1st Bihar Published by: DEEPAK RAJ Updated Jun 15, 2026, 7:31:03 PM
दो लोगों का एक ही आधार नंबर - फ़ोटो रिपोर्टर
BAHAGA: बिहार के बगहा से आधार कार्ड व्यवस्था की गंभीर तकनीकी खामी का मामला सामने आया है। यहां एक ही आधार नंबर पर दो अलग-अलग लोगों के आधार कार्ड जारी होने का दावा किया गया है। इस त्रुटि के कारण दोनों परिवार पिछले दो वर्षों से परेशान हैं और संबंधित विभागों के चक्कर लगाने को मजबूर हैं।
मामला बगहा-2 प्रखंड के गोईती गांव निवासी साहेब यादव और नगर क्षेत्र के शास्त्री नगर वार्ड-14 की छात्रा स्नेहा रश्मि से जुड़ा है। दोनों के आधार कार्ड पर नाम, फोटो और अन्य व्यक्तिगत जानकारी अलग-अलग हैं, लेकिन आधार संख्या एक ही दर्ज बताई जा रही है।
जानकारी के अनुसार, साहेब यादव वर्षों से इसी आधार नंबर का उपयोग अपने मैट्रिक प्रमाणपत्र, उच्च शिक्षा, बैंकिंग सेवाओं और अन्य सरकारी दस्तावेजों में करते आ रहे हैं। वहीं दूसरी ओर छात्रा स्नेहा रश्मि का आधार कार्ड भी उसी नंबर पर जारी हो गया, जिससे कई तरह की समस्याएं खड़ी हो गई हैं।
इस तकनीकी गड़बड़ी का सबसे अधिक असर छात्रा स्नेहा रश्मि की पढ़ाई पर पड़ रहा है। परिजनों के अनुसार आधार संबंधी समस्या के कारण छात्रा को प्रतियोगी परीक्षाओं के आवेदन भरने, शैक्षणिक दस्तावेजों के सत्यापन और अन्य आवश्यक प्रक्रियाओं में लगातार कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
वहीं साहेब यादव का कहना है कि कई बार उनके मोबाइल पर आने वाला ओटीपी दूसरे व्यक्ति के रिकॉर्ड या खाते से जुड़ा दिखाई देता है। आधार में सुधार और अपडेट कराने के लिए उन्होंने कई बार प्रयास किए, लेकिन अब तक कोई समाधान नहीं निकल पाया है।
दोनों परिवारों का आरोप है कि वे पिछले दो वर्षों से आधार केंद्रों और संबंधित विभागों के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन समस्या जस की तस बनी हुई है। शिकायतों के बावजूद न तो रिकॉर्ड में सुधार किया गया और न ही किसी एक व्यक्ति को नया आधार नंबर जारी किया गया।
पीड़ित परिवारों का कहना है कि आधार जैसी महत्वपूर्ण पहचान प्रणाली में इस प्रकार की तकनीकी त्रुटि आम लोगों के लिए बड़ी परेशानी का कारण बन रही है। उनका मानना है कि समय रहते समस्या का समाधान नहीं हुआ तो भविष्य में और भी गंभीर दिक्कतें सामने आ सकती हैं।
एक ही आधार नंबर पर दो अलग-अलग पहचान का यह मामला न केवल तकनीकी खामी को उजागर करता है, बल्कि सरकारी व्यवस्था में सुधार की जरूरत की ओर भी इशारा करता है। अब सभी की निगाहें संबंधित विभागों पर टिकी हैं कि इस गंभीर त्रुटि का समाधान कब तक किया जाता है।