस्ट पर तैनात एक पुलिसकर्मी ने छेड़खानी का आरोप लगाया था।
हालांकि, वकील समुदाय का आरोप था कि जयप्रकाश ने किसी प्रकार की छेड़खानी नहीं की थी और वह तो बस पुलिस की बदसलूकी का विरोध कर रहे थे। बताया जा रहा है कि वकील जयप्रकाश ने रविवार शाम को कुल्हाड़ियां के पास ट्रैफिक पुलिसकर्मियों को एक ऑटो चालक के साथ बदसलूकी करते हुए देखा और इसका विरोध किया। उन्होंने इसका वीडियो भी बनाना शुरू कर दिया, जो पुलिसकर्मियों को नागवार गुजरा और उन्होंने जयप्रकाश को पकड़ लिया।
इसके बाद पुलिसकर्मियों ने उनकी पिटाई की और रातभर उन्हें थाने में रखा। वकील जयप्रकाश ने आरोप लगाया कि पुलिस ने उन्हें थाने में टॉर्चर किया और गलत तरीके से पेश आया। वकील ऋषिकेश नारायण सिन्हा ने भी इस घटना पर चिंता व्यक्त करते हुए बताया कि वकील जयप्रकाश के साथ पुलिस ने बहुत ही अमानवीय व्यवहार किया।
इस मामले को लेकर पुलिस प्रशासन द्वारा स्थिति को संभालने के लिए टाउन एएसपी दीक्षा कुमारी मौके पर पहुंची और वकीलों को समझाने की कोशिश की। वकील समुदाय ने इस मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है और इसे लेकर अधिकारियों से कार्रवाई की उम्मीद जताई है।



