1st Bihar Published by: FIRST BIHAR Updated May 01, 2026, 9:49:53 AM
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India Nepal Border Bihar: भारत-नेपाल सीमा से जुड़े त्रिवेणी नाका पर अब नेपाल में प्रवेश के लिए स्वास्थ्य जांच अनिवार्य कर दी गई है। गंडकी प्रदेश सरकार ने संक्रामक बीमारियों के प्रसार को रोकने और स्वास्थ्य सुरक्षा मजबूत करने के उद्देश्य से यह कड़ा निर्णय लिया है। इसके तहत भारत से नेपाल जाने वाले सभी यात्रियों की स्क्रीनिंग अनिवार्य होगी।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि नेपाल के अंदर 6 किलोमीटर से अधिक यात्रा करने वाले लोगों पर विशेष निगरानी रखी जाएगी। यात्रियों की सुविधा के लिए त्रिवेणी नाका पर स्थायी स्वास्थ्य सहायता कक्ष स्थापित किया जा रहा है, जहां स्वास्थ्यकर्मी सुबह 6 बजे से शाम 6 बजे तक तैनात रहेंगे।
जांच प्रक्रिया केवल पूछताछ तक सीमित नहीं होगी, बल्कि जरूरत पड़ने पर यात्रियों के खून के सैंपल भी लिए जाएंगे। इसका मुख्य उद्देश्य मलेरिया, डेंगू, एचआईवी और अन्य संक्रामक रोगों की समय रहते पहचान करना है।
इस व्यवस्था को लागू करने के लिए सरकार ने बजट भी स्वीकृत किया है। नवलपरासी जिला स्वास्थ्य कार्यालय के प्रमुख केशव चापागाईं के अनुसार, स्वास्थ्य मंत्रालय के निर्देश पर सहायता कक्ष के लिए 5 लाख रुपये और भवन निर्माण के लिए 6 लाख रुपये का प्रावधान किया गया है।
यह सख्ती केवल त्रिवेणी नाका तक सीमित नहीं है। उत्तर प्रदेश से सटे सोनौली बॉर्डर (कुशीनगर) और ठूठीबारी बॉर्डर (महाराजगंज) पर भी स्वास्थ्य जांच को लेकर सख्त निर्देश जारी किए गए हैं। प्रशासन का कहना है कि भविष्य में इस व्यवस्था को और अधिक आधुनिक और मजबूत बनाया जाएगा, ताकि सीमा पार होने वाले संक्रमण को प्रभावी रूप से रोका जा सके। अब नेपाल जाने वाले प्रत्येक यात्री को अनिवार्य स्वास्थ्य जांच के बाद ही आगे बढ़ने की अनुमति दी जाएगी।